पटना। इस वर्ष 31 दिसंबर तक राजधानी के सभी 75 वार्डो को 'खुले में शौच मुक्त' (ओडीएफ) घोषित करने के लक्ष्य से पटना नगर निगम अभी काफी दूर है। यही नहीं पटना नगर निगम की ओर से पूर्व से घोषित 11 ओडीएफ वार्डो में भी सार्वजनिक शौचालय, सामुदायिक शौचालय और यूरिनल की पर्याप्त व्यवस्था नहीं है। जबकि निगम की ओर से पांच अक्टूबर को श्री कृष्ण मेमोरियल सभागार में स्वच्छता जागरूकता कार्यक्रम में दिसंबर तक सभी वार्डो को ओडीएफ करने का संकल्प लिया गया था।

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: एक हजार यूरिनल की होगी खरीदारी :

ओडीएफ नगर निगम घोषित करने से पूर्व नगर निगम की ओर से एक हजार पोर्टेबल यूरिनल खरीदारी की कवायद चल रही है। बताया जाता है कि पूर्व में नगर निगम की ओर से इस कार्य का जिम्मा बुडको को दिया गया था। लेकिन बुडको की ओर से खरीदारी नहीं होने के कारण विलंब हो गया। अब पटना नगर निगम की ओर से खरीदारी की तैयारी चल रही है। साथ ही करीब तीन दर्जन से अधिक सार्वजनिक, सामुदायिक व डीलक्स शौचालयों के निर्माण व मरम्मत की तैयारी भी निगम की ओर से जोरों पर है।

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घर-घर में शौचालय निर्माण की गति धीमी :

घर-घर में शौचालय निर्माण की कवायद भी काफी धीमी है। बताया जाता है कि घर-घर शौचालय निर्माण को लेकर केंद्र व राज्य सरकार की ओर से लाभुकों को 12 हजार रुपये की सहायता राशि मुहैया कराई जाती है। इससे लोगों को अपने घरों में शौचालय निर्माण कराना है।

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: ये वार्ड हैं ओडीएफ :

09, 22, 22 बी, 25, 26, 27, 28, 40, 41, 42 और 49।

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नगर निगम के सभी वार्डो को ओडीएफ घोषित करने की कवायद युद्ध स्तर पर की जा रही है। इसके लिए पोर्टेबल यूरिनल और शौचालय निर्माण एवं सामुदायिक शौचालय निर्माण व मरम्मत करने की कवायद तेजी पर है। प्रयास यह है कि इस वित्तीय वर्ष में शहर को ओडीएफ घोषित कर दिया जाए।

- संजय दूबे, अपर नगर आयुक्त।

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Posted By: Jagran

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