न सिग्नल पर रुकी, न ट्रैफिक में फंसी; पटना में एम्स से IGIMS तक 16 मिनट में पहुंची किडनी-लिवर वाली एंबुलेंस
पटना में यातायात पुलिस ने एम्स पटना से आईजीआईएमएस तक डोनेटेड किडनी और लिवर के लिए ग्रीन कॉरिडोर बनाया। एंबुलेंस ...और पढ़ें

एम्स पटना से 16 मिनट में आईजीआईएमएस पहुंचाए गए अंग। सांकेतिक तस्वीर
HighLights
यातायात पुलिस ने एम्स से आईजीआईएमएस तक ग्रीन कॉरिडोर बनाया।
डोनेटेड किडनी और लिवर 16 मिनट में अस्पताल पहुंचाए गए।
ट्रैफिक एसपी सागर कुमार झा ने व्यवस्था की कमान संभाली।
जागरण संवाददाता, पटना। पटना में अंग प्रत्यारोपण से जुड़ी प्रक्रिया के दौरान यातायात पुलिस की तत्परता ने एक बार फिर ग्रीन काॅरिडोर की अहमियत साबित की।
एम्स पटना (AIIMS Patna) से डोनेटेड किडनी और लिवर लेकर निकली एंबुलेंस को ट्रैफिक पुलिस ने ग्रीन काॅरिडोर उपलब्ध कराया। इसके जरिए एंबुलेंस महज 16 मिनट में आईजीआईएमएस (IGIMS) पहुंच गई।
एंबुलेंस रात 11:54 बजे एम्स से रवाना हुई और 12:10 बजे IGIMS पहुंची। ट्रैफिक एसपी सागर कुमार झा के निर्देश पर यातायात पुलिस की टीम ने पूरे रूट पर विशेष व्यवस्था की।
ट्रैफिक एसपी ने संभाली कमान
सागर कुमार झा ने बताया कि डोनेटेड अंगों को निर्धारित समय में अस्पताल पहुंचाना बेहद जरूरी था। इसी को ध्यान में रखते हुए टीम को अलग-अलग स्थानों पर तैनात किया गया!
यातायात को नियंत्रित कर एंबुलेंस के लिए निर्बाध मार्ग सुनिश्चित किया गया। इससे बेहद कम समय में अंगों को अस्पताल पहुंचाया जा सका।
कहीं नहीं रुकी एंबुलेंस
ग्रीन काॅरिडोर तैयार होने के बाद एंबुलेंस को पूरे मार्ग में सुगम रास्ता मिला। यातायात पुलिसकर्मियों के आपसी समन्वय से प्रमुख स्थानों पर ट्रैफिक को नियंत्रित रखा गया।
इससे एंबुलेंस को कहीं रुकना नहीं पड़ा। महज 16 मिनट में अंग आईजीआईएमएस पहुंचा दिए गए। इसके बाद प्रत्यारोपण से जुड़ी चिकित्सकीय प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई।
ट्रैफिक एसपी सागर कुमार झा ने कहा कि अंग प्रत्यारोपण के मामलों में हर मिनट महत्वपूर्ण होता है। ऐसे मामलों में पुलिस, चिकित्सा टीम और एंबुलेंस के बीच बेहतर समन्वय जरूरी है।
ग्रीन काॅरिडोर के माध्यम से डोनेटेड अंगों को समय पर अस्पताल पहुंचाने में यातायात पुलिस की व्यवस्था ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
