कंचन किशोर, बक्सर। मैं कागज की नाव पर अपना नाम लिखता हूं, उस गांव का नाम, जहां मैं रहता हूं, उम्मीद है किसी अजीब जमीं में कोई ढूंढ़ ले और जान ले कि मैं कौन हूं...गुरुदेव रवीन्द्र नाथ टैगोर की इन पंक्तियों के साथ त्रिनिदाद एण्ड टोबैगो की पूर्व प्रधानमंत्री और अब विपक्ष की नेता कमला प्रसाद बिशेसर ने सोशल मीडिया पर एक 13 मिनट का भावनात्मक वीडियो पोस्ट करते हुए बक्सर के छोटे से गांव भेलुपुर को याद किया है। इसी गांव से सौ साल पहले उनके पूर्वज गिरमिटिया मजदूर के रूप में कैरेबियन द्वीप गए थे। रविवार को टीएण्डटी में हैप्पी इंडियन एराइवल डे के अवसर पर ये पोस्ट साझा किया है।

आठ साल पहले आई थीं कमला प्रसाद

आठ साल पहले त्रिनिदाद एण्ड टोबैगो की प्रधानमंत्री के रूप में कमला प्रसाद पूर्वजों के गांव में आई थीं। तबसे भेलुपुर के लोग उन्हें 'पीएम बिटिया' के नाम से जानते हैं। परदादा स्व. रामलखन मिश्रा इसी गांव से गिरमिटिया मजदूर के रूप में हजारों भारतीयों के साथ कैरेबियन द्वीप समूह में गए थे।

फेसबुक पर अटैच किया वीडियो

अपने पोस्ट में उन्होंने बक्सर के दौरे को याद करते हुए लिखा है कि मैं पूर्वजों की याद में आपके साथ अपनी यात्रा का हिस्सा साझा करती हूं और कहती हूं कि हमें अपनी विरासत और पूर्वजों को हमेशा याद रखना चाहिए, जो पवित्र जगह से आए और जिनकी वजह से हम हैं। अपने फेसबुक एकाउंट से उन्होंने इस पोस्ट के साथ बक्सर के छोटे से गांव में एक दिन के प्रवास का वीडियो अटैच किया, जिसमें वह कभी साड़ी की पल्लू से आंसू पोंछतीं तो कभी गांव के बच्चों को गोद में उठाए दुलारती हैं। वीडियो में अपने देश की पूर्व पीएम के पूर्वजों का गांव का पता लगाने वाले जेनोलॉजिस्ट शमशुदीन भी नजर आ रहे हैं। कमला अपने गांव में मिले प्यार से अभिभूत होकर वीडियो में इसे कभी न भूलने वाला पल बता रहीं हैं।

सोशल मीडिया पर रहती हैं सक्रिय

कमला प्रसाद बिशेसर 2010 में त्रिनिदाद एण्ड टोबैगो की पहली महिला प्रधानमंत्री बनीं। 2015 के चुनाव में उनकी पार्टी युनाइटेड नेशनल कांग्रेस चुनाव में हार गई और अब वे विपक्ष की नेता हैं। कमला प्रसाद सोशल मीडिया पर हमेशा सक्रिय रहती हैं और वहां रह रहे भारतीय मूल के लोगों से लगातार संवाद करती रहती हैं।

Posted By: Akshay Pandey

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