पटना जंक्शन के पास बनेगा 7 मंजिला मॉल और वेंडर मार्केट, GPO तक बदलेगी तस्वीर; 590 करोड़ का प्लान पास
पटना जंक्शन के पास न्यू मार्केट को आधुनिक बनाने की योजना को आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय ने मंजूरी दे दी है।

पटना जंक्शन के पास न्यू मार्केट का होगा कायाकल्प, बनेगा सात मंजिला मॉल (AI Generated Image)
HighLights
₹590 करोड़ की लागत से न्यू मार्केट का पुनर्विकास।
सात मंजिला पटना मॉल और तीन मंजिला वेंडर मार्केट बनेगा।
अगले साल निर्माण शुरू, तीन साल में पूरा करने का लक्ष्य।
जागरण संवाददाता, पटना। पटना जंक्शन के आसपास की भीड़भाड़ और पुरानी दुकानों के बीच अब आधुनिक शहर की नई तस्वीर उभरेगी। महावीर मंदिर से जीपीओ गोलंबर तक फैले न्यू मार्केट को नए सिरे से विकसित करने की योजना को आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय ने मंजूरी दे दी है।
इसके तहत सात मंजिला पटना मॉल और वेंडरों के लिए तीन मंजिला मार्केट बनाया जाएगा। अगले साल निर्माण शुरू करने और तीन वर्ष में काम पूरा करने का लक्ष्य है। इससे न्यू मार्केट को नई पहचान मिलने के साथ खरीदारी और पार्किंग की सुविधाएं भी बेहतर होंगी।
12,812 वर्गमीटर जमीन पर फैले न्यू मार्केट के पुनर्विकास के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार कर नगर निगम को सौंप दी गई है। नेशनल एपेक्स कमेटी डीपीआर को मंजूरी दे चुकी है।
अर्बन चैलेंज फंड (यूसीएफ) के तहत स्वीकृत इस योजना पर 590.05 करोड़ रुपये खर्च होंगे। राज्य में इस मिशन के तहत स्वीकृति पाने वाली यह पहली योजना है।
दो हिस्सों में होगा न्यू मार्केट का विकास
योजना के तहत मस्जिद से जीपीओ गोलंबर के बीच 39,990 वर्गमीटर में सात मंजिला पटना मॉल बनाया जाएगा। वहीं, महावीर मंदिर से मस्जिद के बीच 4,600 वर्गमीटर में तीन मंजिला वेंडर मार्केट विकसित होगा।
पटना मॉल में होटल, कार्यालय, मल्टीप्लेक्स, गेम जोन और बड़े ब्रांड के शोरूम होंगे। इससे लोगों को खरीदारी के साथ मनोरंजन की सुविधाएं भी मिलेंगी।
590 करोड़ की योजना, तीन स्तरों से जुटेगी राशि
590.05 करोड़ की योजना को पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) के तहत पूरा किया जाएगा। इसकी कुल लागत का 50 प्रतिशत हिस्सा बाजार आधारित वित्तीय संसाधनों से जुटाया जाएगा।
वहीं, 25 प्रतिशत राशि राज्य सरकार और 25 प्रतिशत राशि केंद्र सरकार देगी। नगर निगम प्रशासन के अनुसार, निर्माण का काम इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट और कंस्ट्रक्शन (ईपीसी) मोड में होगा।
इसके तहत डिजाइन तैयार करने, निर्माण सामग्री जुटाने और भवन बनाने से लेकर तैयार परियोजना सौंपने तक की जिम्मेदारी एक ही कंपनी की होगी। इसी कंपनी से 50 प्रतिशत राशि जुटाई जाएगी।
पुरानी 400 दुकानों को हटाने से पहले होगी बातचीत
