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पटना में पुनौरा धाम और कैंची धाम के दर्शन! दुर्गा पूजा में दिखेगा भव्य नजारा, सुरक्षा के लिए रहेंगी 'पुलिस दीदी'

Published: Wed, 14 Oct 2026 11:44 AM (IST)

इस दुर्गा पूजा पटना में सीतामढ़ी के पुनौरा धाम और नैनीताल के कैंची धाम की तर्ज पर भव्य पंडाल बनाए ...और पढ़ें

पुनौरा धाम की झांकी से सजेगा बोरिंग रोड

पुनौरा धाम की झांकी से सजेगा बोरिंग रोड

HighLights

  1. पुनौरा धाम और कैंची धाम की झांकी

  2. स्थानीय कारीगरों द्वारा पंडाल निर्माण

  3. महिलाओं की सुरक्षा को 'पुलिस दीदी'

डिजिटल डेस्क, पटना। इस दुर्गा पूजा पटना के श्रद्धालुओं को आस्था के दो खास केंद्रों की झलक राजधानी में ही देखने को मिलेगी। बोरिंग रोड के कृष्णापुरी में सीतामढ़ी के पुनौरा धाम मंदिर की तर्ज पर भव्य पंडाल तैयार किया जा रहा है, तो मीठापुर के गौरिया मठ में नैनीताल के प्रसिद्ध कैंची धाम की झांकी आकर्षण का केंद्र बनेगी।

खास बात यह है कि पूजा समितियां धार्मिक आस्था के साथ स्थानीय हुनर, आकर्षक रोशनी और श्रद्धालुओं की सुरक्षा पर भी जोर दे रही हैं।

पुनौरा धाम की झांकी से सजेगा बोरिंग रोड, रोशनी से जगमगाएगा इलाका

बोरिंग रोड स्थित कृष्णापुरी में प्राइड ऑफ बिहार समिति की ओर से पुनौरा धाम मंदिर की तर्ज पर पंडाल का निर्माण कराया जा रहा है।

समिति का उद्देश्य राजधानी में ही श्रद्धालुओं को प्रसिद्ध धार्मिक स्थल की झलक देना है, ताकि पूजा के दौरान उन्हें एक अलग आध्यात्मिक अनुभव मिल सके। पंडाल के साथ इस बार खास लाइटिंग की भी तैयारी है।

बोरिंग रोड चौराहे से एएन कॉलेज तक पूरे इलाके को रोशनी से सजाने की योजना है, जिससे दुर्गा पूजा के दौरान यह क्षेत्र आकर्षण का प्रमुख केंद्र बन सके।

बंगाल-महाराष्ट्र नहीं, जमुई के कारीगरों को मिला मौका

प्राइड ऑफ बिहार समिति के सचिव रमेश कुमार सिंह के मुताबिक, इस बार सरकार के ‘लोकल टू वोकल’ और स्थानीय प्रतिभाओं को बढ़ावा देने के संदेश के तहत पंडाल निर्माण के लिए जमुई के कारीगरों को जिम्मेदारी दी गई है।

आम तौर पर बड़े पूजा पंडालों के निर्माण में बंगाल, महाराष्ट्र और ओडिशा के कारीगरों की सेवाएं ली जाती हैं, लेकिन इस बार बिहार के कलाकारों की कला को सामने लाने की कोशिश की जा रही है।

समिति का मानना है कि स्थानीय कारीगरों को बड़े मंच पर काम करने का मौका मिलने से उनकी प्रतिभा को पहचान मिलेगी और राज्य की कला को भी बढ़ावा मिलेगा।

बिजली कनेक्शन से लेकर सजावट तक, तैयारी में प्रशासन का सहयोग

समिति सचिव रमेश कुमार सिंह ने बताया कि पूजा की तैयारियों में जिला प्रशासन और संबंधित विभागों का सहयोग मिल रहा है। उनके अनुसार, लाइटिंग के लिए अस्थायी बिजली कनेक्शन मिलने में भी सुविधा हुई है।

भव्य सजावट और रोशनी को देखते हुए बिजली व्यवस्था को अहम माना जा रहा है। पूजा समिति की कोशिश है कि श्रद्धालुओं को आकर्षक पंडाल देखने के साथ सुरक्षित और व्यवस्थित माहौल भी मिले।

मेले में महिलाओं की सुरक्षा के लिए तैनात रहेंगी स्कूटी सवार ‘पुलिस दीदी’

दुर्गा पूजा के दौरान पंडालों में उमड़ने वाली भीड़ के बीच महिलाओं और बच्चियों की सुरक्षा को लेकर भी विशेष इंतजाम की योजना है।

रमेश कुमार सिंह ने बताया कि जिला प्रशासन के साथ हुई बैठक में पंडाल के आसपास स्कूटी सवार ‘पुलिस दीदी’ की तैनाती पर सहमति बनी है।

इसका मकसद महिलाओं को मेले में आने-जाने और मां के दर्शन करने के दौरान सुरक्षित माहौल उपलब्ध कराना है। इसके अलावा बच्चों और युवाओं की सुरक्षा तथा जरूरत के समय त्वरित सहायता के लिए डायल 112 की टीम भी तैनात रखने की बात कही गई है।

मीठापुर में दिखेगा कैंची धाम, तीन दिन श्रद्धालुओं को मिलेगा प्रसाद

मीठापुर के गौरिया मठ में नैनीताल के प्रसिद्ध कैंची धाम की तर्ज पर भव्य पूजा पंडाल तैयार किया जाएगा। यहां आने वाले श्रद्धालु कैंची धाम की झांकी के दर्शन कर सकेंगे।

पूजा आयोजन समिति के कोषाध्यक्ष सुनील गुप्ता ने बताया कि कैंची धाम में 15 जून 1964 को संत नीम करोली बाबा ने बजरंगबली की प्राण-प्रतिष्ठा की थी। इसी प्रसिद्ध धार्मिक स्थल की छवि को पंडाल के माध्यम से प्रस्तुत करने की तैयारी है।

सप्तमी, अष्टमी और नवमी पर दो लाख श्रद्धालुओं के लिए महाप्रसाद की तैयारी

मीठापुर में पूजा के दौरान सिर्फ पंडाल और दर्शन ही नहीं, प्रसाद की व्यवस्था भी खास रहेगी। समिति के कोषाध्यक्ष सुनील गुप्ता के अनुसार, सप्तमी, अष्टमी और नवमी के अवसर पर करीब दो लाख श्रद्धालुओं के लिए खीर, खिचड़ी और हलवे का प्रसाद तैयार करने की योजना है। बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की संभावना को देखते हुए आयोजन समिति व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने में जुटी है।

भीड़ नियंत्रण के लिए विशेष पुलिस बल, आस्था और सुरक्षा पर रहेगा जोर

पूजा समितियों के साथ हुई प्रशासनिक बैठक में पंडालों के आसपास विशेष पुलिस बल की तैनाती का निर्णय लिए जाने की जानकारी भी दी गई है।

इसका उद्देश्य भीड़ को व्यवस्थित रखना और श्रद्धालुओं को दर्शन के दौरान होने वाली परेशानियों से बचाना है। इस बार पटना के इन दोनों पूजा स्थलों पर धार्मिक झांकी, स्थानीय कारीगरों की कला, रोशनी और प्रसाद के साथ सुरक्षा व्यवस्था भी आयोजन का अहम हिस्सा होगी।