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पटनावासियों को नगर निगम ने दी राहत, 30 जून तक होल्डिंग टैक्स जमा करने पर मिलेगी छूट, अक्टूबर से लगेगा ब्याज

Published: Sun, 12 Apr 2026 01:19 PM (IST)

पटना नगर निगम ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए संपत्ति कर संग्रहण हेतु महत्वपूर्ण पहल की है। 30 जून तक ...और पढ़ें

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जागरण संवाददाता, पटना। नगर निगम ने चालू वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए संपत्ति कर संग्रहण को लेकर महत्वपूर्ण पहल की है। बिहार नगरपालिका संपत्ति कर (निर्धारण, संग्रहण एवं वसूली) नियमावली, 2013 के तहत 30 जून से पहले संपत्ति कर जमा करने वाले सभी संपत्तिधारकों को पांच प्रतिशत की अनिवार्य छूट दी जाएगी। निगम ने नागरिकों से अपील की कि वे समय रहते कर जमा कर छूट का लाभ उठाएं।

संपत्ति कर का भुगतान ऑनलाइन माध्यमों जैसे नगर निगम के आधिकारिक पोर्टल और अधिकृत यूपीआइ एप के जरिए किया जा सकता है। इसके अलावा निगम मुख्यालय एवं अंचल कार्यालयों में जाकर भी कर जमा करने की सुविधा उपलब्ध है।

निगम के अनुसार, जुलाई से सितंबर की दूसरी तिमाही में कोई छूट नहीं दी जाएगी, जबकि अक्टूबर से बकाया कर पर प्रति माह 1.5 प्रतिशत की दर से ब्याज लगाया जाएगा। लगातार भुगतान नहीं करने वालों को डिफाल्टर घोषित कर कार्रवाई शुरू की जाएगी।

इसी के साथ नगर निगम ने स्व-कर निर्धारण (सेल्फ असेसमेंट) की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है। अब नागरिक पोर्टल के माध्यम से अपनी संपत्ति का आनलाइन निर्धारण कर सकते हैं या संबंधित कार्यालय में फार्म जमा कर सकते हैं। नियमों के अनुसार, प्रत्येक संपत्तिधारक को बिना निगम की सूचना का इंतजार किए स्वयं अपनी संपत्ति का निर्धारण कर कर जमा करना अनिवार्य है।

नए निर्माण की स्थिति में पुनः कर निर्धारण कराना अनिवार्य

नई संपत्ति खरीदने वालों के लिए 30 दिनों के भीतर स्व-निर्धारण कराना जरूरी होगा। ऐसा नहीं करने पर आवासीय संपत्तियों पर 2,000 रुपये और गैर-आवासीय संपत्तियों पर 5,000 रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा।

इसके अलावा संपत्ति के उपयोग में बदलाव या नए निर्माण की स्थिति में पुनः कर निर्धारण कराना भी अनिवार्य किया गया है। नियमों की अनदेखी करने पर 100 प्रतिशत तक पेनाल्टी के साथ वसूली की जाएगी।

ऑनलाइन सेल्फ असेसमेंट के लिए आवेदकों को पोर्टल पर मोबाइल नंबर से लाग-इन कर आवश्यक विवरण भरना होगा। इसमें नाम, पता, क्षेत्रफल, संपत्ति की श्रेणी, सड़क की श्रेणी आदि की जानकारी के साथ आधार/वोटर आइडी, रजिस्ट्री दस्तावेज, बिजली बिल एवं जियो-टैग्ड फोटो अपलोड करनी होगी। फार्म जमा होने के बाद आवेदक को एसएएस नंबर जारी किया जाएगा, जिसके आधार पर कर भुगतान किया जा सकेगा।

शहर में लगभग 3.06 लाख संपत्तियां पंजीकृत

निगम द्वारा जानकारी दी गई है कि वर्तमान में शहर में लगभग 3.06 लाख संपत्तियां पंजीकृत हैं। शहर के तेजी से विस्तार और सड़कों की श्रेणी में बदलाव को देखते हुए अब बिजली कनेक्शन के आधार पर सभी संपत्तियों का सर्वे और असेसमेंट कराया जाएगा। साथ ही, स्व-कर निर्धारण के दौरान गलत जानकारी देने वाले संपत्तिधारकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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