पटना, जेएनएन। PM Modi Bihar Rally: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी PM Narendra Modi) ने सोमवार को फिर बिहार में 14 हजार 258 करोड़ की परियोजनाओं (Projects) की सौगात दी। उन्‍होंने राज्य के 45 हजार 945 गांवों को ऑप्टिकल फाइबर नेटवर्क से जोड़ने वाली सेवाओं का उद्घाटन कर राज्‍य में ग्रामीण डिजिटल क्रांति का भी आरंभ किया। इसके अलावा सड़कों और पुलों से जुड़ी नौ परियोजनाओं का भी शिलान्यास किया। पीएम मोदी ने हाल के दिनों में बिहार में रेल, इन्फ्रास्ट्रक्चर, सेतु, पीने का पानी और सिंचाई से संबंधित कई परियोजनाओं का शिलान्‍यास व उद्घाटन किया है। उन्‍होंने 10 सितंबर से अब तक के 12 दिनों में बिहार को 18695 करोड़ की योजनाओं का तोहफा दिया है। प्रधानमंत्री के ये कार्यक्रम सरकारी हैं, लेकिन इन्‍हें आगामी विधानसभा चुनाव से जोड़ कर देखा जा रहा है।

आज की बात करें तो प्रधानमंत्री ने पटना में गांधी सेतु भागलपुर में विक्रमशिला सेतु के समानांतर पुल तथा पटना में रिंग रोड का शिलान्यास किया। साथ ही ग्रामीण बिहार में ऑप्टिकल फाइबर से इंटरनेट सेवा का भी तोहफा दिया।

चुनाव के नोटिफिकेशन के पहले पीएम का पांचवां कार्यक्रम

बिहार में विधानसभा चुनाव (Bihar Assembly Election) की घोषणा के पहले यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पांचवां उद्घाटन व शिलान्यास कार्यक्रम था। इस वर्चुअल कार्यक्रम में प्रधानमंत्री के साथ पटना से मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (Nitish Kumar) और उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी (Sushil Kumar Modi) भी जुड़े।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को वीडियो कॉन्फ्रेसिंग से रिमोट दबाकर पटना में गांधी सेतु तथा भागलपुर में विक्रमशिला सेतु के समानांतर और कोसी के फुलौत में फोर लेन पुल का शिलान्‍यास किया। पीएम ने 14,258 करोड़ रुपये की नौ राजमार्ग परियोजनाओं का शिलान्यास किया। प्रधानमंत्री ने कहा कि अब हर गांव इंटरनेट से जुड़ेंगे। राज्य के 45,945 गांवों को ऑप्टिकल फाइबर इंटरनेट सेवाओं से जोड़ा जाएगा। इसके लिए पीएम ने फाइबर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।

प्रधानमंत्री ने कहा कि बिहार सभी शहरों में रेल, सड़क की कनेक्टिविटी बढ़ाई जा रही है। 86 साल बाद कोसी और मिथिलांचल को मिलन 18 सितंबर को हुआ। बड़े शहरों से हवाई सेवा की शुरुआत की जा रही है। भागलपुर से भी जल्द हवाई सेवा शुरू होगी। इस पर काम तेजी से चल रहा है। पीएम ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की तारीफ की और कहा कि नीतीश जी कृषि, सड़क सहित अन्य क्षेत्रों में लगातार काम कर रहे हैं।

प्रधानमंत्री ने नए कृषि सुधार कानून से किसानों के हित में होने वाले सार्थक बदलाव की जानकारी देते हुए कहा कि इनसे कृषि मंडी समाप्‍त नहीं होंगे। साथ ही एमएसपी की व्‍यवस्‍था भी पहले की तरह चलेगी। सरकारी खरीद की व्‍यवस्‍था भी पहले की तरह चलती रहेगी। कानून की आड़ में कुछ गिरोह किसानों की मजबूरी का फायदा उठा रहे थे। इस कारण बदलाव जरूरी था।

ग्रामीण इलाकों में मिलेगा डिजिटल सेवाओं का लाभ

बिहार में संचालित सीएससी के 34 हजार 821 केंद्र अपने कार्यबल का उपयोग गांवों को ऑप्टिकल फाइबर इंटरनेट से जोड़ने को लेकर काम करेंगे। इसके तहत प्राथमिक विद्यालयों और आंगनबाड़ी केंद्रों जैसे सरकारी संस्थानों में एक वाई-फाई और पांच मुफ्त कनेक्शन की सुविधा दी जाएगी। इस परियोजना से सुदूर ग्रामीण इलाकों में भी लोगों को डिजिटल सेवाओं का लाभ मिलेगा। ये सुविधाएं 2021 के मार्च तक उपलब्ध करा दी जाएंगी। केंद्र सरकार बिहार की सभी 85 सौ पंचायतों को इंटरनेट सेवा से पहले ही जोड़ चुकी है।

