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पटना में संपत्ति कर की डेडलाइन 30 सितंबर, 1 अक्टूबर से 1.5% ब्याज; क्या है छूट और जुर्माने का पूरा नियम

Published: Thu, 10 Sep 2026 07:57 PM (IST)

Patna Property Tax Deadline पटना नगर निगम क्षेत्र में संपत्ति कर जमा करने की अंतिम तिथि 30 सितंबर है, जिसके ...और पढ़ें

पटना नगर निगम

पटना नगर निगम

HighLights

  1. संपत्ति कर जमा करने की अंतिम तिथि 30 सितंबर।

  2. 1 अक्टूबर से बकाया राशि पर 1.5% मासिक ब्याज।

  3. समय पर भुगतान न करने पर कुर्की, बैंक खाता फ्रीज।

जागरण संवाददाता, पटना। पटना नगर निगम क्षेत्र के संपत्तिधारकों के लिए संपत्ति कर जमा करने की अंतिम तिथि 30 सितंबर है। इसके बाद एक अक्टूबर से बकाया कर की मूल राशि पर हर माह 1.5 प्रतिशत ब्याज देना होगा। जितने लंबे समय तक कर बकाया रहेगा, संपत्तिधारक की देनदारी उतनी ही बढ़ती जाएगी।

नगर निगम ने संपत्तिधारकों से समय पर कर जमा करने की अपील की है। निगम की ओर से मोबाइल संदेश भेजकर कर भुगतान के साथ-साथ संपत्ति का कर निर्धारण कराने की जानकारी भी दी जा रही है।

सितंबर तक कर जमा करने पर ब्याज से बचेंगे

बिहार नगरपालिका संपत्ति कर नियमावली, 2013 के अनुसार अप्रैल से जून तक पूरे वित्तीय वर्ष का संपत्ति कर एकमुश्त जमा करने पर मूल कर में पांच प्रतिशत की अनिवार्य छूट मिलती है। जुलाई से सितंबर तक कर जमा करने पर यह छूट नहीं मिलती है।

अक्टूबर से कर जमा नहीं करने वाले संपत्तिधारकों को डिफाल्टर माना जाएगा और बकाया राशि पर हर माह 1.5 प्रतिशत ब्याज लगेगा। वहीं, बिना कर निर्धारण वाली संपत्तियों पर 30 सितंबर के बाद 100 प्रतिशत तक जुर्माना लगाया जा सकता है।

संपत्ति कर नहीं दिया तो कुर्की तक की कार्रवाई

नगर निगम के अनुसार बिहार नगरपालिका अधिनियम, 2007 के तहत बकाया कर की वसूली के लिए संपत्ति की कुर्की और बिक्री का प्रविधान है। जरूरत पड़ने पर बैंक खाता फ्रीज करने और कर वसूली के लिए गिरफ्तारी वारंट जारी करने जैसी कार्रवाई भी की जा सकती है।

ऐसे में जिन संपत्तियों का अब तक स्व-कर निर्धारण नहीं हुआ है, उन्हें जल्द प्रक्रिया पूरी करने की सलाह दी गई है। स्व-कर निर्धारण निगम की वेबसाइट पर ऑनलाइन या संबंधित अंचल कार्यालय में कराया जा सकता है।

9 सितंबर तक 1.51 लाख संपत्तिधारकों ने जमा किया कर

नगर निगम क्षेत्र में अब तक 3.06 लाख संपत्तियों का स्व-कर निर्धारण हो चुका है। चालू वित्तीय वर्ष में नौ सितंबर तक 1,51,331 संपत्तिधारकों ने संपत्ति कर जमा किया है। इससे निगम को 61.19 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ है।

पिछले वित्तीय वर्ष की इसी अवधि में 1,46,603 संपत्तिधारकों ने कर जमा किया था और निगम को 49.89 करोड़ रुपये मिले थे। यानी इस वर्ष अब तक 4,383 अधिक संपत्तिधारकों ने कर जमा किया है, जबकि राजस्व संग्रह में 11.29 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी हुई है।

पहली तिमाही में 1.24 लाख लोगों ने लिया छूट का लाभ

चालू वित्तीय वर्ष की पहली तिमाही यानी अप्रैल से जून के दौरान मूल कर पर पांच प्रतिशत छूट का लाभ लेने के लिए 1,24,641 संपत्तिधारकों ने कर जमा किया था। इससे नगर निगम को 47.88 करोड़ रुपये का संपत्ति कर प्राप्त हुआ।

समय पर संपत्ति कर जमा करने से एक तरफ अतिरिक्त ब्याज और कार्रवाई से बचा जा सकता है, वहीं नगर निगम को मिलने वाला राजस्व शहर में नागरिक सुविधाओं और आधारभूत संरचनाओं के विकास में उपयोग होता है।

तीन वर्षों में लगातार बढ़ा संपत्ति कर संग्रह

नगर निगम के आंकड़ों के अनुसार पिछले तीन वित्तीय वर्षों में संपत्ति कर जमा करने वालों की संख्या और राजस्व दोनों में लगातार वृद्धि हुई है।

  • 2023-24: 2,18,620 संपत्तिधारक — 104 करोड़ रुपये
  • 2024-25: 2,25,309 संपत्तिधारक — 114 करोड़ रुपये
  • 2025-26: 2,41,625 संपत्तिधारक — 125 करोड़ रुपये