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पटना को जाम से राहत, रामनगर-कच्ची दरगाह छह लेन कॉरिडोर 2028 तक तैयार; बेतिया, मधेपुरा-सिंहेश्वर प्रोजेक्ट पर भी नजर

Published: Tue, 29 Sep 2026 07:45 PM (IST)

पटना के रामनगर-कच्ची दरगाह छह लेन रिंग रोड कॉरिडोर का निर्माण 2028 तक पूरा करने का लक्ष्य है, जिस पर 1183 करोड़ रुपये खर्च होंगे।

रिंग रोड से शहर के ट्रैफिक दबाव को कम करने की तैयारी

रिंग रोड से शहर के ट्रैफिक दबाव को कम करने की तैयारी

HighLights

  1. रामनगर-कच्ची दरगाह छह लेन कॉरिडोर 2028 तक पूरा होगा।

  2. 14.5 किमी लंबे कॉरिडोर पर 1183 करोड़ रुपये खर्च होंगे।

  3. पटना में ट्रैफिक दबाव कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

राज्य ब्यूरो, पटना। पटना के रामनगर स्थित छह लेन वाले रिंग रोड को कच्ची दरगाह से जोड़ने का निर्माण कार्य 2028 तक पूरा करने का लक्ष्य है। 14.5 किमी लंबे इस कॉरिडोर के निर्माण पर 1183 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। पथ निर्माण विभाग के सचिव पंकज कुमार पाल ने मंगलवार को परियोजना की प्रगति की समीक्षा की और समयसीमा में काम पूरा करने के निर्देश दिए।

रिंग रोड से शहर के ट्रैफिक दबाव को कम करने की तैयारी

पथ निर्माण विभाग ने पटना में जाम की समस्या के स्थायी समाधान के लिए सड़क संपर्कता बढ़ाने पर जोर दिया है। समीक्षा बैठक में पटना रिंग रोड के निर्माण की प्रगति पर अभियंताओं के साथ विस्तार से चर्चा हुई। अधिकारियों के अनुसार छह लेन का यह कॉरिडोर शहर के बाहरी हिस्सों को बेहतर तरीके से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

रामनगर-कच्ची दरगाह सेक्शन पर तेजी से चल रहा काम

राष्ट्रीय राजमार्ग एनएच-131जी के तहत छह लेन पटना रिंग रोड के रामनगर-कन्हौली सेक्शन का निर्माण किया जा रहा है। इसी परियोजना में ईपीसी मोड पर 14.5 किमी लंबे रामनगर-कच्ची दरगाह कॉरिडोर का निर्माण शामिल है। विभाग ने इस हिस्से को वर्ष 2028 तक पूरा करने का लक्ष्य तय किया है।

कई बड़े सड़क प्रोजेक्ट की भी हुई समीक्षा

बैठक में चौसा-बक्सर बाईपास, औरंगाबाद के दाउदनगर बाईपास और भागलपुर से ढाका मोड़ तक फोर लेन सड़क सहित कई परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई। एनएच-139 पर अरवल बाईपास और बिहार-झारखंड सीमा से बांका के भालजोर तक फोर लेन सड़क पर भी अधिकारियों से जानकारी ली गई।

बेतिया, मधेपुरा और सिंहेश्वर परियोजनाओं पर भी नजर

एनएच-727 पर बेतिया बाईपास तथा एनएच-131 पर मधेपुरा और सिंहेश्वर बाईपास परियोजनाओं से जुड़े प्रस्ताव और स्वीकृति की स्थिति पर भी चर्चा हुई।

विभाग की ओर से सभी परियोजनाओं की प्रगति की रिपोर्ट ली गई। अभियंताओं को निर्माण कार्य निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरा करने के निर्देश दिए गए।

2028 की डेडलाइन पर विभाग का फोकस

समीक्षा बैठक में पथ निर्माण विभाग की विशेष सचिव डा. शैलजा शर्मा और विभिन्न परियोजनाओं से जुड़े अभियंता मौजूद रहे। विभाग का फोकस अब निर्माण की गति बढ़ाने और तय समय में परियोजनाएं पूरी करने पर है। रामनगर-कच्ची दरगाह कॉरिडोर के तैयार होने से पटना की सड़क कनेक्टिविटी को बड़ा विस्तार मिलने की उम्मीद है।