पटना यूनिवर्सिटी के छात्रों को राहत, सेंट्रल लाइब्रेरी अब रात 10 बजे तक खुलेगी; पहले 8 बजे तक था समय
पटना विश्वविद्यालय की सेंट्रल लाइब्रेरी अब सुबह 8 बजे से रात 10 बजे तक खुलेगी, जिससे छात्रों को पढ़ाई के ...और पढ़ें

अब 14 घंटे खुला रहेगा पटना विश्वविद्यालय का केंद्रीय पुस्तकालय। फाइल
HighLights
लाइब्रेरी अब सुबह 8 बजे से रात 10 बजे तक खुलेगी।
छात्रों को पढ़ाई के लिए दो घंटे अतिरिक्त मिलेंगे।
लोक भवन के निर्देश पर लिया गया यह निर्णय।
जागरण संवाददाता, पटना। पटना विश्वविद्यालय की सेंट्रल लाइब्रेरी अब सुबह आठ बजे से रात 10 बजे तक खुलेगी। यानी विद्यार्थियों को लाइब्रेरी में पढ़ाई के लिए दो घंटे अतिरिक्त मिलेंगे।
इस संबंध में लोक भवन की ओर से विश्वविद्यालय को पत्र भेजकर आदेश का पालन करने का निर्देश दिया गया है।लोक भवन से पत्र मिलने के बाद विश्वविद्यालय स्तर पर इसको लेकर मंथन शुरू हो गया है।
फिलहाल सेंट्रल लाइब्रेरी सुबह आठ बजे से रात आठ बजे तक यानी 12 घंटे खुलती है। विश्वविद्यालय के डीएसडब्ल्यू प्रो. कामेश्वर पंडित ने बताया कि लाइब्रेरी को 14 घंटे खोलने के संबंध में लोक भवन से पत्र प्राप्त हुआ है।
हालांकि, लाइब्रेरी में कर्मचारियों की कमी है। इसे देखते हुए अभी अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है। लाइब्रेरी निदेशक ने विश्वविद्यालय प्रशासन से अतिरिक्त कर्मचारियों की मांग की है।
24 घंटे लाइब्रेरी खोलने को लेकर छात्रों ने किया था आंदोलन
पटना विश्वविद्यालय की सेंट्रल लाइब्रेरी को 24 घंटे खोलने की मांग को लेकर एआइएसएफ के छात्रों ने आंदोलन किया था।
छात्रों ने एक सप्ताह तक भूख हड़ताल भी की थी। आंदोलन के दौरान विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से मांग पूरी नहीं किए जाने पर लोक भवन ने छात्र प्रतिनिधिमंडल को वार्ता के लिए बुलाया था।
प्रतिनिधिमंडल ने लोक भवन में सेंट्रल लाइब्रेरी को 24 घंटे खोलने की मांग रखी थी। छात्रों की मांग पर लोक भवन ने लाइब्रेरी का समय 12 घंटे से बढ़ाकर 14 घंटे करने पर सहमति जताई है।
10 वर्ष पहले 24 घंटे खुलती थी लाइब्रेरी
पटना विश्वविद्यालय की सेंट्रल लाइब्रेरी करीब 10 वर्ष पहले 24 घंटे खुलती थी। रात के समय बाहरी तत्वों के जमावड़े और मारपीट की शिकायतों के बाद इसे 24 घंटे खोलने की व्यवस्था बंद कर दी गई थी।
इसके बाद लाइब्रेरी का समय सुबह आठ बजे से रात आठ बजे तक कर दिया गया। उस दौरान रात में कुछ छात्रों द्वारा लाइब्रेरी कर्मचारियों के साथ मारपीट की घटनाएं भी सामने आई थीं।
सुरक्षा संबंधी समस्याओं को देखते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन ने रात में लाइब्रेरी खोलने की व्यवस्था सीमित कर दी थी।
