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पटना के 10 प्रमुख ट्रैफिक दबाव वाले क्षेत्र चिह्नित, घर से निकलने से पहले देख लें कौन सा रास्ता रहेगा आसान

Published: Sat, 03 Oct 2026 09:20 PM (IST)

राजधानी पटना में 10 प्रमुख ट्रैफिक दबाव वाले क्षेत्र चिह्नित किए गए हैं, जहां घंटों जाम लगता है। पीक आवर ...और पढ़ें

पटना की प्रमुख सड़कों पर आए दिन लगता है जाम। जागरण

पटना की प्रमुख सड़कों पर आए दिन लगता है जाम। जागरण

HighLights

  1. पटना में 10 प्रमुख ट्रैफिक दबाव वाले क्षेत्र किए गए चिह्नित।

  2. जेपी गंगा पथ, अटल पथ जैसे वैकल्पिक मार्ग जाम से देंगे राहत।

  3. दशहरा जैसे त्योहारों में ये वैकल्पिक रास्ते होंगे बहुत उपयोगी।

जागरण संवाददाता, पटना। राजधानी में वाहनों का दबाव बढ़ने के साथ कई सड़कें रोजाना जाम की चपेट में आ रहे हैं। घंटों जाम की स्‍थ‍िति‍ रहती है। 

पटना जंक्शन-डाकबंगला, गांधी मैदान-अशोक राजपथ, बोरिंग रोड, कंकड़बाग-चिरैयाटांड़, राजेंद्रनगर, अनीसाबाद, सगुना मोड़ और जीरोमाइल-पहाड़ी समेत 10 प्रमुख दबाव वाले क्षेत्र चिह्नित किए गए हैं।

पीक आवर में इन रास्तों पर जाम लगे तो जेपी गंगा पथ, अटल पथ, न्यू बाइपास और बोरिंग कैनाल रोड जैसे वैकल्पिक सड़कें राहत दे सकते हैं। दशहरा में ये वैकल्पिक रास्ते लोगों के लिए बहुत उपयोगी हो सकते है।

जाम के ये दस प्वाइंट और वैकल्पिक मार्ग

  1. जंक्शन-डाकबंगला : करबिगहिया से निकलें। पटना जंक्शन, जीपीओ गोलंबर और डाकबंगला में यात्रियों, आटो-ई-रिक्शा और व्यावसायिक गतिविधियों से दबाव रहता है।  जाम की स्थिति में पटना जंक्शन-करबिगहिया-चिरैयाटांड़ फ्लाईओवर-जीपीओ-आर ब्लाॅक मार्ग लिया जा सकता है। कंकड़बाग से आने वाले वाहन भी चिरैयाटांड़ फ्लाईओवर का इस्तेमाल कर सकते हैं।
  2. अशोक राजपथ : गांधी मैदान-कारगिल चौक-अशोक राजपथ पर बाजार, संस्थानों और स्थानीय यातायात के कारण दबाव रहता है। कार्यक्रमों के दौरान डायवर्जन की जरूरत भी पड़ती है। ऐसे में गांधी मैदान-जेपी गंगा पथ-गायघाट-पटना सिटी विकल्प है। कारगिल चौक से पटना सिटी जाने वाले भी अशोक राजपथ के बजाय गंगा पथ ले सकते हैं।
  3. बोरिंग रोड : बोरिंग रोड चौराहा, हड़ताली मोड़ और एएन कालेज के आसपास दबाव में बोरिंग रोड-बोरिंग कैनाल रोड-राजापुर पुल मार्ग विकल्प बन सकता है। पश्चिम पटना के लिए अटल पथ भी इस्तेमाल किया जा सकता है।
  4. कंकड़बाग : अंदरूनी सड़क छोड़ें, बाइपास पकड़ें। कंकड़बाग-चिरैयाटांड़ और राजेंद्रनगर ओवरब्रिज के आसपास जाम में कंकड़बाग-न्यू बाइपास-जीरोमाइल मार्ग उपयोगी है। राजेंद्रनगर टर्मिनल से राजेंद्रनगर-कुम्हरार-न्यू बाइपास रास्ता लिया जा सकता है।
  5. अनीसाबाद : अनीसाबाद गोलंबर पर फुलवारीशरीफ, बेली रोड और शहर के अंदरूनी हिस्से का यातायात मिलता है। यहां अनीसाबाद-चितकोहरा-हार्डिंग रोड-आर ब्लाॅक विकल्प हो सकता है।
  6. सगुना मोड़ : दानापुर, रूपसपुर और बेली रोड से आने वाला यातायात सगुना मोड़ पर जुटता है। दबाव बढ़ने पर सगुना मोड़-अटल पथ/दीघा लिंक-जेपी गंगा पथ के जरिए बेली रोड के कुछ हिस्सों से बचा जा सकता है।
  7. जीरोमाइल-पहाड़ी : जीरोमाइल-पहाड़ी में न्यू बाइपास पर शहर के अंदरूनी और बाहरी इलाकों के साथ भारी वाहनों का दबाव रहता है। गंतव्य के अनुसार न्यू बाइपास से जुड़े लिंक और अगमकुआं-कुम्हरार विकल्प हो सकते हैं। यहां गंगा पथ सीधा विकल्प नहीं है।
  8. गांधी मैदान-डाकबंगला-जीपीओ : इन तीनों इलाकों में एक जगह बढ़ा दबाव दूसरे हिस्से को प्रभावित करता है। डाकबंगला से बुद्ध मार्ग-आयकर गोलंबर विकल्प हो सकता है।

पांच क्षेत्रों में खास उपयोगी गंगा पथ

जेपी गंगा पथ गांधी मैदान-कारगिल चौक, गांधी मैदान-अशोक राजपथ, कारगिल चौक-पटना सिटी, डाकबंगला/आर ब्लाक और बोरिंग रोड-अटल पथ से जुड़े ट्रैफिक के लिए महत्वपूर्ण वैकल्पिक कॉरिडोर है। खासकर अशोक राजपथ के दबाव को कम करने में इसकी भूमिका अहम हो सकती है।