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असम से यूपी, फिर पटना... हेरोइन तस्करी का नया रूट खुला, डिलीवरी से पहले 4 गिरफ्तार

Published: Tue, 15 Sep 2026 06:25 PM (IST)

पटना पुलिस ने पूर्वोत्तर से बिहार तक हेरोइन तस्करी के एक नए रूट का खुलासा किया है, जिसमें उत्तर प्रदेश ...और पढ़ें

असम से पटना तक नेटवर्क खंगाल रही पुलिस

असम से पटना तक नेटवर्क खंगाल रही पुलिस

HighLights

  1. पूर्वोत्तर से बिहार तक हेरोइन तस्करी का नया रूट उजागर हुआ।

  2. पटना में 274 ग्राम हेरोइन के साथ चार तस्कर गिरफ्तार किए गए।

  3. खेप असम से कुशीनगर होते हुए पटना लाई जा रही थी।

जागरण संवाददाता, पटना। पूर्वोत्तर से बिहार तक हेरोइन पहुंचाने वाले सिंडिकेट ने पुलिस की निगरानी से बचने के लिए ट्रांजिट रूट बदल लिया है। अब उत्तर प्रदेश को ट्रांजिट प्वाइंट बनाकर मादक पदार्थ बिहार लाए जाने का मामला सामने आया है।

जेपी सेतु टीओपी के पास वाहन जांच में 274 ग्राम हेरोइन जैसे मादक पदार्थ की बरामदगी के बाद पुलिस को इस नए रूट की जानकारी मिली।

कुशीनगर के तमकुही में मिली थी खेप

पूछताछ में आरोपितों ने बताया कि खेप असम से उत्तर प्रदेश के कुशीनगर पहुंची थी। तमकुही में एक तस्कर ने उन्हें हेरोइन सौंपी थी, जिसे कार से पटना लाया जा रहा था।

पटना में खेप एक फाइनेंसर को सौंपनी थी, लेकिन डिलीवरी से पहले ही पुलिस ने कार रोककर चारों को गिरफ्तार कर लिया। पकड़े गए आरोपितों में दो कुशीनगर के रहने वाले हैं।

असम से पटना तक नेटवर्क खंगाल रही पुलिस

पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि असम में खेप किसने तैयार कराई और कुशीनगर में इसे रिसीव करने वाला कौन था।

पटना पुलिस ने इस मामले में यूपी पुलिस से भी संपर्क किया है। जांच में पटना में डिलीवरी लेने वाले व्यक्ति की भूमिका अहम मानी जा रही है।

सप्लायर से फाइनेंसर तक पहुंचना चुनौती

तस्करी नेटवर्क में सप्लायर, ट्रांजिट प्वाइंट पर खेप लेने वाला, कैरियर और अंतिम खरीदार अलग-अलग हो सकते हैं। पुलिस अब असम के सप्लायर, तमकुही के तस्कर और पटना में खेप लेने वाले फाइनेंसर की पहचान कर रही है। आरोपितों के मोबाइल फोन और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की भी जांच की जा रही है।

खुद को कारोबारी बताया, तलाशी में खुला राज

जेपी सेतु टीओपी के पास जांच के दौरान संजय और रवि ने खुद को कारोबारी बताया था। तलाशी में मादक पदार्थ मिलने के बाद तस्करी की कड़ी सामने आई।

आरोपितों की पहचान कुशीनगर निवासी संजय निषाद और रवि तिवारी, गोपालगंज के बंटी पांडेय और करैया के रूप में हुई है।

एसडीपीओ विधि-व्यवस्था-2 सुषमा सागर के अनुसार, बंटी के खिलाफ गोपालगंज के विभिन्न थानों में रंगदारी, आर्म्स एक्ट और शराब तस्करी समेत आठ मामले दर्ज हैं। आलमगंज और खांजेकला थाने में भी एक-एक केस है। मुन्ना साह पर भी केस दर्ज होने की जानकारी दी गई है।

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