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नीट छात्रा मौत केस: हॉस्टल मालिक मनीष रंजन की जमानत याचिका पर आज सुनवाई, कोर्ट के फैसले पर नजर

Published: Wed, 11 Mar 2026 10:48 AM (IST)Updated: Wed, 11 Mar 2026 10:53 AM (IST)

पटना के चर्चित नीट छात्रा मौत मामले में शंभू गर्ल्स हॉस्टल के मालिक मनीष रंजन की जमानत याचिका पर बुधवार ...और पढ़ें

हॉस्टल मालिक मनीष रंजन की जमानत याचिका पर आज सुनवाई

हॉस्टल मालिक मनीष रंजन की जमानत याचिका पर आज सुनवाई

HighLights

  1. मनीष रंजन की जमानत याचिका पर आज सुनवाई।

  2. सीबीआई ने जांच में ठोस सबूत नहीं पाए।

  3. पीड़ित पक्ष ने जमानत का किया विरोध।

डिजिटल डेस्क, पटना। पटना के चर्चित नीट छात्रा मौत मामले में जेल में बंद शंभू गर्ल्स हॉस्टल बिल्डिंग के मालिक मनीष रंजन की जमानत याचिका पर बुधवार को सुनवाई होगी। मामले की सुनवाई पॉक्सो कोर्ट में होनी है। इस केस की जांच फिलहाल केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) कर रही है।

पिछली सुनवाई में जमानत का हुआ था विरोध

पिछली सुनवाई के दौरान मनीष रंजन की ओर से उनके वकील ने कोर्ट से जमानत देने की अपील की थी। हालांकि पीड़ित परिवार के वकील एसके पांडेय ने इसका कड़ा विरोध जताया था।

उन्होंने कहा था कि मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपित को जमानत नहीं दी जानी चाहिए।

सीबीआई और पुलिस ने कोर्ट में कही थी यह बात

दूसरी ओर पटना पुलिस और वर्तमान में मामले की जांच कर रही सीबीआई कोर्ट में यह कह चुकी है कि जांच के लिए उन्हें मनीष रंजन की जरूरत नहीं है।

इस पर कोर्ट ने सवाल उठाते हुए पूछा था कि अगर जरूरत नहीं है तो फिर वह जेल में क्यों बंद है। इसके बाद अदालत ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 11 मार्च की तारीख तय की थी।

बेउर जेल में ही मनीष ने मनाई होली

पिछली सुनवाई 2 मार्च को हुई थी और उसी दिन अगली तारीख तय की गई थी। इसी वजह से मनीष रंजन को इस बार होली बेउर जेल में ही मनानी पड़ी। वह फिलहाल न्यायिक हिरासत में जेल में बंद है।

बाद में जोड़ी गई पॉक्सो एक्ट की धारा

जब सीबीआई ने इस केस की जांच अपने हाथ में ली थी, तब उसमें पॉक्सो एक्ट की धारा शामिल नहीं की गई थी। इसे लेकर कोर्ट ने भी कड़ी टिप्पणी की थी।

इसके बाद सरकार की ओर से जारी अधिसूचना के आधार पर सीबीआई ने अपने दर्ज मामले में पॉक्सो की धारा जोड़ दी।

जांच में अब तक ठोस सबूत नहीं मिलने की चर्चा

सूत्रों के अनुसार सीबीआई ने पटना और जहानाबाद में कई लोगों से पूछताछ की है। हॉस्टल सहित कई स्थानों की जांच भी की गई है।

इसके बावजूद अब तक एजेंसी के हाथ इस मामले में कोई ठोस सबूत नहीं लगने की चर्चा है, जिस पर पीड़ित पक्ष लगातार सवाल उठा रहा है।

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