यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 19, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
इधर नालंदा यूनिवर्सिटी के नए कैंपस का उद्घाटन, उधर I.N.D.I.A के साथी दल ने पीएम मोदी से कर दी बड़ी मांग; हलचल तेज
Bihar Politics प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज नालंदा यूनिवर्सिटी पहुंचे। यहां उन्होंने इस ऐतिहासिक विश्वविद्यालय के नए कैंपस का उद्घाटन किया। ...और पढ़ें

HighLights
- नीतीश कुमार ने नरेन्द्र मोदी के समक्ष आत्मसर्मपण कर दिया है- माले
- पटना यूनिवर्सिटी को केंद्रीय विश्वविद्यालय का दर्जा दें- माले
- हर हाल में विशेष राज्य का दर्जा मिलना ही चाहिए- माले
राज्य ब्यूरो, पटना। Bihar Politics News Hindi भाकपा माले (CPI-ML) के नेता भी लगातार एनडीए सरकार पर हमला बोल रहे हैं। आज पीएम मोदी ने नालंदा यूनिवर्सिटी के नए परिसर का उद्घाटन किया। इस बीच, भाकपा-माले के एक नेता सीधे पीएम मोदी से ऐसी मांग कर दी है, जिससे बिहार में सियासत तेज हो गई है।
भाकपा माले के राज्य सचिव कुलाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी (PM Modi) बिहार को विशेष राज्य का दर्जा और पटना यूनिवर्सिटी को केंद्रीय विश्वविद्यालय का दर्जा दें। यह राज्य की जनता की बरसों पुरानी मांग है।
प्रधानमंत्री नालंदा विश्वविद्यालय (Nalanda University) के कार्यक्रम में आए। यह तो ठीक है, लेकिन उन्हें यह बताना चाहिए कि बिहार को विशेष राज्य का दर्जा दिए जाने की मांग पर वे चुप क्यों हैं? कुणाल ने कहा कि जिस राज्य के 34 प्रतिशत परिवार छह हजार रुपये से कम मासिक आमदनी पर जिंदा हों, उसे हर हाल में विशेष राज्य का दर्जा (Bihar Special Status) मिलना ही चाहिए।
उन्होंने कहा कि कभी नीतीश कुमार इस मसले को लेकर आक्रमक हुआ करते थे, लेकिन आज जब उनके पास मौका आया तब उन्होंने नरेन्द्र मोदी के समक्ष आत्मसर्मपण कर दिया है और विशेष राज्य के दर्जे के सवाल से कन्नी काट ली है।
मुजफ्फरपुर में महिला कर्मियों के साथ यौन उत्पीड़न की जांच हो : माले
Bihar News भाकपा माले ने मुजफ्फरपुर में एक चिट फंड कंपनी की महिला कर्मियों के साथ यौन उत्पीड़न मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग राज्य सरकार से की है।
माले की विधान पार्षद शशि यादव, विधायक संदीप सौरभ, मुजफ्फरपुर के जिला सचिव कृष्ण मोहन, खेतिहर ग्रामीण मजदूर सभा के राज्य सचिव शत्रुघ्न सहनी, इंसाफ मंच के सूरज सिंह ने बुधवार को पत्रकार सम्मेलन में दोषियों पर राजनीतिक एवं प्रशासनिक संरक्षण देने का आरोप लगाया। माले नेताओं ने कहा कि जांच के दायरे में राजनीतिक संरक्षण व प्रशासनिक मिलीभगत को भी लाया जाना चाहिए।
ऐपवा की राज्य सचिव अनीता सिन्हा, आईसा के सचिव सबीर कुमार व अध्यक्ष प्रीति कुमारी ने कहा कि रोजगार के नाम पर बड़ी संख्या में लड़कियों को झांसा देकर नेटवर्किंग कंपनी से जोड़ने और उनके साथ मारपीट तथा यौन उत्पीड़न करने का मामला बेहद गंभीर है। इसमें स्थानीय थाना की भूमिका बेहद शर्मनाक रही है जिसने पीड़ित महिला का केस दर्ज करने से मना कर दिया था।
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