17 सितंबर को गंगा में छलांग लगाने पहुंची थी पटना की महिला, थानेदार ने बचाया; पांचवें दिन घर में दे दी जान
पटना सिटी में गंगा में कूदने से बचाई गई महिला ने पांच दिन बाद घर में पंखे से फंदा लगाकर ...और पढ़ें

17 सितंबर को नदी में कूदने से बचाई गई महिला (बांए से दूसरी)।
HighLights
महिला को 17 सितंबर को गंगा में कूदने से बचाया गया था।
पांच दिन बाद उसने घर में पंखे से फंदा लगाकर जान दे दी।
पति के अनुरोध पर पुलिस ने पोस्टमार्टम नहीं कराया।
जागरण संवाददाता, पटना सिटी। चौक थाना क्षेत्र के कंगन घाट में 17 सितंबर को गंगा में कूदकर जान देने की कोशिश कर रही जिस महिला को थानाध्यक्ष ने बचाया था, उसने खुदकुशी कर ली।
नदी में कूदने से बचाए जाने के पांचवें दिन सोमवार को घर में पंखे से फंदा लगाकर अपनी जान दे दी। पति के पोस्टमार्टम नहीं कराने के अनुरोध पर पुलिस ने शव स्वजनों को सौंप दिया।
चौक थानाध्यक्ष राजकिशोर कुमार ने बताया कि 17 सितंबर की रात करीब नौ बजे गश्ती के दौरान कंगन घाट पर एक महिला को बदहवास हालत में गंगा में छलांग लगाने की कोशिश करते देखा गया था।
महिला पुलिसकर्मियों की मदद से उसे रोककर थाने लाया गया। यहां काउंसिलिंग के बाद स्वजनों को सौंप दिया गया था। महिला ने घरेलू कलह के कारण तनाव में होने की बात बताई थी और आगे ऐसा कदम नहीं उठाने का भरोसा दिया था।

(खुदकुशी के बाद विलाप करते स्वजन।)
पति और बच्चे घर से बाहर गए थे
कैमाशिकोह निवासी पति प्रदीप कुमार रजक के अनुसार, सोमवार को वह काम पर चले गए थे। उनकी 18 और 17 वर्ष की दो बेटियां तथा 15 वर्षीय पुत्र भी पढ़ाई के लिए विद्यालय चले गए थे।
इसी दौरान पत्नी खुशबू देवी ने घर में पंखे से प्लास्टिक की रस्सी का फंदा लगाकर खुदकुशी कर ली। घटना की सूचना मिलने पर चौक थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजने की तैयारी की।
पति ने पुलिस को आवेदन देकर पोस्टमार्टम नहीं कराने और शव का अंतिम संस्कार करने की अनुमति मांगी। इसके बाद पुलिस ने शव स्वजनों को सौंप दिया। घटना के बाद मृतका के बच्चे और अन्य स्वजन रोते-बिलखते रहे।
