7.80 रुपये में खरीदा आइवी सेट, MRP 187 रुपये: 7.60 की कैनुला पर 222 का टैग; बिहार में इलाज के बिल में बढ़ रहा बोझ
दैनिक जागरण की पड़ताल में पटना में मेडिकल कंज्यूमेबल्स और कुछ दवाओं की खरीद कीमत और एमआरपी में भारी अंतर ...और पढ़ें

परेशान मरीज मालामाल डॉक्टर(AIफोटो)
HighLights
मेडिकल कंज्यूमेबल्स और दवाओं की खरीद-एमआरपी में बड़ा अंतर उजागर।
आइवी सेट, कैनुला जैसे सामानों पर 15 से 29 गुना अधिक एमआरपी।
कैंसर और हृदय रोगों की कुछ दवाओं के दाम में भी भारी फर्क।
डा. नलिनी रंजन, पटना। अस्पताल में भर्ती मरीज के इलाज का खर्च सिर्फ दवाओं और जांच तक सीमित नहीं रहता। सिरिंज, आइवी सेट, कैनुला, ऑक्सीजन मास्क, यूरिन बैग और दूसरी मेडिकल कंज्यूमेबल्स भी बिल का हिस्सा बनती हैं।
दैनिक जागरण की पड़ताल में पटना की दवा दुकानों से मिले खरीद रेट और संबंधित उत्पादों की एमआरपी में कई गुना का अंतर सामने आया। कुछ मेडिकल सामग्री में यह अंतर 15 से 29 गुना तक बताया गया।
7.80 रुपये का आइवी सेट, MRP 187 रुपये
पड़ताल में आइवी सेट का खरीद रेट 7.80 रुपये बताया गया, जबकि उसकी एमआरपी 187 रुपये है। इसी तरह 7.60 रुपये की खरीद कीमत वाली कैनुला की एमआरपी 222 रुपये बताई गई।
33 रुपये के नेबुलाइजेशन मास्क की एमआरपी 642 रुपये और 38 रुपये के ऑक्सीजन मास्क की एमआरपी 648 रुपये बताई गई। यानी खरीद कीमत और एमआरपी के बीच अंतर कई मामलों में काफी बड़ा है।
वैक्यूम सक्शन सेट में भी भारी अंतर
गोविंद मित्रा रोड के थोक विक्रेता विशाल के अनुसार, 20 एमएल सिरिंज का खरीद रेट 8.60 रुपये और एमआरपी 30.69 रुपये है। पांच एमएल सिरिंज तीन रुपये में खरीदी जाती है, जबकि इसकी एमआरपी 10.23 रुपये बताई गई।
बीटी सेट का खरीद रेट 12.30 रुपये और एमआरपी 187 रुपये है। तीन रुपये के ईसीजी इलेक्ट्रोड की एमआरपी 34 रुपये बताई गई। वहीं वैक्यूम सक्शन सेट 88 रुपये में खरीदे जाने के मुकाबले 780 रुपये एमआरपी वाला है।
यूरिन बैग से लेकर MESH तक अंतर
यूरिन बैग का खरीद रेट 31.50 रुपये और एमआरपी 391 रुपये बताई गई। वहीं 30×30 आकार के MESH का खरीद रेट 4,150 रुपये और एमआरपी 17,000 रुपये है।
| मेडिकल सामग्री | MRP (₹) | खरीद रेट (₹) |
|---|---|---|
| आइवी सेट | 187 | 7.80 |
| कैनुला | 222 | 7.60 |
| नेबुलाइजेशन मास्क | 642 | 33 |
| ऑक्सीजन मास्क | 648 | 38 |
| बीटी सेट | 187 | 12.30 |
| वैक्यूम सक्शन सेट | 780 | 88 |
| यूरिन बैग | 391 | 31.50 |
| MESH 30×30 | 17,000 | 4,150 |
कैंसर की दवाओं में भी दिखा बड़ा फर्क
पड़ताल में कैंसर के उपचार में इस्तेमाल होने वाली कुछ दवाओं के एमआरपी और बताए गए खरीद रेट में भी उल्लेखनीय अंतर सामने आया। राजाबाजार के एक दुकानदार के अनुसार, जेमसिटाबिन की एमआरपी 5,585 रुपये और खरीद रेट 1,210 रुपये है।
ऑक्सालीप्लाटिन 50 एमजी की एमआरपी 3,115 रुपये के मुकाबले खरीद रेट 468 रुपये बताया गया। 440 एमजी ट्रास्टूजुमैब की एमआरपी 54,266 रुपये और खरीद रेट 8,671 रुपये बताया गया। वोरीकोनाजोल 200 एमजी की एमआरपी 5,235 रुपये के मुकाबले खरीद रेट 350 रुपये है।
हार्ट की दवाओं में भी सामने आया अंतर
हार्ट मरीजों के उपचार में इस्तेमाल होने वाली कुछ दवाओं में भी एमआरपी और खरीद रेट के बीच अंतर बताया गया। ट्रायोफिबान की एमआरपी 11,468 रुपये और खरीद रेट 800 रुपये है।
वहीं ट्राप्टीकिट की एमआरपी 841 रुपये के मुकाबले खरीद रेट 365 रुपये तथा पोलीमाइसिन बी की एमआरपी 549 रुपये के मुकाबले खरीद रेट 300 रुपये बताया गया।
बार-बार इस्तेमाल से बिल में जुड़ता जाता है खर्च
मेडिकल कंज्यूमेबल्स की वास्तविक खरीद कीमत की जानकारी आम मरीजों को सामान्य तौर पर नहीं होती। अस्पताल में भर्ती होने के बाद चिकित्सकीय जरूरत के अनुसार इन सामग्रियों का इस्तेमाल होता है और मरीज के बिल में इनकी कीमत जुड़ती जाती है।
एक-दो रुपये से लेकर सैकड़ों और हजारों रुपये तक की कई सामग्री यदि इलाज के दौरान बार-बार इस्तेमाल होती है, तो कुल खर्च पर उसका असर बढ़ सकता है। ऐसे में खरीद रेट और एमआरपी के बीच मौजूद बड़े अंतर ने मेडिकल कंज्यूमेबल्स की कीमतों को लेकर सवाल खड़े किए हैं।
