कोविड काल की मौत पर 5 साल बाद खुली फाइल, पटना का अस्पताल सील; डॉ. प्रीतम समेत 7 डॉक्टरों पर FIR की तैयारी
पटना में 2021 के कोविड मौत मामले में पांच साल बाद कार्रवाई हुई है, जिसमें पुष्पांजलि मल्टीस्पेशियलिटी हास्पिटल को सील ...और पढ़ें

अस्पताल पर चला प्रशासन का एक्शन
HighLights
पटना का पुष्पांजलि अस्पताल 2021 कोविड मौत मामले में सील।
उपचार में लापरवाही के आरोप सही पाए जाने पर कार्रवाई।
डॉ. प्रीतम सहित सात डॉक्टरों पर प्राथमिकी की तैयारी।
जागरण संवाददाता, पटना। कोविड की दूसरी लहर के दौरान वर्ष 2021 में एक महिला की मौत के मामले में करीब पांच साल बाद बड़ी कार्रवाई हुई है। जिला प्रशासन और पुलिस की जांच रिपोर्ट में उपचार में लापरवाही के आरोप सत्य पाए जाने के बाद भागवतनगर स्थित पुष्पांजलि मल्टीस्पेशियलिटी हास्पिटल को सील कर दिया गया है।
अस्पताल के साथ संबंधित चिकित्सकों के विरुद्ध भी कार्रवाई की तैयारी शुरू हो गई है। सिविल सर्जन कार्यालय की ओर से डा. प्रीतम समेत सात चिकित्सकों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने के लिए आवेदन दिया गया है। जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
2021 में भर्ती, चार दिन बाद महिला की मौत
भारती देवी को 29 अप्रैल 2021 को कोविड संक्रमण के उपचार के लिए पुष्पांजलि मल्टीस्पेशियलिटी हास्पिटल में भर्ती कराया गया था।
चार मई को उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। इसके बाद स्वजन ने अस्पताल प्रबंधन पर इलाज में लापरवाही और उपचार में गंभीर कमियां बरतने के आरोप लगाए थे।
स्वजन की ओर से अस्पताल पर अधिक बिल वसूलने समेत कई आरोप भी लगाए गए थे। शिकायत के बाद मामला मेडिकल बोर्ड तक पहुंचा और जांच की प्रक्रिया शुरू हुई।
मेडिकल बोर्ड ने तब नहीं माना था प्रोफेशनल नेग्लिजेंस
मेडिकल बोर्ड ने अपनी रिपोर्ट में उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर अस्पताल के विरुद्ध प्रोफेशनल नेग्लिजेंस साबित करने के लिए पर्याप्त आधार नहीं होने की बात कही थी। हालांकि इसके बाद भी मामला पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ।
प्रशासनिक और पुलिस स्तर पर जांच जारी रही। अब जिला प्रशासन से प्राप्त जांच रिपोर्ट में उपचार में लापरवाही से जुड़े आरोपों को सत्य पाए जाने के बाद अस्पताल के खिलाफ कार्रवाई की गई है।
जांच रिपोर्ट के बाद अस्पताल पर चला प्रशासन का एक्शन
जिला प्रशासन और पुलिस की रिपोर्ट के आधार पर अस्पताल को नियमानुसार सील कर दिया गया है। इसके साथ ही अस्पताल और संबंधित चिकित्सकों के खिलाफ प्राथमिकी की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।
सिविल सर्जन की ओर से डा. प्रीतम समेत सात चिकित्सकों के खिलाफ एफआइआर के लिए आवेदन दिया गया है। प्रशासन का कहना है कि जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर नियमानुसार आगे की कार्रवाई होगी।
इसी साल अस्पताल का निबंधन भी हुआ था समाप्त
पुष्पांजलि मल्टीस्पेशियलिटी हास्पिटल का निबंधन भी इसी वर्ष की शुरुआत में समाप्त हो गया था। इसके बाद सिविल सर्जन कार्यालय की ओर से अस्पताल प्रबंधन से स्पष्टीकरण मांगा गया था।
अस्पताल पर 50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया था। इसके बाद प्रशासनिक जांच में उपचार संबंधी अनियमितताओं और लापरवाही के आरोपों की पुष्टि होने पर कार्रवाई आगे बढ़ी।
सिविल सर्जन ने बताया, जांच रिपोर्ट के आधार पर हुई कार्रवाई
पटना सिविल सर्जन डा. योगेंद्र प्रसाद मंडल ने बताया कि जिला प्रशासन और पुलिस से प्राप्त जांच रिपोर्ट के आधार पर अस्पताल को नियमानुसार सील किया गया है।
उन्होंने बताया कि अस्पताल के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कराने के लिए संबंधित थाना प्रभारी को पत्र भेजा गया है। सात चिकित्सकों के खिलाफ भी एफआइआर की प्रक्रिया शुरू की गई है। जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
पांच साल बाद कार्रवाई ने फिर उठाए इलाज पर सवाल
कोविड की दूसरी लहर के दौरान हुई इस मौत के मामले में लंबे समय बाद हुई कार्रवाई ने अस्पतालों में उपचार और निगरानी व्यवस्था को लेकर सवाल फिर सामने ला दिए हैं।
एक ओर शुरुआती मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट में पर्याप्त आधार नहीं मिलने की बात कही गई थी, वहीं बाद की प्रशासनिक जांच में लापरवाही के आरोप सत्य पाए गए।
अब प्राथमिकी और आगे की जांच के बाद यह स्पष्ट होगा कि मामले में किन तथ्यों के आधार पर जिम्मेदारी तय होती है और संबंधित चिकित्सकों व अस्पताल के विरुद्ध क्या कार्रवाई की जाती है।
