पटना, जागरण संवाददाता। पटना के दीघा थाना इलाके में धरे गए पांच शराब तस्करों के मामले में एग्जीबिशन रोड के एक होटल कारोबारी की भूमिका मुख्य रूप से सामने आई है। पुलिस की टीम ने रविवार को एग्जीबिशन रोड स्थित होटल और उसके मालिक के घर पर छापा मारा। लेकिन उसे दबोचा नहीं जा सका। पुलिस उसकी गिरफ्तारी के लिए अब तकनीक का सहारा ले रही है। पुलिस अधिकारी का कहना है कि कारोबारी अपने के साथ ही अन्य होटलों में शराब की आपूर्ति करता था। लिहाजा उसकी गिरफ्तारी से शराब तस्करी के पूरे मामले का पर्दाफाश हो सकेगा। वहीं, कुछ अन्य होटल मालिक भी पुलिस के रडार पर आ सकते हैं। बिहार पुलिस आजकल शराब के मामलों को काफी तत्‍परता से देख रही है। यहां तक कि पंजाब, हरियाणा और झारखंड तक से तस्‍करों को दबोचा जा रहा है।

प्रेस का स्टिकर लगी कार से मिली थी शराब

मालूम हो कि दीघा थाना पुलिस ने शनिवार को यूपी से दो क्रेटा कार से शराब की खेप लेकर पटना आए पांच तस्करों को गिरफ्तार किया था। प्रेस का स्टिकर लगी कार से 326 लीटर शराब बरामद की गई थी। पुलिस की पूछताछ में आरोपितों ने बताया कि वे एग्जीबिशन रोड के होटल कारोबारी के लिए शराब की तस्करी कर रहे थे। तस्कर पहले भी इस होटल में आपूर्ति के लिए शराब की तस्करी कर चुके हैं।

होटल कारोबारी ने दिया था पुलिस जांच से बचने को स्टिकर

कार पर जो प्रेस का स्टिकर लगा था उसे होटल कारोबारी ने उपलब्ध करवाया था। दरअसल आमतौर पर पुलिस प्रेस लगे वाहन की जांच नहीं करती है। गिरोह का मास्टरमाइंड पकड़े जाने से बचने के लिए शराब की तस्करी में प्रेस के स्टिकर का इस्तेमाल कर रहा था। होटल कारोबारी की गिरफ्तारी से यह पता चल सकेगा कि शराब तस्करी के तार किस-किस से जुड़े हैं। पुलिस कारोबारी की सरगर्मी से तलाश कर रही है।