पटना, जेएनएन। राजधानी फिर जलजमाव से नहीं जूझेगी। इसके लिए प्रशासन ने उपाय अपना लिए हैं। सरकार राजधानी में भारी बारिश के बाद हुए जलजमाव से निपटने को लेकर तमाम उपाय सुनिश्चित करने में जुटी हुई है। भविष्य में ऐसी नौबत नहीं आए इसे ध्यान में रखते हुए कई बिंदुओं पर विकल्प की तलाश जारी है। नगर विकास एवं आवास विभाग आगामी 50 वर्षों तक ऐसी नौबत नहीं आए, ऐसी योजना पर काम कर रहा है।

 

विभाग को रिपोर्ट का इंतजार

विभाग को उच्चस्तरीय जांच समिति की रिपोर्ट का इंतजार हैं। रिपोर्ट मिलते ही विभाग इस पर काम शुरू कर देगा। नगर विकास एवं आवास विभाग के सचिव आनंद किशोर ने बुधवार को यह दावा किया। पटना में जलजमाव को लेकर पत्रकारों के सवाल जवाब में आनंद किशोर कहा कि अगले वर्ष से ऐसी समस्या सामने नहीं आएगी।

इंतजाम सुनिश्चित करने का प्रयास

आनंद किशोर ने कहा कि विभाग बोरिंग रोड और दीघा आशियाना रोड के नीचे बने नाले की सफाई के लिए भी मुकम्मल इंतजाम सुनिश्चित करने का प्रयास कर रहा है। उन्होंने नौ बड़े नाले को उपर रोड बनाने के सवाल पर कहा कि इस पर सरकार नए सिरे से विचार करेगी। इसके अलावा राजधानी में पूर्व से ढंके गए और भविष्य में ढंके जाने वाले नालों की सफाई के लिए कहा कि स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसिड्योर (एसओपी) तैयार किया जाएगा। वर्तमान में राजधानी के ऐसे नालों की सफाई के लिए कोई मानक संचालन प्रक्रिया नहीं है, जिसके कारण जो नाले ढंके जा चुके हैं, उनकी सफाई नहीं हो पा रही है।

इसमें बोरिंग कैनाल नाला, आशियाना दीघा नाला शामिल हैं। इसके अलावा नौ बड़े नालों की सफाई के लिए भी कोई उच्चस्तरीय मानक नहीं है। इसके कारण इन नालों की भी सफाई में कई प्रकार की गड़बडिय़ां सामने आई थी। बता दें कि सरकार पटना में बेली रोड के दक्षिण में बीएमपी नाला, सैदपुर नाला, कुर्जी नाला, मंदिरी नाला और बादशाही नाले को पाटकर सड़क बनाने पर काम कर रही है।

Posted By: Akshay Pandey

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