सड़क और पुल से जुड़ी नौ परियोजनाओं का भी शिलान्यास

प्रधानमंत्री ने सड़कऔर पुल से जुड़ी नौ परियोजनाओं का भी शिलान्यास किया। इनमें पटना के गांधी सेतु के समानांतर व भागलपुर के विक्रमशिला सेतु के समानांतर बनने वाले फोरलेन पुल शामिल रहे। बख्तियारपुर-रजौली और आरा-मोहनिया पथ को फोर लेन बनाने की भी योजना है। नरेनपुर-पूर्णिया खंड की फोरलेनिंग के तहत 49 किमी सड़क को लिया गया। पटना के लिए बड़ी योजना पटना रिंग रोड के रामनगर-कन्हौली सेक्शन का भी प्रधानमंत्री ने शिलान्यास किया।

पटना के लिए रिंग रोड सेक्‍शन का शिलान्‍यास

पटना के लिए बड़ी योजना पटना रिंग रोड के रामनगर-कन्हौली सेक्शन का भी प्रधानमंत्री शिलान्यास किया। यह 913.15 करोड़ रुपये की लागत की 39 किमी सड़क है।

मंडिया रहेंगी और न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीदारी भी होगी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के किसानों को भरोसा दिया है कि कृषि सुधार से संबंधित कानून उनके हितों की पूरी तरह रक्षा करेंगे। यह किसानों को आत्मनिर्भर बनाने का प्रयास है। उन्होंने नए कानून का विरोध करने वालों पर तीखा प्रहार किया। कहा कि किसानों की मजबूरी का फायदा उठाने वाला देश का एक ताकतवर गिरोह ही नए कानून के बारे में झूठ बोलकर किसानों को गुमराह करने की कोशिश कर रहा है। प्रधानमंत्री ने कहा कि पहले की तरह मंडियां कायम रहेंगी। वहां भी किसान अपना उत्पाद बेच सकते हैं, बल्कि कृषि मंडियों को और अधिक आधुनिक बनाया जाएगा। सरकार पहले की तरह न्यूनतम समर्थन मूल्य पर फसलों की खरीद करेगी।

दिल्ली से समारोह को वर्चुअल संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार आधुनिक सोच के साथ किसानों की तरक्की चाहती है। सुधार के तमाम प्रयास इस लक्ष्य के साथ चल रहे हैं कि किसान आत्मनिर्भर बनें। उन्हें पैदावार का अच्छा दाम मिले। ये सुधार 21वीं सदी की जरूरत हैं। इससे पहले किसानों के हाथ-पांव बंधे हुए थे। अब उन्हें आजादी मिल गई है। वे अपना उत्पाद देश के किसी हिस्से में अपनी शर्तों पर बेच सकते हैं। मंडी से जहां उन्हें अधिक लाभ मिलेगा, वहां अनाज बेच सकते हैं।

 

सबसे अधिक लाभ मिलेगा छोटे किसानों को 

मोदी ने कहा कि संसद के दोनों सदनों में कृषि सुधार के लिए विधेयक पेश होने से पहले अध्यादेश लाया गया था। उस अध्यादेश का लाभ किसानों को मिला। चावल बेचने वाली एक कंपनी ने किसानों से चार हजार टन धान की खरीद का करार किया है। नए कानून से किसानों को देश के अलावा अंतरराष्ट्रीय स्तर का बाजार मिलेगा। तेल मिल वालों ने 20 से 30 प्रतिशत अधिक मूल्य देकर सरसों की खरीद की है। दाल मिल वाले किसानों से सीधे खरीदारी कर रहे हैं। किसानों को मंडियों से अधिक रुपये मिल रहे हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि देश में छोटे किसानों की तादाद 85 फीसद है। सुधार कानूनों का सबसे अधिक लाभ उन्हें मिलेगा। इन ऐतिहासिक सुधारों का विरोध वही लोग कर रहे हैं, जिन्होंने न्यूनतम समर्थन मूल्य से संबंधित स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों का पैरों तले दबा कर रखा था।

