पटना जंक्शन का सब-वे अब आचार्य किशोर कुणाल के नाम से जाना जाएगा, सरकार ने दी मंजूरी
पटना जंक्शन स्थित सब-वे का नाम अब पद्मश्री आचार्य किशोर कुणाल के नाम पर रखा जाएगा, सरकार ने इस प्रस्ताव ...और पढ़ें

श्रद्धालुओं की सुविधा पर रहेगा फोकस
HighLights
पटना जंक्शन सब-वे का नाम आचार्य किशोर कुणाल के नाम पर।
सरकार ने नामकरण के प्रस्ताव को दी मंजूरी, पटना स्मार्ट सिटी पहल।
महावीर मंदिर श्रद्धालुओं और यातायात प्रबंधन के लिए महत्वपूर्ण।
जागरण संवाददात, पटना। पटना जंक्शन स्थित सब-वे का नाम अब पद्मश्री से सम्मानित आचार्य किशोर कुणाल के नाम पर रखा जाएगा। सरकार ने इसके नामकरण से जुड़े प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। पटना स्मार्ट सिटी लिमिटेड के तहत जीपीओ गोलंबर के पास बने मल्टी मॉडल हब को पटना जंक्शन से जोड़ने वाले भूमिगत मार्ग का आधिकारिक नाम अब ‘आचार्य किशोर कुणाल सब-वे’ होगा।
महावीर मंदिर के पूर्व सचिव की स्मृति से जुड़ा सब-वे
आचार्य किशोर कुणाल महावीर मंदिर के पूर्व संस्थापक सचिव रहे हैं। उनके नाम पर सब-वे का नामकरण किए जाने के फैसले को श्री महावीर स्थान न्यास समिति के सचिव सायण कुणाल ने स्वागत किया है। उन्होंने इस निर्णय के लिए मुख्यमंत्री और मंत्रिमंडल के प्रति आभार जताया।
रामनवमी में श्रद्धालुओं को मिलेगी राहत
रामनवमी जैसे बड़े पर्व के दौरान महावीर मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ जुटती है। ऐसे समय में वातानुकूलित सब-वे श्रद्धालुओं के आवागमन में उपयोगी साबित हो सकता है। सब-वे के जरिए पटना जंक्शन और जीपीओ गोलंबर क्षेत्र से आने-जाने में सुविधा मिलेगी।
दुकानों के संचालन का रास्ता भी साफ
नामकरण की स्वीकृति के बाद सब-वे में निर्मित दुकानों के संचालन का रास्ता भी खुल सकेगा। इससे भूमिगत मार्ग के व्यावसायिक उपयोग को भी गति मिलने की उम्मीद है। साथ ही सब-वे की व्यवस्थाओं को बेहतर तरीके से संचालित करने की दिशा में काम किया जा सकेगा।
श्रद्धालुओं की सुविधा पर रहेगा फोकस
सब-वे का उपयोग खास तौर पर महावीर मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। भीड़ वाले अवसरों पर भूमिगत मार्ग वैकल्पिक आवागमन व्यवस्था उपलब्ध करा सकता है। इससे मंदिर और पटना जंक्शन के आसपास यातायात प्रबंधन में भी मदद मिल सकती है।
पटना के विकास से जुड़ी अहम कड़ी
मल्टी मॉडल हब को पटना जंक्शन से जोड़ने वाला यह भूमिगत मार्ग शहर के परिवहन ढांचे का हिस्सा है। अब आचार्य किशोर कुणाल के नाम से इसकी पहचान जुड़ने जा रही है। नामकरण के साथ इसके संचालन और उपयोग को लेकर भी आगे की प्रक्रिया शुरू होगी।
