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पटना विश्वविद्यालय में 100 करोड़ की पीएम-उषा परियोजना पकड़ेगी रफ्तार, दो समितियां संभालेंगी कमान

Published: Sat, 19 Sep 2026 07:18 PM (IST)

पटना विश्वविद्यालय में 100 करोड़ रुपये की पीएम-उषा परियोजना अब गति पकड़ेगी, जिसके सुचारु क्रियान्वयन और निगरानी के लिए दो महत्वपूर्ण समितियों का गठन किया गया है।

पटना विश्वविद्यालय में पीएम-उषा परियोजना की निगरानी के लिए बनीं दो समितियां। सांकेत‍िक तस्‍वीर

पटना विश्वविद्यालय में पीएम-उषा परियोजना की निगरानी के लिए बनीं दो समितियां। सांकेत‍िक तस्‍वीर

HighLights

  1. पीएम-उषा परियोजना के लिए 100 करोड़ रुपये की राशि।

  2. परियोजना निगरानी हेतु दो समितियों का गठन किया गया।

  3. उच्च तकनीकी इनक्यूबेशन और स्मार्ट क्लासरूम बनेंगे।

जागरण संवाददाता, पटना। पटना विश्वविद्यालय में प्रधानमंत्री उच्चतर शिक्षा अभियान (पीएम-उषा) के तहत बहुविषयक शिक्षा एवं अनुसंधान विश्वविद्यालय (मेरु) घटक की 100 करोड़ रुपये की परियोजना अब गति पकड़ेगी।

परियोजना के सुचारू क्रियान्वयन और नियमित निगरानी के लिए विश्वविद्यालय प्रशासन ने दो महत्वपूर्ण समितियों का गठन किया है।

कुलपति के आदेश से जारी अधिसूचना के अनुसार बोर्ड आफ गवर्नर्स और प्रोजेक्ट मानिटरिंग यूनिट का गठन किया गया है।

पीएम-उषा के मेरु घटक के तहत मिली 100 करोड़ रुपये की राशि से विश्वविद्यालय में बहुविषयक शिक्षा और अनुसंधान को मजबूत करने के लिए कई सुविधाएं विकसित की जानी हैं।

इसके तहत उच्च तकनीकी इनक्यूबेशन एवं इनोवेशन सेंटर, आधुनिक शोध प्रयोगशालाएं और स्मार्ट क्लासरूम का निर्माण किया जाएगा।

इन सुविधाओं के माध्यम से छात्रों में स्टार्टअप संस्कृति को बढ़ावा देने के साथ उन्हें उद्योग जगत से जोड़ने पर भी जोर दिया जाएगा।

सात सदस्यीय बोर्ड आफ गवर्नर्स

परियोजना से जुड़े नीतिगत और दिशा-निर्धारण संबंधी निर्णयों के लिए सात सदस्यीय बोर्ड आफ गवर्नर्स का गठन किया गया है।

इसके अध्यक्ष पटना विश्वविद्यालय के कुलपति होंगे। समिति में विश्वविद्यालय के वित्तीय सलाहकार, आइक्यूएसी के निदेशक, कुलसचिव, विकास अधिकारी सह नोडल अधिकारी पीएम-उषा मेरु, विश्वविद्यालय के अभियंता और बिहार इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के उपाध्यक्ष आशीष रोहतगी को सदस्य बनाया गया है।

बोर्ड आफ गवर्नर्स पीएम-उषा मेरु के तहत संचालित गतिविधियों की दिशा तय करने के साथ ही परियोजना से जुड़े नीतिगत निर्णय लेगा।

नौ सदस्यीय प्रोजेक्ट मानिटरिंग यूनिट

परियोजना के जमीनी स्तर पर क्रियान्वयन और नियमित निगरानी के लिए नौ सदस्यीय प्रोजेक्ट मानिटरिंग यूनिट बनाई गई है। आइक्यूएसी के निदेशक को इसका अध्यक्ष बनाया गया है।

समिति में विज्ञान संकाय के डीन, विधि संकाय के डीन, भूविज्ञान विभाग के डाॅ. अतुल आदित्य पांडेय, डाॅ. राम बाली सिंह, भूगोल विभाग के डाॅ. मोहम्मद नाजिम, वित्त पदाधिकारी, बजट एवं लेखा पदाधिकारी और आईटी सेल के प्रभारी को सदस्य बनाया गया है।

प्रोजेक्ट मानिटरिंग यूनिट परियोजना की प्रगति की नियमित समीक्षा करेगी। साथ ही क्रियान्वयन में आने वाली बाधाओं की पहचान कर उनके समाधान के लिए आवश्यक कार्रवाई करेगी।

एनईपी के लक्ष्यों को पूरा करने पर जोर

प्रधानमंत्री उच्चतर शिक्षा अभियान (पीएम-उषा) केंद्र सरकार की योजना है, जिसे राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 के लक्ष्यों को हासिल करने के उद्देश्य से जून 2023 में शुरू किया गया था।

इसके माध्यम से उच्च शिक्षण संस्थानों में शिक्षा की गुणवत्ता, पहुंच और समानता को बेहतर बनाने पर जोर दिया जा रहा है।