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24 घंटे में शव जलाने पर पटना के दो पुलिसकर्मी सस्पेंड, कैलाश मौत मामले में रेल एसपी ने माना गंभीर लापरवाही

Published: Sat, 19 Sep 2026 10:40 AM (IST)

चलती ट्रेन से फेंके गए कैलाश कुमार की मौत के मामले में दानापुर जीआरपी की लापरवाही पर कार्रवाई हुई है। ...और पढ़ें

दानापुर जीआरपी की लापरवाही पर कार्रवाई

दानापुर जीआरपी की लापरवाही पर कार्रवाई

HighLights

  1. चलती ट्रेन से फेंके गए कैलाश की मौत में जीआरपी की लापरवाही।

  2. अज्ञात शव को 72 घंटे से पहले जलाने पर दो पुलिसकर्मी निलंबित।

  3. रेल एसपी ने दानापुर के दो पुलिसकर्मियों को लापरवाही पर निलंबित किया।

संवाद सूत्र, खगौल(पटना)। चलती ट्रेन में दोस्त के साथ मारपीट और लूटपाट के बाद कैलाश कुमार के हाथ-पैर बांधकर उसे ट्रेन से फेंकने के मामले में अब दानापुर जीआरपी की लापरवाही पर कार्रवाई हुई है। घटना के बाद नेऊरा-बिहटा के बीच रेलवे ट्रैक से जीआरपी को एक अज्ञात युवक का शव मिला था।

पुलिस ने यूडी केस दर्ज कर शव को पहचान के लिए रखा, लेकिन 72 घंटे की निर्धारित अवधि पूरी होने से पहले ही करीब 24 घंटे में उसका अंतिम संस्कार करा दिया गया।

72 घंटे की प्रक्रिया नहीं हुई पूरी

मामले में रेल पुलिस अधीक्षक पटना आनंद कुमार राय ने दानापुर रेल थाना के सहायक दारोगा राकेश कुमार और सिपाही अविनाश कुमार को निलंबित कर दिया है।

रेल एसपी ने बताया कि अज्ञात शव मिलने पर यूडी कांड दर्ज कर उसे शिनाख्त के लिए 72 घंटे तक सुरक्षित रखने का प्रावधान है।

इस मामले में निर्धारित प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया। इसी लापरवाही को लेकर दोनों पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की गई है।

आरोपी की पहचान, गिरफ्तारी के लिए छापेमारी

रेल एसपी ने बताया कि कैलाश की मौत के मामले में आरोपी की पहचान कर ली गई है। आरोपी फिलहाल फरार है और उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम लगातार छापेमारी कर रही है।

गिरफ्तारी नहीं होने पर न्यायालय से वारंट, इश्तेहार और कुर्की की कार्रवाई की जा रही है। सीसीटीवी फुटेज समेत अन्य साक्ष्यों के आधार पर मामले की जांच आगे बढ़ाई जा रही है।

ट्रेन से फेंके जाने का परिजनों ने लगाया आरोप

गौरतलब है कि मृतक आरा के अनाईठ निवासी अर्जुन कुमार का 20 वर्षीय पुत्र कैलाश कुमार था। स्वजनों का आरोप है कि छह सितंबर की रात बक्सर से लौटने के दौरान ट्रेन में बदमाशों ने कैलाश और उसके दोस्त रितेश के साथ मारपीट की।

विरोध करने पर कैलाश को हाथ-पैर बांधकर ट्रेन से बाहर फेंक दिया गया। घटना के बाद परिजन आरा, पटना जंक्शन, गांधी मैदान समेत कई जगहों पर कैलाश की तलाश करते रहे।

अज्ञात शव के अंतिम संस्कार के बाद हुई पहचान

बाद में दानापुर जीआरपी पहुंचने पर परिजनों को पता चला कि जिस अज्ञात शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया था, वह कैलाश का था।

इस जानकारी के बाद पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठे। मामले में दानापुर जीआरपी में अज्ञात बदमाशों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज है। पुलिस अब उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों तक पहुंचने और उनकी गिरफ्तारी की कार्रवाई में जुटी है।

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