पटना टेंडर घोटाला: तारिणी दास की जमानत याचिका खारिज, IAS संजीव हंस की अग्रिम जमानत पर आदेश सुरक्षित
पटना टेंडर घोटाला मामले में पूर्व मुख्य अभियंता तारिणी दास की नियमित जमानत याचिका खारिज कर दी गई है।

आईएएस संजीव हंस। (फाइल फोटो)
HighLights
पूर्व मुख्य अभियंता तारिणी दास की जमानत याचिका खारिज।
आईएएस संजीव हंस की अग्रिम जमानत पर आदेश सुरक्षित।
कार्यपालक अभियंता उमेश कुमार की जमानत पर भी फैसला सुरक्षित।
जागरण संवाददाता, पटना। बहुचर्चित टेंडर घोटाला में निगरानी के विशेष न्यायाधीश अतुल कुमार सिंह की अदालत ने जेल में बंद भवन निर्माण विभाग के पूर्व मुख्य अभियंता तारिणी दास की नियमित जमानत याचिका शुक्रवार को खारिज कर दी।
अदालत ने नियमित जमानत याचिका पर नौ जुलाई को सुनवाई पूरी करने के बाद आदेश सुरक्षित रख लिया था। अदालत ने शुक्रवार को आरोपित को जमानत पर जेल से मुक्त करने से इनकार कर दिया।
दूसरी ओर, इसी मामले में जेल में बंद एक अन्य आरोपित नगर विकास एवं आवास विभाग के तत्कालीन कार्यपालक अभियंता उमेश कुमार की नियमित जमानत याचिका पर सुनवाई शुक्रवार को पूरी हो गई।
जमानत याचिका पर बहस करते हुए आरोपित के अधिवक्ता ने मुवक्किल को निर्दोष बताते हुए उन्हें नियमित जमानत पर जेल से मुक्त किए जाने की प्रार्थना की।
विशेष लोक अभियोजक आनंदी सिंह ने जमानत अर्जी का विरोध किया। दोनों पक्षों की सुनवाई के बाद अदालत ने आदेश सुरक्षित रख लिया।
इसी मामले में आरोपित आईएएस संजीव हंस की अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई हुई और आदेश सुरक्षित रख लिया। विशेष निगरानी इकाई ने राज्य के विभिन्न सरकारी विभागों की ठेकेदारी में भ्रष्टाचार के आरोप में मुकदमा दर्ज किया था और अनुसंधान के बाद आईएएस संजीव हंस समेत सात के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया है।
