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पटना में फर्जी सेल डीड से भू-माफिया ने कराई जमाबंदी, राजस्वकर्मी सस्पेंड; DM ने लिया एक्शन

Published: Fri, 27 Feb 2026 09:17 AM (IST)

पटना के फुलवारीशरीफ अंचल में भू-माफिया ने फर्जी सेल डीड बनाकर जमीन की जमाबंदी करा ली। शिकायत पर जांच में ...और पढ़ें

राजस्वकर्मी सस्पेंड। (फाइल फोटो)

राजस्वकर्मी सस्पेंड। (फाइल फोटो)

HighLights

  1. भू-माफिया ने फर्जी सेल डीड से जमाबंदी कराई।

  2. डीएम के आदेश पर फर्जी जमाबंदी रद, FIR दर्ज।

  3. राजस्वकर्मी सोनू कुमार निलंबित, विभागीय कार्रवाई शुरू।

जागरण संवाददाता, पटना। उपमुख्यमंत्री से लेकर डीएम की सख्ती के बावजूद अंचलों कार्यालयों में भू-माफिया जो चाहे, वह करा रहे हैं।

फुलवारीशरीफ अंचल का ऐसा ही एक मामला सामने आया, जिसमें भू-माफिया ने पहले जमीन की फर्जी सेल डीड बनवाई और उसके आधार अपने नाम जमाबंदी भी करा ली। पीड़ित ने वरीय पदाधिकारियों से इसकी शिकायत की।

जांच में मामला सत्य पाए जाने पर अधिकारियों ने डीएम डॉ. त्यागराजन एसएम को इसकी सूचना दी। डीएम के आदेश पर फर्जी जमाबंदी रद कर भू-माफिया के खिलाफ परसा बाजार थाना में प्राथमिकी कराई गई है।

इस मामले में राजस्वकर्मी सोनू कुमार की संलिप्तता सामने आने पर उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। डीएम के आदेश पर उनके विरुद्ध प्रपत्र क गठित कर विभागीय व अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू कर दी गई है।

डीएम ने कहा कि दस्तावेजों से छेड़छाड़ गंभीर अपराध है, इसे किसी भी परिस्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

जमीन हड़पने की रची थी साजिश

पीड़िता ने पिपरा थाना निवासी धीरज कुमार की पत्नी सीमा कुमारी सीमा कुमारी पर आरोप लगाया कि उन्होंने अवर निबंधन कार्यालय के दस्तावेजों की नकल कर कूटरचित (फर्जी) सेल डीड बनवाई।

इसके आधार पर अंचल कार्यालय फुलवारीशरीफ में दाखिल-खारिज वाद संख्या 10968/2024-25 में संलग्न करके जमीन पर अपने नाम करा ली। अंचल कार्यालय ने उनके नाम पर जमाबंदी भी कर दी।

पीड़िता की शिकायत पर जब डीएम ने उच्च पदाधिकारियों से जांच कराई तो पता चला कि प्रस्तुत सेल डीड पूरी तरह फर्जी थी। वरीय पदाधिकारियों की जांच रिपोर्ट के बाद डीएम ने इसका संज्ञान लेते हुए पटना सदर के भूमि सुधार उप समाहर्ता व अपर समाहर्ता को सख्त कार्रवाई का निर्देश दिया।

अंचल कार्यालयों में लग रहे हाई-एंड सीसीटीवी कैमरा

डीएम ने कहा कि राजस्व प्रशासन में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए सभी अंचल कार्यालयों में हाई-एंड सीसीटीवी कैमरे लगाए जा रहे हैं।

यदि निरीक्षण के दौरान किसी अंचल कार्यालय में दलाल या मुंशी की मौजूदगी पाई गई तो उनके विरुद्ध धोखाधड़ी, आपराधिक षड्यंत्र और सरकारी कार्य में बाधा डालने के आरोप में प्राथमिकी कराई जाएगी।

किसी सरकारी कर्मी की संलिप्तता पाए जाने पर भी सख्त कार्रवाई तय है। उन्होंने कहा कि सभी अनुमंडल पदाधिकारियों व अनुमंडल पुलिस पदाधिकारियों को भू-माफिया, शराब माफिया व बालू माफिया के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।

भूमि विवादों के समाधान के लिए सूक्ष्म स्तर पर निगरानी, विवादित जमीन की हिस्ट्री शीट, प्राथमिक सूचना का विश्लेषण व योजनाबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश भी किए गए हैं।