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टोल प्लाजा पर कैशलेस हुआ टैक्स भुगतान: NH-30 पर बिना FASTag-UPI भी दे सकते हैं कैश

Published: Wed, 01 Apr 2026 10:18 AM (IST)

राष्ट्रीय राजमार्ग-30 पर सिपारा से बख्तियारपुर के बीच टोल भुगतान 1 अप्रैल से पूरी तरह डिजिटल हो गया है। अब ...और पढ़ें

टोल प्लाजा पर टैक्स भुगतान कैशलेस हुआ

टोल प्लाजा पर टैक्स भुगतान कैशलेस हुआ

HighLights

  1. NH-30 पर 1 अप्रैल से टोल डिजिटल हुआ।

  2. फास्टैग/यूपीआई से भुगतान अनिवार्य, कैश विकल्प सीमित।

  3. 99% वाहन अब डिजिटल टोल चुका रहे हैं।

जागरण संवाददाता, पटना। राष्ट्रीय राजमार्ग-30 पर सिपारा से बख्तियारपुर के बीच अब टोल भुगतान पूरी तरह डिजिटल होता जा रहा है। एक अप्रैल की मध्य रात्रि से यहां कैशलेस सिस्टम लागू कर दिया गया है। अब वाहन चालकों को टोल टैक्स फास्टैग या यूपीआई के जरिए देना पड़ रहा है। इस बदलाव का मकसद टोल प्रक्रिया को तेज और पारदर्शी बनाना है।

कैमरों और तकनीक से लैस टोल प्लाजा

पटना से फतुहा और फतुहा से पटना आने-जाने वाले मार्ग पर छह-छह लेन में कैमरे लगाए गए हैं। ये कैमरे फास्टैग स्कैन कर स्वतः भुगतान की प्रक्रिया पूरी करते हैं।

इसके अलावा यूपीआई से भुगतान की सुविधा भी दी गई है। इससे वाहनों की लंबी कतार और समय की बर्बादी में कमी आई है।

कैश देने वालों को भी राहत

हालांकि, जिन वाहन चालकों के पास फास्टैग या यूपीआई नहीं है, उनके लिए नगद भुगतान का विकल्प अभी भी खुला है। ऐसे लोगों को 10 से 15 दिन का समय दिया जा रहा है ताकि वे फास्टैग बनवा सकें।

टोल प्लाजा पर ही फास्टैग बनाने के लिए काउंटर भी शुरू किया गया है। इससे धीरे-धीरे सभी को डिजिटल सिस्टम में शामिल करने की कोशिश हो रही है।

हर दिन गुजरते हैं हजारों वाहन

टोल प्लाजा के प्रबंधक के अनुसार, यहां से रोजाना करीब 12 हजार वाहन गुजरते हैं। इनमें से 100 से भी कम वाहन ऐसे हैं जो अभी भी नगद भुगतान करते हैं।

यानी लगभग 99 प्रतिशत वाहन अब डिजिटल तरीके से टोल चुका रहे हैं। यह आंकड़ा डिजिटल पेमेंट की बढ़ती स्वीकार्यता को दिखाता है।

NHAI के निर्देश पर लागू व्यवस्था

टोल प्लाजा प्रबंधन ने बताया कि यह व्यवस्था भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के निर्देश पर लागू की गई है। हालांकि, औपचारिक नोटिफिकेशन अभी प्राप्त नहीं हुआ है।

इसके बावजूद व्यवस्था को प्रभावी ढंग से लागू कर दिया गया है। प्रबंधन का कहना है कि आने वाले समय में यह पूरी तरह कैशलेस हो जाएगा।

डिजिटल इंडिया की ओर बड़ा कदम

यह बदलाव डिजिटल इंडिया अभियान को मजबूती देने वाला कदम माना जा रहा है। कैशलेस भुगतान से पारदर्शिता बढ़ेगी और भ्रष्टाचार की संभावना कम होगी।

साथ ही यात्रियों को तेज और सुगम यात्रा का अनुभव मिलेगा। अब टोल प्लाजा पर डिजिटल भुगतान ही नई सामान्य व्यवस्था बनती जा रही है।