सीटी बजाना 12 साल के बच्चे को पड़ा भारी, सांस की नली में फंसी सीटी पटना PMCH में ब्रोंकोस्कोपी से निकली
पटना में खेलते समय एक 12 वर्षीय बच्चे ने गलती से सीटी निगल ली, जो उसकी सांस की नली में ...और पढ़ें

PMCH पटना
HighLights
12 वर्षीय बच्चे ने खेलते समय गलती से सीटी निगल ली।
सीटी सांस की नली में फंस गई, जिससे गंभीर स्थिति बनी।
पीएमसीएच में ब्रोंकोस्कोपी से सीटी सफलतापूर्वक निकाली गई।
जागरण संवाददाता, पटना। पटना में 12 वर्षीय बच्चे के साथ खेलते समय ऐसा हादसा हुआ, जिसने परिवार की चिंता बढ़ा दी। सीटी बजाते समय बच्चा अनजाने में उसे सांस के साथ अंदर खींच बैठा। सीटी सांस की नली से होते हुए ब्रोंकस में जाकर फंस गई, जिससे बच्चे के लिए गंभीर स्थिति बन गई।
पीएमसीएच में तीन विभागों ने संभाला मोर्चा
बच्चे को पीएमसीएच लाया गया, जहां पल्मोनरी, ईएनटी और एनेस्थीसिया विभाग की संयुक्त टीम ने इलाज शुरू किया। पल्मोनरी विभाग की वरिष्ठ चिकित्सक डा. साइमा एजाज के नेतृत्व में ब्रोंकोस्कोपी के जरिए सीटी निकालने का निर्णय लिया गया।
ब्रोंकोस्कोपी से सांस की नली से निकली सीटी
ईएनटी आपरेशन थिएटर नंबर-दो में ब्रोंकोस्कोपी की गई। चिकित्सकों ने सावधानीपूर्वक सांस की नली में फंसी सीटी को बाहर निकाल लिया। प्रक्रिया के दौरान पल्मोनरी टीम के साथ जूनियर रेजिडेंट डा. आदित्य और डा. रोशन ने सहयोग किया।
एनेस्थीसिया टीम ने भी संभाली अहम जिम्मेदारी
पूरी प्रक्रिया विभागाध्यक्ष प्रो. बीके चौधरी और वरिष्ठ शिक्षक डा. समरेंद्र झा के मार्गदर्शन में पूरी हुई। ईएनटी विभाग की एचओडी प्रो. प्रीति शर्मा और उनकी टीम ने भी सहयोग किया। एनेस्थीसिया टीम ने प्रक्रिया के दौरान बच्चे को सुरक्षित रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
छोटी सी लापरवाही बन सकती है बड़ा खतरा
चिकित्सकों के अनुसार बच्चों में खेल-खेल में सीटी, खिलौने या दूसरी छोटी वस्तुओं को मुंह के पास ले जाने से ऐसी घटनाएं हो सकती हैं। सांस की नली में किसी वस्तु के चले जाने की आशंका हो तो इसे हल्के में नहीं लेना चाहिए और बच्चे को तत्काल अस्पताल ले जाना जरूरी है।
सांस में दिक्कत हो तो तुरंत अस्पताल पहुंचाएं
अगर किसी वस्तु के सांस की नली में जाने की आशंका हो तो बच्चे को जबरन खाना या पानी नहीं देना चाहिए। लगातार खांसी, सांस लेने में परेशानी, सीटी जैसी आवाज या अचानक सांस फूलने जैसे लक्षण दिखें तो बिना देरी किए बच्चे को अस्पताल ले जाना चाहिए।
सीटी-सिक्के और छोटे खिलौनों से रखें बच्चों को दूर
- बच्चों को सीटी, सिक्के, बटन, खिलौनों के छोटे हिस्से जैसी वस्तुओं से खेलते समय अकेला न छोड़ें।
- छोटी वस्तु को मुंह में रखने या उससे खेलने से रोकें, खासकर छोटे बच्चों को।
- खेलते समय सीटी, गुब्बारे या अन्य वस्तुओं को मुंह में लेकर दौड़ने से बचाएं।
- वस्तु सांस की नली में जाने की आशंका हो तो बच्चे को जबरन पानी या खाना न दें।
- सांस लेने में परेशानी, लगातार खांसी, सीटी जैसी आवाज या अचानक सांस फूलने पर तुरंत अस्पताल ले जाएं।
