कर्मा-धर्मा विसर्जन की खुशियां मातम में बदलीं: पटना के गंगा घाटों पर 19 लोग डूबे, 4 की मौत और 7 अब भी लापता
कर्मा-धर्मा पर्व के बाद पटना में गंगा किनारे स्नान के दौरान 19 लोग डूब गए, जिनमें से चार के शव ...और पढ़ें

पटना के गंगा घाटों पर 19 लोग डूबे, 4 की मौत और 7 अब भी लापता (AI Generated Image)
HighLights
कर्मा-धर्मा पर्व के बाद गंगा में 19 लोग डूबे।
चार के शव बरामद, जबकि सात लोग अभी भी लापता हैं।
अवैध खुदाई के गड्ढों में डूबने से कई बच्चों की मौत।
जागरण संवाददाता, पटना। कर्मा-धर्मा पर्व के बाद बुधवार को पूजा की खुशियां गंगा किनारे कई परिवारों के लिए मातम में बदल गईं। विसर्जन के बाद स्नान के क्रम में बाढ़ से मनेर तक अलग-अलग घाटों पर 19 लोग डूबे। इनमें चार के शव बरामद हो चुके हैं, जबकि सात देर शाम तक लापता थे।
आठ लोगों को स्थानीय ग्रामीणों व नाविकों ने बचा लिया। लापता लोगों की तलाश में गोताखोरों के साथ एसडीआरएफ की टीमें देरशाम तक जुटी रहीं।
बख्तियारपुर में गंगा नहीं अवैध खोदाई ने ली जान:
सबसे दर्दनाक घटना बख्तियारपुर के चंपापुर गंगा चैनल के पास हुई। जिस गहरे गड्ढे में बच्चे डूबे व अवैध मिट्टी कटाई से बना था और गंगा की सुरक्षा दीवार के टूटे सेफ्टी वाल के कारण उसमें गंगा का पानी भर रहा था। एक ही गांव में रहने वाले पड़ोसी व गोतिया छह किशोर पूजा सामग्री विसर्जित करने पहुंचे थे।
इस क्रम में वे गड्ढे के गहरे पानी में चले गए। इसमें तीन को मौके पर मौजूद लोगों ने बचा लिया जबकि रामेश्वर मोची के पुत्र साहिल कुमार, अनिल कुमार के पुत्र अमन कुमार व विमल मोची के पुत्र बलबीर कुमार बह गए। तीनों के शव शाम तक बरामद कर लिए गए।
वहीं, धनरुआ के चकसीरिया में कर्मा-धर्मा के दौरान तालाब में डूबने से 10 वर्षीय सोनाली कुमारी की मौत हो गई।
पोस्ट ऑफिस घाट पर तीन बच्चे दउरा विसर्जन के बाद गंगा में उतरे थे। तीनों बहने लगे तो एक का हाथ देखकर स्थानीय लोगों ने उसे बचा लिया, लेकिन 10 वर्षीय पीयूष कुमार व 15 वर्षीय सुजीत कुमार तेज धारा में बह गए। देर शाम तक दोनों लापता थे और एसडीआरएफ व गोताखोरों तलाश में जुटे थे।
इसी प्रकार अथमलगोला के बुधरा घाट पर 10 वर्षीय भाई सूरज, 12 वर्षीय बहन शिवानी के साथ गौर गणेश विसर्जन के बाद स्नान करने गंगा में उतरे थे। अचानक गहरे पानी में जाने से दोनों लापता हो गए और देरशाम तक उनका पता नहीं चल सका।
मनेर के हल्दी छपरा में झुरमूर बहाने के बाद गंगा स्नान के दौरान एक परिवार के सात लोग डूबने लगे। एक महिला ने अपनी साड़ी फेंक कर चार लोगों को बचा लिया, जबकि 39 वर्षीय संजू देवी अपनी दो नाबालिग बेटियों 13 वर्षीय सीमा उर्फ अंजली और 8 वर्षीय सुहानी उर्फ प्रीती तेज धारा बह गईं। शाम तक उनकी तलाश जारी थी।
एडीएम आपदा डीपी शाही ने बताया कि अलग-अलग प्रखंडों में डूबने की 11 घटनाएं हुई हैं। इनमें अधिसंख्य बच्चे हैं। एनडीआरएफ व एसडीआरएफ की टीमें लापता लोगों की तलाश में लगी हैं।
