पटना, जेएनएन। बिहार में पहली बार आईटी विभाग की तरफ से पटना आइडियाथॉन का आयोजन कराया गया, जिसमें आईटी क्षेत्र से जुड़े हुए 36 बेहतरीन आइडियाज निकलकर सामने आये हैं। ये आइडियाज आमलोगों के जीवन स्तर को सुधारने एवं योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन में बेहतरीन योगदान देने वाले हैं। इसमें से तीन आइडियाज को तुरंत ही राज्य सरकार के तीन अलग-अलग विभागों ने अपना लिया है। 

इसमें पंचायती राज विभाग, श्रम संसाधन विभाग और पीएचईडी शामिल हैं। इन तीनों विभागों ने अपने यहां चुनिंदा योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन के लिए चयनित आइडिया को अपनाया है। इसके बाद अब राज्य सरकार आइडियाथॉन का आयोजन आने वाले वर्षों में भी की जाएगी, ताकि स्टार्ट-अप को नया प्लेटफॉर्म मिल सके।

पटना आइडियाथॉन का मुख्य मकसद ऐसा प्लेटफॉर्म उपलब्ध करवाना है, जिससे स्टार्टअप को लगातार मौका मिलता रहे और साथ ही बिहार एक स्टॉर्टअप हब के रूप में उभर कर सामने आये। इससे राज्य के आईटी क्षेत्र को नयी दिशा मिलेगी।

पहले दिन 22 प्रतिभागियों ने दिये आइडियाज

पहले दिन 22 प्रतिभागियों ने अपने नए आईटी आइडियाज को प्रस्तुत किया और जूरी सदस्यों के सवालों का सामना किया I समापन समारोह के दौरान बचे प्रतिभागियों ने भी अपने नए आइडियाज को प्रस्तुत किया जबकि कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण “इन्द्रो” नामक रोबोट बना रहा I 

वैसे तो सभी प्रतिभागी अपने आप में अनोखे और नए आईटी से सम्बंधित नए विचारों के साथ आये थे किन्तु अंतिम में तीन सबसे उत्कृष्ट आईटी आइडियाज को क्रमशः प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्तर पर रखते हुए पुरस्कृत किया गया एवं पांच प्रतिभागियों को सांत्वना पुरस्कार से सम्मानित किया गया I 

पटना अाइडियाथॉन के बारे में विवेक कुमार सिंह ने कहा कि इस आयोजन का मकसद बिहार में उद्यमिता को बढ़ावा देना है और ज्यादा से ज्यादा नए  उद्यमी नए विचारों के साथ नए कार्य कर सकें ताकि बिहार में ज्यादा से ज्यादा  नए नौकरियों का सृज़न हो I

बिहार सरकार के विभिन्न विभागों का ज़िक्र करते हुए विवेक कुमार सिंह ने ये भी बताया कि जल संसाधन विभाग और अन्य दूसरे विभागों के द्वारा भी इस तरह के नवाचारों में अपनी उत्सुकता दिखाई है और जल्द ही कुछ नए विचारों पर कार्य करने की बात कही है I उन्होंने जनवरी 2019 में ऐसे ही एक और आयोजन करने की प्रस्तावना भी राखी है I

अन्त में मुख्य अतिथि जी एस कंग, वाईस चेयरमैन, स्टेट प्लानिंग कमीशन, बिहार सरकार, ने कार्यक्रम में उपस्थित लोगो से अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि कैसे पिछले 20 वर्षों में देश में अनेकानेक प्रकार के विकास कार्य हुए हैं I

उन्होंने नए और पुराने शब्दों के बदलते मायने की चर्चा करते हुए क्लाउड की चर्चा की और बताया कि पहले क्लाउड का मतलब बादल होता था और उसका ना होना सूखे की निशानी होती थी और अब क्लाउड का कुछ और भी मायने निकलता है I

 कंग ने बिहार के योजना मद की भी चर्चा करते हुए ये बताया कि कैसे योजना मद 4000 करोड़ से बढ़ कर आज वर्ष में 80000 करोड़ हो चुका है I बकौल  कंग, सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं है और सफलता प्राप्त करने के लिए लोगो को कडा परिश्रम करके सफलता प्राप्त करना पड़ता है I

 

Posted By: Kajal Kumari