राम बालक महतो के नाम पर पटना हाई कोर्ट महाधिवक्ता कार्यालय का मीटिंग हॉल, नए वकीलों को ₹5 हजार मासिक स्टाइपेंड
पटना हाई कोर्ट स्थित महाधिवक्ता कार्यालय के मीटिंग हॉल का नाम पूर्व महाधिवक्ता स्वर्गीय राम बालक महतो के नाम पर ...और पढ़ें

नए वकीलों के लिए शुरू होगा पांच हजार का स्टाइपेंड
HighLights
महाधिवक्ता कार्यालय का मीटिंग हॉल राम बालक महतो के नाम पर।
नए अधिवक्ताओं को ₹5000 मासिक स्टाइपेंड की शुरुआत होगी।
न्यायिक व्यवस्था सुदृढ़ करने 250 अभियोजकों की नियुक्ति की तैयारी।
विधि संवाददाता, पटना। बिहार के पूर्व महाधिवक्ता और वरिष्ठ अधिवक्ता स्वर्गीय राम बालक महतो की स्मृति को सम्मान देते हुए पटना हाई कोर्ट स्थित महाधिवक्ता कार्यालय के मीटिंग हॉल का नाम उनके नाम पर रखा जाएगा। अगले महीने के प्रथम सप्ताह में होने वाले समारोह में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और पटना हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश वी. कामेश्वर राव उनके चित्र का अनावरण करेंगे।
नए वकीलों के लिए शुरू होगा पांच हजार का स्टाइपेंड
महाधिवक्ता एस.डी. संजय ने बताया कि इसी समारोह से एक जनवरी 2024 के बाद बिहार स्टेट बार काउंसिल में नामांकन कराने वाले नए अधिवक्ताओं के लिए पांच हजार रुपये मासिक स्टाइपेंड की शुरुआत भी की जाएगी।
इसके लिए पात्रता की शर्तें तय की गई हैं। आर्थिक रूप से सक्षम माता-पिता वाले अधिवक्ताओं को इसका लाभ नहीं मिलेगा।
100 आवेदन पूरे होते ही शुरू होगी प्रक्रिया
महाधिवक्ता के अनुसार करीब 80 आवेदनों पर विचार किया जा चुका है। जैसे ही आवेदनों की संख्या 100 पूरी होगी, स्टाइपेंड देने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।
सेवानिवृत्ति के बाद अधिवक्ता के रूप में नामांकन कराने वाले व्यक्तियों को भी इस योजना के दायरे से बाहर रखा गया है।
सरकार की पैरवी के लिए 119 विधि पदाधिकारी नियुक्त
एस.डी. संजय ने बताया कि पटना हाई कोर्ट में राज्य सरकार का पक्ष रखने के लिए अब तक 119 विधि पदाधिकारियों की नियुक्ति की जा चुकी है।
उनका कहना है कि सरकार की ओर से न्यायिक मामलों की प्रभावी पैरवी और त्वरित कार्रवाई को प्राथमिकता दी जा रही है। इसी क्रम में स्पीडी ट्रायल को गति देने की भी तैयारी है।
स्पीडी ट्रायल के लिए विशेष लोक अभियोजक होंगे नियुक्त
स्पीडी ट्रायल को तेज करने के लिए विशेष लोक अभियोजकों की नियुक्ति की जाएगी। दानापुर के पूर्व विधायक रीतलाल यादव से जुड़े मामले में विशेष लोक अभियोजक के तौर पर अधिवक्ता राम विनय सिंह की नियुक्ति की अनुशंसा किए जाने की जानकारी भी दी गई। इससे गंभीर मामलों में अभियोजन की गति बढ़ाने की तैयारी का संकेत मिलता है।
250 अभियोजकों की नियुक्ति की तैयारी
पटना हाई कोर्ट में 200 सहायक लोक अभियोजक (एपीपी) और 50 वरीय लोक अभियोजकों की नियुक्ति की प्रक्रिया जल्द आगे बढ़ाई जाएगी।
इसके लिए एक बार फिर आवेदन का अवसर दिया जाएगा। आवेदन प्रक्रिया पूरी होने के बाद चयन और नियुक्ति की कार्रवाई की जाएगी।
युवा वकीलों को सहारा, न्यायिक व्यवस्था में भी विस्तार
राम बालक महतो के नाम पर मीटिंग हॉल का नामकरण जहां वरिष्ठ अधिवक्ता की विरासत को सम्मान देगा, वहीं नए वकीलों के लिए स्टाइपेंड की शुरुआत शुरुआती पेशेवर दौर में आर्थिक सहारा देने की पहल होगी।
दूसरी ओर अभियोजकों और विधि पदाधिकारियों की प्रस्तावित नियुक्तियों से न्यायालयों में सरकारी पक्ष की पैरवी को मजबूत करने की कोशिश की जा रही है।
