पटना में दुर्गा पूजा पंडालों को अब नहीं मिलेगी सब्सिडी, बिजली कनेक्शन के लिए देनी होगी पूरी फीस
पटना में दुर्गा पूजा पंडालों को बिजली कनेक्शन के लिए अब पूरी फीस चुकानी होगी, पेसू ने सब्सिडी और जीएसटी हटा दिया है।

दुर्गा पूजा पंडाल। फाइल फोटो
HighLights
दुर्गा पूजा पंडालों को बिजली कनेक्शन पर अब कोई सब्सिडी नहीं मिलेगी।
पेसू ने पंडालों को निर्धारित सर्विस कनेक्शन शुल्क चुकाने का निर्देश दिया।
सुरक्षा मानकों का पालन अनिवार्य, आवेदन स्थानीय पेसू प्रमंडल में करें।
जागरण संवाददाता, पटना। राजधानी में दुर्गा पूजा के दौरान पूजा पंडालों को बिजली कनेक्शन लेने के लिए निर्धारित सर्विस कनेक्शन शुल्क का भुगतान करना होगा।
पेसू (पटना इलेक्ट्रिक सप्लाई यूनिट) के महाप्रबंधक सह मुख्य अभियंता दिलीप कुमार सिंह की ओर से जारी निर्देश में स्पष्ट किया गया कि पंडालों को निर्धारित सर्विस कनेक्शन शुल्क के अनुसार ही बिजली कनेक्शन दिया जाए। कनेक्शन शुल्क में जीएसटी नहीं लिया जाएगा।
जारी शुल्क तालिका में किसी तरह की सब्सिडी का प्रविधान नहीं है। यहां तक की स्मार्ट प्रीपेड मीटर वाले उपभोक्ताओं के लिए लागू टाइम ऑफ डे (टीओडी) टैरिफ प्रणाली का भी लाभ नहीं मिलेगा।
पेसू ने दुर्गा पूजा के दौरान सुरक्षित, निर्बाध और सुचारू बिजली आपूर्ति के लिए सभी विद्युत अधिकारियों को आवश्यक तैयारी पूरी करने का निर्देश दिया है।
लोड के हिसाब से तय होगी राशि
साथ ही यह भी सुनिश्चित करने को कहा गया है कि कोई भी पूजा पंडाल बिना बिजली कनेक्शन के नहीं रहे। पंडाल में बिजली के स्वीकृत लोड के आधार पर कनेक्शन की कुल राशि तय होगी।
एक किलोवोल्ट एम्पीयर घंटा (केवीएएच) लोड पर कुल 1,878 रुपये शुल्क देना होगा। इसमें लोड, पावर फैक्टर, दिन व घंटे के शुल्क के साथ सर्विस कनेक्शन और आवेदन शुल्क भी शामिल है।
केवीएएच बढ़ने के साथ शुल्क भी बढ़ता जाएगा। चार केवीएएच तक के कनेक्शन के लिए 800 रुपये सर्विस कनेक्शन शुल्क और 150 रुपये आवेदन शुल्क तय है।
वहीं, चार केवीएएच से अधिक के कनेक्शन के लिए 1,800 रुपये सर्विस कनेक्शन शुल्क और 400 रुपये आवेदन शुल्क देना होगा।
अधिकांश पूजा पंडालों में बिजली के लिए 10 से 20 किलोवाट तक का कनेक्शन लिया जाता है। यह तात्कालिक कनेक्शन तीन दिन के लिए दिया जाता है।
वहीं, बड़े पंडालों और बड़े आयोजनों में बिजली की जरूरत अधिक होती है। डाकबंगला चौराहा जैसे बड़े पंडालों में 70 से 80 किलोवाट का कनेक्शन लिया जाता है।
वर्ष 2025 में 666 पंडालों में से 591 को तात्कालिक बिजली कनेक्शन दिया गया था। इसके लिए पूजा समितियों ने 24.45 लाख रुपये जमा किए थे।
वहीं, वर्ष 2024 में 630 पंडालों में से 602 को तात्कालिक कनेक्शन मिला था, जबकि पूजा समितियों ने 26.65 लाख रुपये जमा किए थे।
सुरक्षा मानकों का पालन अनिवार्य
पेसू ने पूजा पंडालों में बिजली कनेक्शन देते समय भारतीय विद्युत नियम, 1956 में निर्धारित सुरक्षा मानकों का पालन कराने को कहा है। पंडाल और बिजली के तारों के बीच निर्धारित वर्टिकल और हारिजांटल क्लियरेंस बनाए रखना अनिवार्य होगा।
बिजली विभाग के अधिकारी कनेक्शन देने के दौरान इन मानकों की जांच करेंगे। पूजा के दौरान प्रत्येक विद्युत प्रमंडल में तीनों शिफ्ट में कंट्रोल रूम संचालित करने का निर्देश दिया गया
यहां करें आवेदन
पूजा पंडालों में बिजली कनेक्शन के लिए पूजा समिति को अपने क्षेत्र के पेसू विद्युत आपूर्ति प्रमंडल में आवेदन करना होगा।
पेसू के 13 प्रमंडलों में कंकड़बाग-1, कंकड़बाग-2, पटना सिटी, गुलजारबाग, बांकीपुर, राजेंद्र नगर, फतुहा, दानापुर, नूतन राजधानी, पाटलिपुत्र, गर्दनीबाग, डाकबंगला और खगौल प्रमंडल शामिल हैं।
शुल्क का प्रमुख स्लैब
| स्वीकृत लोड (केवीएएच में) | शुल्क (रुपये में) |
|---|---|
| 1 | 1,878 |
| 5 | 6,840 |
| 10 | 11,481 |
| 15 | 16,121 |
| 20 | 20,762 |
| 30 | 30,042 |
| 40 | 39,323 |
| 50 | 48,604 |
| 60 | 57,885 |
| 70 | 67,166 |
| 80 | 76,447 |
| 90 | 85,727 |
| 100 | 95,008 |
