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न अधिग्रहण; न नोटिस... तोड़ डाला 93 साल की बुजुर्ग का मकान, पटना मेट्रो की मनमानी की जांच शुरू  

Published: Sat, 03 Oct 2026 09:06 AM (IST)

पटना में मेट्रो परियोजना के लिए जमीन अधिग्रहण में बड़ी लापरवाही सामने आई है, जहां 93 वर्षीय निर्मला देवी का मकान बिना उचित अधिग्रहण और नोटिस के तोड़ दिया गया।

जगनपुरा मेट्रो स्टेशन निर्माण के दौरान हंगामा।जागरण

जगनपुरा मेट्रो स्टेशन निर्माण के दौरान हंगामा।जागरण


HighLights

  1. 93 वर्षीय निर्मला देवी का मकान बिना उचित अधिग्रहण के ध्वस्त किया गया।

  2. सर्वे रिपोर्ट में दो मंजिला मकान को गलत तरीके से शून्य दर्शाया गया।

  3. जांच टीम गठित होने के बावजूद मेट्रो निर्माण कार्य लगातार जारी रहा।

जागरण संवाददाता, पटना। पटना में मेट्रो रेल परियोजना के लिए जमीन अधिग्रहण में बड़ी लापरवाही सामने आई है। जगनपुरा में मेट्रो स्टेशन निर्माण के लिए जिन दो व्यक्तियों की जमीन अधिग्रहित की गई थी, उसके बदले 93 वर्षीय निर्मला देवी के एक तल्ले के मकान को तोड़ काम शुरू कर दिया।

यही नहीं, सर्वे रिपोर्ट में भी गड़बड़ी सामने आई है। रिपोर्ट में संरचना को शून्य दिखाया गया, जबकि दो तल्ले का मकान बना हुआ है। उक्त जमीन पर शुक्रवार को फिर से स्टेशन निर्माण का कार्य करने अधिकारी पहुंचे तो मामला उजागर हुआ।

निर्मला देवी के वकील राकेश कुमार सिंह ने निर्माण करने से रोक दिया। उन्होंने निर्मला देवी के नाम से नोटिस, गजट और सर्वे रिपोर्ट मांगी तो अधिकारियों ने उन्हें कुछ नहीं दिया। बदले में वास्तविक में अधिग्रहित जमीन वाले दो व्यक्तियों के नाम के नोटिस, गजट और सर्वे रिपोर्ट दिखाने लगे।

वकील राकेश कुमार सिंह आरोप लगाया कि इस पूरे प्रक्रिया में बड़ा खेल किया गया है। बगैर सूचना के मेरे एक तल्ले के मकान को ध्वस्त कर दिया गया। यही नहीं सारे सामान को गायब कर दिया।

उन्होंने कहा कि एक सप्ताह के अंदर इस मामले का निपटारा नहीं हुआ तो कोर्ट में अधिकारियों के खिलाफ याचिका दायर कर देंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि कब्जा करने पहुंचे अधिकारियों ने उन्हें जेल भिजवाने और केस में फंसाने की धमकी दी है।

मौके पर मौजूद कब्जा कराने पहुंचे मजिस्ट्रेट से बातचीत की कोशिश की गई तो वह बगल की दुकान के अंदर जाकर बैठ गए। साथ ही साथ दुकानदार द्वारा किसी को भी अंदर नहीं आने देने को कह दिया गया।

शिकायत के बाद चार सदस्यीय जांच टीम गठित

मामला सामने आने और पीड़िता के पावर आफ अटार्नी धारक की ओर से दस्तावेजों और अन्य साक्ष्यों के साथ शिकायत किए जाने के बाद प्रशासनिक स्तर पर जांच शुरू हुई है। भू-अर्जन निदेशालय के कड़े रुख के बाद पटना समाहर्ता के निर्देश पर चार सदस्यीय संयुक्त जांच दल का गठन किया गया है।

जांच टीम में अपर जिला भू-अर्जन पदाधिकारी, भू-मापक, फुलवारीशरीफ के अंचलाधिकारी और राजस्व अधिकारी को शामिल किया गया है। टीम को मौके पर जाकर जमीन और निर्माण की वास्तविक स्थिति की जांच कर स्पष्ट रिपोर्ट देने को कहा गया है।

कहा गया कि जबतक रिपोर्ट नहीं आती काम नहीं होगा, लेकिन इसके बावजूद काम शुरू कर दिया। इसके साथ ही यह भी जांच का विषय है कि जिस जमीन का अधिग्रहण रिकॉर्ड में दिखाया गया, वहां मौजूद दो मंजिला मकान और दुकानें कार्रवाई से कैसे बचीं और क्या जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया में किसी स्तर पर रिकॉर्ड में हेरफेर हुआ।

नवादा में रहती हैं वृद्धा

निर्मला देवी नवादा के मीरगंज में रहती हैं। उन्हें इस बात की जानकारी दिसंबर में मिली। इसके बाद निर्मला देवी के वकील ने मार्च में डीएम को पत्र लिखा।

कई अधिकारियों से इस मामले में बातचीत की, जिसके बाद टीम गठित की गई। महिला कभी नवादा तो कभी बेगूसराय अपनी बेटी के पास रहती हैं।

भूमि अधिग्रहण का मामला जिला प्रशासन व भू-अर्जन कार्यालय से संबंधित है। जिस भूमि पर दावा किया जा रहा है उसे मेट्रो को प्रशासन ने उपलब्ध कराया है उसी पर कार्य चल रहा है। -अर्चना खुशी, पीआरओ, पटना मेट्रो