पटना-मोकामा में ट्रेनों की रफ्तार को मिलेगी नई पटरी, नए डबल लाइन पुल पर ट्रायल पूरा; 3 रेल लाइनों से बढ़ेगी कनेक्टिविटी
मोकामा में गंगा नदी पर बने नए डबल लाइन रेल पुल का परिचालन रास्ता लगभग साफ हो गया है, रेल ...और पढ़ें

अलग-अलग स्पीड पर दौड़ी ट्रेन
HighLights
रेल संरक्षा आयुक्त ने नए पुल का दो दिवसीय निरीक्षण किया।
अलग-अलग गति पर ट्रेनों का सफल ट्रायल पूरा हुआ।
यह पुल बिहार की रेल कनेक्टिविटी और क्षमता बढ़ाएगा।
जागरण संवाददाता, पटना। Mokama New Rail Bridge: मोकामा में गंगा नदी पर राजेंद्र सेतु के समानांतर बने नए डबल लाइन रेल पुल के परिचालन का रास्ता लगभग साफ हो गया है। रेल संरक्षा आयुक्त (सीआरएस) ने दो दिनों तक नए पुल और मोकामा-रामपुर डुमरा रेलखंड का निरीक्षण किया। रविवार को अलग-अलग गति पर ट्रेनों का ट्रायल कराया गया।
सीआरएस की अंतिम रिपोर्ट और आवश्यक स्वीकृति के बाद नियमित परिचालन शुरू होगा। रेलवे स्तर पर नए पुल से परिचालन बहाल करने की तैयारी तेज हो गई है। इससे मोकामा-रामपुर डुमरा रेलखंड पर ट्रेनों की आवाजाही को नया विकल्प मिलेगा।
दो दिन का निरीक्षण, अलग-अलग स्पीड पर दौड़ी ट्रेन
सीआरएस, पूर्वी सर्किल कोलकाता गुरु प्रकाश ने शनिवार और रविवार को नए रेल पुल, ट्रैक, सिग्नलिंग और विद्युतीकरण से जुड़े कार्यों का निरीक्षण किया। पहले दिन मोटर ट्राली से रेलखंड के विभिन्न हिस्सों को देखा गया।
रविवार को नए पुल पर अलग-अलग गति से ट्रेन चलाकर ट्रैक और पुल की संरक्षा व्यवस्था को परखा गया। ट्रायल का मकसद निर्धारित मानकों के अनुरूप नए रेलखंड की परिचालन क्षमता की जांच करना था।
अब एक नहीं, गंगा पर होंगी कुल तीन रेल लाइनें
नया डबल लाइन पुल चालू होने के बाद पुराने राजेंद्र सेतु पर भी ट्रेनों का परिचालन जारी रहेगा। यानी राजेंद्र पुल क्षेत्र में अब कुल तीन रेल लाइनों की उपलब्धता होगी। इससे मोकामा-राजेंद्र पुल रेलखंड की क्षमता में बड़ी बढ़ोतरी होगी।
करीब 2400 करोड़ रुपये की लागत से तैयार नए पुल को पुराने राजेंद्र सेतु के समानांतर बनाया गया है। इसमें गंगा नदी पर करीब 1.9 किलोमीटर लंबा मुख्य पुल और 17 स्टील स्पैन शामिल हैं।
15.5 किमी प्रोजेक्ट में पुल से लेकर वायडक्ट तक निर्माण
पूरे प्रोजेक्ट की लंबाई करीब 15.5 किलोमीटर है। इसमें लगभग 3.6 किलोमीटर लंबा रेल वायडक्ट, आठ लघु पुल, दो सड़क उपरि पुल और तीन रेल ओवर रेल का निर्माण किया गया है।
नए पुल के दोनों छोर मौजूदा रेल नेटवर्क से जुड़े रहेंगे। उत्तर दिशा में हाथीदह, टाल और रामपुर डुमरा तथा दक्षिण दिशा में राजेंद्रपुल और बरौनी से इसका संपर्क रहेगा।
ऑटो सिग्नलिंग से बढ़ेगी ट्रेनों की क्षमता
करीब 13 किलोमीटर लंबे मोकामा-रामपुर डुमरा रेलखंड पर तीन नए इलेक्ट्रॉनिक इंटरलाकिंग की कमिश्निंग पूरी हो चुकी है। टाल, हाथीदह और रामपुर डुमरा में नई व्यवस्था से परिचालन को अधिक सुरक्षित बनाने में मदद मिलेगी।
दो लेवल क्रासिंग गेट की इंटरलाकिंग और ऑटो सिग्नलिंग भी पूरी की गई है। इससे ट्रेनों के बीच बेहतर परिचालन प्रबंधन होगा और उपलब्ध रेल लाइन का अधिक प्रभावी इस्तेमाल किया जा सकेगा।
उत्तर-दक्षिण बिहार से लेकर पूर्वोत्तर तक मजबूत होगा संपर्क
नए डबल लाइन पुल के चालू होने से उत्तर और दक्षिण बिहार के बीच रेल संपर्क को मजबूती मिलेगी। यात्री ट्रेनों के साथ मालगाड़ियों के परिचालन के लिए भी अतिरिक्त क्षमता उपलब्ध होगी।
रेलवे के अनुसार, परियोजना पूरी होने के बाद इस क्षेत्र में रेल यातायात की क्षमता अनुमानतः 2.5 गुना तक बढ़ सकती है। इससे ट्रेनों के संचालन में ज्यादा लचीलापन आएगा और उत्तर-पूर्वी हिस्सों से संपर्क भी बेहतर होगा।
सीआरएस रिपोर्ट के बाद खुलेगा नियमित परिचालन का रास्ता
दो दिवसीय निरीक्षण और ट्रायल पूरा होने के बाद अब सीआरएस की रिपोर्ट अहम होगी। आवश्यक स्वीकृति मिलने के बाद नए पुल से नियमित यात्री और मालगाड़ियों का परिचालन शुरू किया जा सकेगा।
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने भी इंटरनेट मीडिया पर नए पुल पर हुए ट्रेन ट्रायल का वीडियो साझा कर इसकी जानकारी दी है। नए पुल के शुरू होने के बाद मोकामा रेलखंड में ट्रेनों के संचालन को बड़ी क्षमता मिलने की उम्मीद है।
