पटना में गंगा का कहर: भद्रघाट से कंगनघाट तक पानी ही पानी, सड़कों पर लगाई गई बैरिकेडिंग
गंगा का जलस्तर घटने के बावजूद पटना में परेशानी बनी हुई है, गांधी घाट, मनेर और हाथीदह में अभी भी खतरे के निशान से ऊपर है।

HighLights
गांधी घाट, मनेर, हाथीदह में गंगा खतरे के निशान से ऊपर।
पटना सिटी के भद्रघाट से कंगन घाट तक सड़कें जलमग्न।
क्षमता से अधिक नावों का परिचालन, सुरक्षा मानकों की अनदेखी।
जागरण संवाददाता, पटना। गंगा के जलस्तर में गिरावट के बावजूद लोगों की परेशानी कम नहीं हो रही है। गांधी घाट, मनेर व हाथीदह में बुधवार को गंगा का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर बना हुआ था, हालांकि शाम तक तीनों स्थानों पर जलस्तर घटने की प्रवृत्ति दिखी।
गांधी घाट पर गंगा खतरे के निशान 48.60 मीटर से 75 सेंटीमीटर ऊपर 49.35 मीटर तो मनेर में लाल निशान से 13 सेंटीमीटर पार 52.13 मीटर पर रही।
हाथीदह में भी पानी 35 सेंटीमीटर ऊपर तो दीघा घाट पर खतरे के निशान से 11 सेंटीमीटर नीचे 50.34 मीटर जलस्तर रहा। गंगा में ऊफान का असर पटना सिटी में दिख रहा है।
आलमगंज क्षेत्र में भद्रघाट से महावीर घाट होते हुए कंगन घाट तक सड़क पर करीब डेढ़ से दो फीट पानी बह रहा है।
भद्रघाट से कंगन घाट पर बैरिकेडिंग
सोमवार रात से महावीर घाट के पास सड़क पर गंगा का पानी पहुंचने लगा था। बुधवार को भद्रघाट तक इसका असर दिखा। सड़क पर घुटने से अधिक पानी और कीचड़ के बीच भी वाहनों का परिचालन जारी रहा।
पानी में दोपहिया वाहनों के बंद होने और फिसलने से दुर्घटना का खतरा बना रहा। स्थानीय लोगों के अनुसार मंगलवार को ही घाट की सीढ़ियों और गंगा मंदिर तक पानी पहुंच गया था।
प्रशासन ने सड़क पर बैरिकेडिंग कराई है। भद्रघाट मां गंगा सेवा समिति के अध्यक्ष मिथिलेश कुमार शर्मा ने बताया कि अचानक जलस्तर बढ़ने से स्नान और पूजा करने आने वालों को परेशानी हो रही है। प्रशासन की चेतावनी के बावजूद लोग उफनती गंगा में लोग स्नान करते दिखे।
राघोपुर से कच्ची दरगाह तक ओवरलोड नावें
कच्ची दरगाह में राघोपुर से आने-जाने के लिए नावों पर क्षमता से अधिक लोग और सामान लदे दिखे। इनमें विद्यार्थी भी शामिल थे। स्थानीय स्तर पर नावों के परिचालन में सुरक्षा मानकों की अनदेखी से हादसे का खतरा बना हुआ है।
गंगा के चार प्रमुख घाटों पर जलस्तर
| स्थान | जलस्तर | खतरे का निशान | अंतर | रूझान |
|---|---|---|---|---|
| मनेर | 52.13 मीटर | 52 | 13 सेमी ऊपर | घट रहा है |
| गांधी घाट | 49.35 मीटर | 48.60 | 75 सेमी ऊपर | घट रहा है |
| दीघा घाट | 50.34 मीटर | 50.45 | 11 सेमी नीचे | घट रहा है |
| हाथीदह | 42.11 मीटर | 41.76 | 35 सेमी ऊपर | घट रहा है |
ऐतिहासिक बाढ़ स्तर से अभी कितना नीचे
| स्थान | वर्तमान जलस्तर | एचएफएल | अंतर |
|---|---|---|---|
| गांधी घाट | 49.35 | 50.58 | 1.23 मीटर नीचे |
| दीघा घाट | 50.34 | 52.52 | 2.18 मीटर नीचे |
| मनेर | 52.13 | 53.79 | 1.66 मीटर नीचे |
| हाथीदह | 42.11 | 43.52 | 1.41 मीटर नीचे |
| कोइलवर-सोन | 52.95 | 58.88 | 5.93 मीटर नीचे |
| श्रीपालपुर-पुनपुन | 50.18 | 53.91 | 3.73 मीटर नीचे |
कौन नदी खतरे के कितना करीब
| स्थान-नदी | खतरे के निशान से अंतर |
|---|---|
| मनेर-गंगा | 13 सेमी ऊपर |
| गांधी घाट-गंगा | 75 सेमी ऊपर |
| हाथीदह-गंगा | 35 सेमी ऊपर |
| दीघा घाट-गंगा | 11 सेमी नीचे |
| कोइलवर-सोन | 2.57 मीटर नीचे |
| श्रीपालपुर-पुनपुन | 42 सेमी नीचे |
| किंजर-पुनपुन | 1.36 मीटर नीचे |
| इंद्रपुरी-सोन | 4.85 मीटर नीचे |
बैराजों से नदियों में कितना पानी
| बैराज | अपस्ट्रीम डिस्चार्ज | डाउनस्ट्रीम डिस्चार्ज | रूझान |
|---|---|---|---|
| इंद्रपुरी बैराज | 78,098 क्यूसेक | 67,596 क्यूसेक | घटता हुआ |
| वाल्मीकिनगर गंडक बैराज | 1,16,500 क्यूसेक | 1,16,500 क्यूसेक | घटता हुआ |
