पटना । नगर निगम के 26 को पेश होने वाले बजट में संसाधनों की मजबूती पर भी जोर रहेगा। इसके लिए निगम लगभग एक सौ करोड़ से अधिक खर्च करेगा। निगम के वित्तीय वर्ष 2018-19 के बजट में स्वीपिंग मशीन, कॉम्पैक्टर, जेसीबी, बॉबकैट, बिन सेकेंड्री की खरीदारी के लिए 50 करोड़ का प्रावधान किया जा रहा है। जबकि 20 करोड़ की लागत से टिपर, ट्रैक्टर व अन्य सफाई उपकरण खरीदे जाएंगे। नगर निगम इंदौर, ग्रेटर मुंबई आदि शहरों की तर्ज पर अपने संसाधन मजबूत करने पर भी जोर दे रहा है।

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: बनेंगे दो अंचल कार्यालय व सभागार :

नगर निगम के बजट में संसाधन की मजबूती पर तो जोर रहेगा ही, प्रस्तावित पाटलिपुत्र अंचल व न्यू अजीमाबाद अंचल के लिए भी राशि का आवंटन रहेगा। पाटलिपुत्र अंचल नूतन राजधानी अंचल को बांट कर बनाया जाएगा। निगम का बोर्ड पटना सिटी अंचल को बांटकर न्यू अजीमाबाद अंचल बनाने का प्रस्ताव पारित कर सरकार को भेज चुका है। भवन निर्माण के लिए बजट में प्रावधान रहेगा। इसके अतिरिक्त मछुआटोली में शॉपिंग कॉम्प्लेक्स निर्माण तथा श्रीकृष्णापुरी पार्क के बगल में स्थित सामुदायिक हॉल को डेवलप कर सभागार बनाया जाएगा। इसके लिए भी बजट में राशि का प्रावधान किया गया है।

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: कहते हैं वार्ड पार्षद :

वार्डो में सामुदायिक भवन होना चाहिए। पार्क की व्यवस्था होनी चाहिए। सभी इलाकों के लिए पेयजल की व्यवस्था का भी ख्याल रखा जाना चाहिए। सामुदायिक शौचालय, जलापूर्ति पाइप लाइन के लिए विशेष प्रावधान होना चाहिए।

- रवि प्रकाश, वार्ड पार्षद 11

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: कहते हैं विशेषज्ञ :

बजट में मूलभूत सुविधा पर ध्यान देना चाहिए। बच्चों व महिलाओं के लिए पार्क, युवाओं के लिए जिम, कम्युनिटी हॉल, साफ-सफाई के लिए सभी उपकरण होने चाहिए। पटना नगर निगम का ऑडिटोरियम होना चाहिए। निगम के अपने कार्यालय के लिए विशेष प्रावधान होना चाहिए। हमारे कार्यकाल में निगम को पांच करोड़ रुपये मिले थे। इससे निगम कार्यालय बनाने का जिम्मा दिया गया था। बजट में पार्षदों की सुविधा का ख्याल रखना चाहिए।

- अफजल इमाम, पूर्व मेयर।

Posted By: Jagran

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