ठीके पर खेती यानी फसल बिकने की गारंटी 

प्रधानमंत्री ने इसे कोरा अफवाह बताया कि ठीके पर खेती (कांट्रैक्ट फार्मिंग) होगी तो जमीन का स्वामित्व छिन जाएगा। उन्होंने डेयरी और किसानों के बीच दूध बिक्री को लेकर होने वाले करार का जिक्र किया। कहा कि डेयरी के संचालक आसपास के किसानों से दूध खरीदते हैं। गायों की चिकित्सा का उपाय करते हैं, लेकिन पशु का मालिक किसान ही रहता है। इसी तरह खेती की पैदावार खरीदने वाला जमीन का मालिक नहीं बन जाएगा। उन्होंने कहा कि फसल बिकने की गारंटी से किसानों को ही लाभ होगा। गांवों में नए उद्यमी बनेंगे। कोई नौजवान अगर चिप्स बनाना चाहता है तो वह किसानों को अपनी जरूरत बताएगा। बेहतर फसल के लिए तकनीकी मदद करेगा। फिर वह आलू भी खरीद लेगा।

उपभोक्ता कानून से आलू-प्याज, दाल आदि बाहर 

उन्होंने कहा कि नए कानून में आवश्यक उपभोक्ता कानून से दाल, प्याज, आलू और खाद्य तेल आदि को बाहर कर दिया गया है। अब किसान इन चीजों का भंडारण कर सकते हैं। अधिक कीमत मिलने पर बेच सकते हैं। इसके लिए अधिक कोल्ड स्टोरेज बनाने की जरूरत होगी। यह भी किसानों की तरक्की में सहयोग करेगा। उन्होंने कहा कि सड़क, पुल-पुलिया के निर्माण और गांव तक पहुंची इंटरनेट की सुविधा से भी किसानों को लाभ मिलेगा।

पहले की तुलना में इस बार अधिक हुई खरीद 

आंकड़ों के जरिए प्रधानमंत्री ने बताया कि 2014 से पहले की तुलना में बीते पांच वर्षों में न्यूनतम समर्थन मूल्य पर फसलों की खरीद अधिक हुई है। सिर्फ दलहन और तिलहन की खरीद को देखें तो यह पहले की तुलना में 24 गुना अधिक है। कोरोना के बावजूद गेहूं की रिकार्ड खरीद हुई है। इनकी खरीद के एवज में किसानों को एक लाख 13 हजार करोड़ रुपये का भुगतान किया गया है।

सड़कें, जिन्‍हें फोरलेन में बदलने का हुआ शिलान्यास

- बख्तियारपुर-रजौली

- आरा-मोहनिया

- नरेनपुर-पूर्णिया

- पटना रिंग रोड का रामनगर -कन्हौली सेक्शन

पीएम इन पुलों का भी किया शिलान्यास

- गांधी सेतु के समानांतर फोरलेन पुल

- कोसी नदी पर फुलौत मेंं नया फोरलेन पुल

- भागलपुर के विक्रमशिला सेतु के समानांतर नया फोरलेन पुल

12 दिनों में 18695 करोड़ की योजनाओं का उद्घाटन व शिलान्यास

प्रधानमंत्री ने 10 सितंबर से अब तक के 12 दिनों में 18695 करोड़ की विभिन्‍न योजनाओं का उद्घाटन व शिलान्यास किया है।

- 10 सितंबर: मत्स्य सम्पदा योजना समेत 294 करोड़ की योजनाओं का शिलान्यास व उद्घाटन।

- 13 सितंबर: 902 करोड़ की तीन बड़ी योजनाओं का शिलान्यास व उद्घाटन। पारादीप-मुजफ्फरपुर एलपीजी पाइपलाइन परियोजना के तहत पूर्वी चंपारण के हरसिद्धि में एचपीसीएल प्लांट तथा दुर्गापुर-बांका क्षेत्र में इंडियन ऑयल के बांका एलपीजी प्लांट के अलावा 193 किलोमीटर लंबी दुर्गापुर-बांका पाइपलाइन खंड को आरंभ किया।

 - 15 सितंबर: 541 करोड़ की योजनाओं का शिलान्यास व उद्घाटन। पटना के बेउर और करमलीचक सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट सहित आठ योजनाएं शामिल।

- 18 सितंबर: कोसी रेल महासेतु समेत 2700 करोड़ की रेल परियोजनाओं का शिलान्यास व उद्घाटन।

- 21 सितंबर: 14258 करोड़ की नौ सड़क व पुल परियोजनाओं का शिलान्यास व उद्घाटन। ग्रामीण बिहार को तेज इंटरनेट का तोहफा।

चुनाव की घोषणा के पहले जनता तक पहुंचा रहे बात

ज्ञात हो कि बीते कुछ दिनों में पीएम मोदी ने बिहार में दर्जनों परियोजनाओं का शिलान्‍यास व उद्घाटन किया है। बिहार में जल्‍द होने जा रहे विधानसभा चुनाव को देखते हुए चुनाव की घोषणा के पहले उद्घाटन व शिलान्‍यास कार्यक्रमों के बहाने पीएम मोदी अपनी बात जनता तक पहुंचाना चाहते हैं।

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