यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 30, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
पटना के मालसलामी थाना में आनेवाले थानेदार चाहकर भी 'मलाई' से परहेज नहीं कर पाते
मालसलामी थाना में मौसम की तरह बदलते हैं थानेदार 17 वर्षों के दौरान दो वर्ष से अधिक अवधि पूरा करनेवाले ...और पढ़ें

पटना सिटी [अनिल कुमार]। पटना जिला के 72 थानों में एक अशोक राजपथ पर स्थित मालसलामी थाना में प्रतिवर्ष मौसम के तरह थानेदार बदल रहे हैं। गिने-चुने थानेदार ही ऐसे हैं जो दो वर्ष का कार्यकाल पूरा कर सके हैं। यहां कहावत चरितार्थ है कि थानेदार एक मौसम काट लिए तो बड़ी उपलब्धि। बीते 16 वर्षो के दौरान 24 थानेदार बदले गए। यहां आनेवाले थानेदार चाहकर भी 'मलाई' से परहेज नहीं कर पाते हैं। यही कारण है कि इस थाने में एक दर्जन थानेदार अवैध वसूली के आरोप में नपे हैं।
थानेदार चाहकर भी मलाई से परहेज नहीं कर पाते
थानों की अहमियत और वहां पोस्टिंग का क्रेज का पैमाना क्या है? यह जग जाहिर है। पटना के कई थाने ऐसे हैं, जहां पोस्टिंग के लिए थानेदार तरसते हैं। परंतु मालसलामी थाना इस रेटिंग के पैमाने पर सबसे अव्वल है। यही कारण है? कि यहां आनेवाले थानेदार चाहकर भी मलाई से परहेज नहीं कर पाते हैं। इसकी पुष्टि थाने में होनेवाले पोस्टिंग और तबादलों से होती है। यहां पदस्थापित होनेवाले थानेदारों की ट्रांसफर व पोस्टिंग सूचीबद्ध होती है। पिछले 16 वर्षों के दौरान यहां 24 थानेदारों की पोस्टिंग हुई है। वर्षो से स्थापित थाना के बारे में कहावत प्रचलित है? कि मालसलामी मतलब बिना माल लिए नहीं मिलती सलामी।
आठ को छोड़कर कोई भी थानेदार एक वर्ष की अवधि नहीं पूरा कर सका
मालसलामी थाना में आठ थानेदारों को छोड़कर कोई भी थानेदार एक वर्ष से अधिक अवधि नहीं पूरा कर सका। थानेदारों की जल्दी-जल्दी तबादले के कारण यह थाना मौसमी थाना के रूप में प्रसिद्ध हुआ। हालांकि पुलिस महकमे में चर्चा यह होती है कि एक मौसम में यहां से तबादला हो जाए। सबसे मजेदार बात यह है कि वही एक मौसम ताउम्र नौकरी में मोटी कमाई के लिए काफी होता है। यहां कमाई का जरिया गंगा घाट के बालू, मंडी में नो-इंट्री के दौरान ट्रक-ट्रैक्टरों का प्रवेश, नकली सामानों की बिक्री, विवादित जमीन पर कब्जा, अवैध शराब, गांजा व स्मैक की बिक्री, गेसिंग सेंटर व जुआखाना समेत अन्य स्रोत हैं। पटना का प्रवेश द्वार होने के कारण जितने भी मालवाहक हैं मजाल नहीं कि मालसलामी थाना द्वारा बिना हाथ हिलाए राजधानी में प्रवेश कर जाए। यही कारण है कि इस थाना के कई थानेदार अवैध वसूली में नप चुके हैं।
एक वर्ष से कम अवधि पूरा करनेवालों की संख्या एक दर्जन
17 वर्षो के दौरान एक वर्ष से कम की अवधि पूरी करनेवाले 15 थानेदारों में अरविंद कुमार, दिनेश बहादुर सिंह, प्रेमराज चौहान, ललन कुमार, धर्मेंद्र कुमार, बीके शाही, संजय कुमार पांडे, डीएन राय, बूंदी मांझी, कृष्णा प्रसाद, ज्योति प्रकाश, अलख निरंजन चौधरी, अवधेश कुमार सिन्हा, दूसरी पोस्टिंग में रामजीवन प्रसाद सिंह व ओस्कर समद हैं। डेढ़ वर्ष से कम अवधि पूरा करनेवाले सात थानेदारों में सुदामा कुमार सिंह, राजेंद्र प्रसाद, अजीत कुमार सिन्हा, भगवान प्रसाद गुप्ता, अरविंद कुमार झा, रामचंद्र प्रसाद यादव व उमाकांत बैठा हैं। 16 वर्षों के दौरान दो वर्ष से अधिक अवधि पूरा करनेवालों में एकमात्र थानेदार अनोज कुमार हैं।