आजादी से पहले बना न्यू मार्केट समय के साथ पुराना और जर्जर हो चुका है। वर्तमान में यहां करीब 400 दुकानें हैं। नए निर्माण के लिए पुराने भवन को तोड़ा जाएगा।
इससे पहले नगर निगम प्रशासन दुकानदारों और अन्य संबंधित पक्षों से बातचीत करेगा। योजना का उद्देश्य वेंडरों को व्यवस्थित जगह उपलब्ध कराने के साथ बाजार को आधुनिक सुविधाओं से लैस करना है।
पार्किंग की सुविधा, सड़क को अतिक्रमण से मिलेगी राहत
योजना में 15,694 वर्गमीटर क्षेत्र में पार्किंग की व्यवस्था भी प्रस्तावित है। इससे बाजार आने वाले लोगों को वाहन खड़ा करने में सहूलियत होगी।
वहीं, पटना जंक्शन गोलंबर से जीपीओ गोलंबर के बीच सड़क पर वेंडरों के अतिक्रमण से राहत मिलने की उम्मीद है।
व्यवस्थित वेंडर मार्केट बनने से दुकानदारों को निर्धारित जगह मिलेगी और सड़क पर आवागमन सुगम हो सकेगा।
सात मंजिला पटना मॉल में होंगी ये सुविधाएं
| फ्लोर | क्षेत्रफल (वर्गमीटर) | सुविधाएं |
|---|---|---|
| बेसमेंट 2 | 7847 | पार्किंग |
| बेसमेंट 1 | 7847 | पार्किंग |
| ग्राउंड फ्लोर | 6465 | रिटेल शॉप |
| पहली मंजिल | 5053 | रिटेल शॉप |
| दूसरी मंजिल | 5053 | रिटेल शॉप |
| तीसरी मंजिल | 5053 | मल्टीप्लेक्स और फूड कोर्ट |
| चौथी मंजिल | 4593 | मल्टीप्लेक्स और गेम जोन |
| पांचवीं मंजिल | 4591 | ऑफिस और होटल |
| छठी मंजिल | 4591 | ऑफिस और होटल |
| सातवीं मंजिल | 4591 | ऑफिस और होटल |
तीन मंजिला वेंडिंग जोन में होंगी ये सुविधाएं
| फ्लोर | क्षेत्रफल (वर्ग मीटर) | सुविधाएं (वेंडरों के लिए) |
|---|---|---|
| ग्राउंड फ्लोर | 1150 | दुकान |
| पहली मंजिल | 1150 | दुकान |
| दूसरी मंजिल | 1150 | दुकान |
| तीसरी मंजिल | 1150 | दुकान |
- 44,590 वर्गमीटर में दोनों भवनों का होगा निर्माण
- 39,990 वर्गमीटर में सात मंजिला पटना मॉल बनेगा
- 4,600 वर्गमीटर में तीन मंजिला वेंडर मार्केट बनेगा
- 15,694 वर्गमीटर में पार्किंग का निर्माण होगा
न्यू मार्केट के पुनर्विकास से होंगे 12 बड़े बदलाव
- पीपीपी मॉडल से निजी निवेश और आधुनिक सुविधाओं का विकास होगा।
- निर्माण, होटल, शोरूम और अन्य सेवाओं में रोजगार बढ़ेगा।
- रेल, मेट्रो, बस, ऑटो और पैदल आने-जाने की सुविधा बेहतर होगी।
- चौड़े फुटपाथ, छायादार जगह और सुरक्षित क्रासिंग बनेंगी।
- व्यवस्थित पार्किंग और बेहतर यातायात प्रबंधन से भीड़ घटेगी।
- दुकानदारों के लिए व्यवस्थित वेंडर मार्केट और जरूरी सुविधाएं होंगी।
- हरियाली, वर्षा जल संचयन और ऊर्जा बचाने वाली सुविधाओं पर जोर होगा।
- रैंप, लिफ्ट और अन्य सुविधाओं से सभी के लिए पहुंच आसान होगी।
- किराया, पार्किंग शुल्क, विज्ञापन और संपत्ति कर से निगम का राजस्व बढ़ेगा।
- पुराने बाजार की जगह आधुनिक व्यावसायिक क्षेत्र विकसित होगा।
- नए मॉल से स्थानीय कारोबार और शहर की पहचान मजबूत होगी।
- आसपास के क्षेत्र में विकास के साथ संपत्ति के मूल्य में वृद्धि हो सकती है।
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