बिहार में लोन के नाम खुलवाते थे खाता, साइबर ठगी में होता था इस्तेमाल: 10वीं पास मास्टरमाइंड का खेल उजागर
पटना में पुलिस ने एक साइबर ठगी गिरोह के दो सदस्यों को गिरफ्तार किया है, जो लोगों को लोन दिलाने ...और पढ़ें

बिहार में साइबर क्राइम। सांकेतिक फोटो

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जागरण संवाददाता, पटना। लोगों को लोन दिलाने के नाम पर उनसे चालू खाता खुलवाकर डेबिट कार्ड, सिमकार्ड, पासबुक और चेकबुक अपने पास रखकर उस खाते में साइबर ठगी की रकम की लेनदेन करने वाले गिरोह के दो आरोपितों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है।
इनके चंगुल में फंसे एक पीड़ित की शिकायत पर साइबर थाने की पुलिस केस दर्ज कर दोनों आारोपितों के रामकृष्णा नगर स्थित ठिकाने तक पहुंची थी। दोनों की पहचान नालंदा के नूरसराय निवासी संजय कुमार और नवादा जिले के अभिषेक कुमार के रूप में हुई है।
इनके पास से 11 मोबाइल, 11 एटीएम कार्ड, 13 चेकबुक, एक पासबुक बरामद किया गया है। इन खातों का इस्तेमाल साइबर ठगी की रकम मंगाने और निकासी में किए जाने के साक्ष्य मिले हैं।
छानबीन में पता चला कि बरामद कई चेकबुक में कई बैंक खाते नंबर ऐसे भी हैं, जिनका इस्तेमाल अलग-अलग राज्यों से करोड़ों रुपये की ठगी में हुआ है। अब तक 55 से अधिक शिकायतें सामने आ चुकी हैं।
गिरफ्तार संजय मास्टरमाइंड है, जो 10वीं पास है। संजय अपने सहयोगी अभिषेक के साथ मिलकर लोगों को ठगी करता था। अभिषेक प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी भी करता है। पूछताछ में यह भी पता चला कि एक आरोपित अपनी गर्लफ्रेंड के इशारे पर ठगी करता था।
कैसे ठगी करता था यह गिरोह
एसडीपीओ सह साइबर थानाध्यक्ष नीतीश चंद्र धारिया ने बताया कि दोनों आरोपितों ने पटना के एक युवक को लोन दिलाने का झांसा दिया। इसके लिए उनसे चालू खाता खुलवाया था। फिर उनका बैंक डिटेल, सिम, एटीएम कार्ड और अन्य दस्तावेज लेकर उनके खाते में करीब 66 लाख रुपये का लेनदेन किया गया।
इस बात की जानकारी जब पीड़ित को हुई, तब उन्होंने इसकी सूचना साइबर थाने में दी। पुलिस की मानें तो दोनों ने पिछले पांच महीने से किराये के फ्लैट में रहते थे।
इस गिरोह में और कितने लोग शामिल है? बरामद पासबुक, चेक बुक और एटीएम कार्ड किसके नाम पर हैं? अकाउंट कब खुला और उसके कहां से कितने रुपयों का ट्रांजेक्शन हुआ? इसकी जांच जारी है।
फाइनेंस का जिम्मा संभालती थी गर्लफ्रेंड
आरोपित खाते से जुड़ी जानकारी अपनी गर्लफ्रेंड को देता था। फाइनेंस का जिम्मा पूरी तरह से गर्लफ्रेंड ही संभालती थी। ठगी की राशि खाते में आई तो उसे कब, कैसे कहां खपाना है, गर्लफ्रेंड देखती थी।
पुलिस उस युवती के बारे में भी जानकारी जुटा रही है। लोन दिलाने के नाम पर संजय और अभिषेक ने उनका अकाउंट खुलवाया था। जांच में पता चला कि उस खाते में तीन किश्तों में 66 लाख रुपये आए थे।
