PMCH में नर्सों की हड़ताल से थमी इलाज की रफ्तार, 56 सर्जरी टलीं; दवा-इंजेक्शन के लिए भटके मरीज
पीएमसीएच, पटना में नर्सों की हड़ताल से स्वास्थ्य सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हुईं, जिससे 56 बड़ी सर्जरी टालनी पड़ीं और मरीजों को दवा-इंजेक्शन के लिए भटकना पड़ा।

नर्स से मारपीट के आरोप के बाद भड़का विवाद
HighLights
पीएमसीएच में नर्सों की हड़ताल से स्वास्थ्य सेवाएं बाधित हुईं।
56 बड़ी सर्जरी टलीं, मरीजों को दवा-इंजेक्शन नहीं मिले।
जूनियर डॉक्टरों ने भी बुधवार को कार्य बहिष्कार की घोषणा की।
जागरण संवाददाता, पटना। पीएमसीएच में मंगलवार को नर्सों की हड़ताल के कारण स्वास्थ्य सेवाएं बुरी तरह प्रभावित रहीं। सुबह 10 बजे से शुरू हुए कार्य बहिष्कार के चलते अस्पताल में भर्ती मरीजों को समय पर दवा और इंजेक्शन तक नहीं मिल सके।
ऑपरेशन थिएटर में काम प्रभावित होने से 110 निर्धारित सर्जरी में से 56 बड़े ऑपरेशन टालने पड़े, जबकि 54 सर्जरी अन्य स्वास्थ्यकर्मियों की मदद से कराई गईं।
नर्स से मारपीट के आरोप के बाद भड़का विवाद
हड़ताल की वजह स्टाफ नर्स लक्ष्मी कुमारी और उनके पुत्र के साथ कथित मारपीट का मामला बना। नर्सों का आरोप है कि इलाज में लापरवाही का विरोध करने पर कुछ जूनियर डॉक्टरों ने उनके साथ मारपीट की।
दोषी चिकित्सकों पर प्राथमिकी और कार्रवाई की मांग को लेकर पीएमसीएच नर्स एसोसिएशन ने कार्य बहिष्कार का निर्णय लिया।
ओटी से आईसीयू तक चरमराई व्यवस्था
नर्सों की अनुपस्थिति का सबसे अधिक असर ऑपरेशन थिएटर, इमरजेंसी, आईसीयू, प्रसूति एवं शिशु रोग विभाग पर पड़ा।
कई वार्डों में वार्ड बॉय और अन्य स्वास्थ्यकर्मी सामान्य नर्सिंग कार्य करते नजर आए। गंभीर मरीजों के इलाज में देरी होने पर परिजनों ने नाराजगी भी जताई। वरिष्ठ डॉक्टरों ने खुद दवाएं पहुंचाकर और इंजेक्शन लगाकर व्यवस्था संभालने की कोशिश की।
स्वास्थ्य विभाग के आश्वासन पर खत्म हुई हड़ताल
अस्पताल अधीक्षक डॉ. राजीव कुमार सिंह द्वारा जांच समिति गठित करने और स्वास्थ्य विभाग की ओर से कार्रवाई का आश्वासन मिलने के बाद शाम करीब छह बजे नर्सों ने हड़ताल समाप्त कर दी। इसके बाद अस्पताल की सेवाएं धीरे-धीरे सामान्य होने लगीं।
मरीजों की बढ़ी परेशानी, ऑपरेशन टले
हड़ताल के कारण कई मरीजों की सर्जरी टल गई। ईएनटी विभाग में भर्ती एक युवती का ऑपरेशन नहीं हो सका, जबकि आर्थोपेडिक विभाग में हाथ की सर्जरी के लिए भर्ती मरीज को नई तारीख तक नहीं दी गई।
कई वार्डों में सुबह 10 बजे के बाद नर्सें नहीं पहुंचीं, जिससे मरीजों को समय पर दवाएं और इंजेक्शन नहीं मिल सके।
बुधवार को जूनियर डॉक्टर करेंगे ओपीडी बंद
नर्सों की हड़ताल समाप्त होने के बाद अब जूनियर डॉक्टरों ने बुधवार को ओपीडी, वार्ड और ऑपरेशन थिएटर सेवाओं के बहिष्कार की घोषणा की है।
जूनियर डॉक्टर्स एसोसिएशन का कहना है कि सुरक्षा, स्टाइपेंड, आधारभूत सुविधाओं की कमी और चिकित्सकों के साथ मारपीट जैसी समस्याओं को लेकर यह कदम उठाया जा रहा है। हालांकि इमरजेंसी सेवाएं जारी रखने की बात कही गई है।
