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युवक को ट्रेन से फेंकने वाला आरोपी पटना जंक्शन पर दिखा, पुलिस की छापामारी जारी

Published: Sat, 12 Sep 2026 09:33 AM (IST)

दानापुर जीआरपी क्षेत्र में चलती ट्रेन से लूटपाट और मारपीट कर फेंके गए युवक के मामले में फरार आरोपित की ...और पढ़ें

पटना जंक्शन। फाइल फोटो

पटना जंक्शन। फाइल फोटो

HighLights

  1. आरोपित पटना जंक्शन पर दिखा, पुलिस पहुंचने से पहले भागा।

  2. पहले भी बक्सर में ऐसी वारदात कर चुका है आरोपित।

  3. पुलिस उसकी गिरफ्तारी के लिए कई ठिकानों पर छापेमारी कर रही।

संवाद सूत्र, खगौल। दानापुर जीआरपी क्षेत्र में कैलाश कुमार और उसके दोस्त से लूटपाट और मारपीट कर चलती ट्रेन से फेंके जाने के मामले में फरार आरोपित की तलाश में रेल पुलिस को शुक्रवार को अहम सुराग मिला।

रेल पुलिस को आरोपित के पटना जंक्शन पर मौजूद होने की सूचना मिली थी, लेकिन पुलिस टीम के पहुंचने से पहले ही वह वहां से फरार हो गया।

इसके बाद जंक्शन पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई, जिसमें संदिग्ध की पहचान की पुष्टि हुई। तकनीकी अनुसंधान कर पुलिस आरोपित की गिरफ्तारी के लिए उसके सभी संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही है।

पुलिस के अनुसार, संदिग्ध का पहले भी इसी तरह की वारदात में शामिल होने का इतिहास रहा है। करीब दो वर्ष पहले दानापुर रेल मंडल के बक्सर स्टेशन के समीप उसने दो युवकों के साथ मारपीट कर छीनाझपटी की थी।

इसके बाद दोनों युवकों को चलती ट्रेन से नीचे फेंक दिया था। हालांकि, उस घटना में दोनों की जान बच गई थी। मामले में रेल पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा था।

रेल एएसपी भास्कर रंजन ने बताया था कि संदिग्ध की पहचान कर ली गई है और उसकी गिरफ्तारी के लिए टीम गठित की गई है। शुक्रवार को भी पटना, आरा और बक्सर में पुलिस की टीमें उसकी तलाश में छापेमारी करती रहीं। उसकी गिरफ्तारी के बाद कैलाश की मौत से जुड़े घटनाक्रम और वारदात में शामिल अन्य लोगों की भूमिका स्पष्ट होगी।

संदिग्ध गतिविधियों को लेकर ग्रामीणों से गांव से निकाला

जांच में यह भी सामने आया है कि करीब एक माह पहले संदिग्ध अपने गांव गया था। उसकी संदिग्ध गतिविधियों को लेकर ग्रामीणों ने उसे गांव से बाहर कर दिया था।

उसके पिता की मौत हो चुकी है, जबकि उसकी मां दूसरे राज्य में काम कर अपना भरण-पोषण करती है। पुलिस के अनुसार,वह वारदात के बाद किसी एक स्थान पर नहीं रुकता और खुले स्थान या सड़क किनारे सोकर रात गुजारता है।

रेल पुलिस को रह चुका है गुप्तचर

जिस संदिग्ध की पुलिस को तलाश वह पूर्व में रेल पुलिस का गुप्तचर भी रह चुका है। इस दौरान उसे पुलिस की बोलचाल और कार्रवाई के तौर-तरीकों की जानकारी हो गई थी।

संदिग्ध गतिविधियां सामने आने के बाद उसे गुप्तचर के काम से हटा दिया गया था। पुलिस उसकी तलाश में शुक्रवार को गांधी मैदान, पटना जंक्शन, दानापुर, आरा और बक्सर में छापेमारी करती रहीं।

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