जागरण संवाददाता, पटना । बालू तस्कर श्रीनिवास राय उर्फ श्रीराय को दबोचने उसके घर अमनाबाद गई पुलिस टीम पर शुक्रवार को श्रीराय के स्वजनों व गुर्गों ने हमला बोल दिया। श्रीराय के बेटे नवीन व प्रवीण और चचेरे भाई गोपाल ने गुर्गों के साथ मिलकर पुलिस पर ताबड़तोड़ गोलियां बरसाईं। हालांकि, हमले में जवान बाल-बाल बच गए। फायरिंग की आड़ में घर के सभी पुरुष सदस्य फरार हो गए।

हथियार के साथ तीन महिलाएं गिरफ्तार

पुलिस ने श्रीराय के घर की तलाशी ली। वहां से कट्टा, पांच कारतूस और डेढ़ लाख नकद मिले। उसके बाद पुलिस ने घर की तीन महिलाओं को गिरफ्तार कर लिया। उनमें श्रीराय की पत्नी लक्ष्मीणिया देवी और बहू विनिता देवी और मुन्नी देवी शामिल हैं। छापेमारी दस्ते का नेतृत्व सिटी एसपी राजेश कुमार और दानापुर एएसपी अभिनव धीमान कर रहे थे। एसएसपी डा. मानवजीत सिंह ढिल्लों ने पुलिस पर फायरिंग और तीनों महिलाओं की गिरफ्तारी की पुष्टि की। बताया कि अमनाबाद में अब भी 30 जवान और दो पदाधिकारी कैंप कर रहे हैं। आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए कांबिग आपरेशन चलाया जा रहा है।

श्रीराय और शत्रुघ्न राय के बीच हुई थी मुठभेड़ 

बुधवार रात सोन नदी के किनारे अमनाबाद दियारे में बालू के क्षेत्र पर कब्जा जमाने के लिए श्रीराय और शत्रुघ्न राय के बीच मुठभेड़ में अंधाधुंध फायरिंग हुई थी। श्रीराय को बेउर जेल में बंद सिपाही राय का संरक्षण प्राप्त है, जबकि शत्रुघ्न राय फौजिया गिरोह का साथी था। मुठभेड़ में शत्रुघ्न के मारे जाने की चर्चा है। सूत्रों की मानें तो फायरिंग के दौरान श्रीराय के गुट ने शत्रुघ्न के साले को भी मार गिराया है। जब साले का शव उठाकर शत्रुघ्न भाग रहा था, तभी उसे विपक्षी गुट ने चारों तरफ से घेर लिया और गोलियां से भून डाला। कहा जा रहा है कि दोनों के शव बालू घाट में ही दफन कर दिए गए। हालांकि, पुलिस को अब तक उनके शव नहीं मिले हैं।

तब नहीं सक्रिय हुई थी पुलिस 

श्रीराय पर दोहरे हत्याकांड को लेकर बिहटा थाने में प्राथमिकी दर्ज है। उसके घर से पुलिस को पहले भी हथियार मिले थे। इस मामले में उसके बेटे भी आरोपित हैं। सूत्र बताते हैं कि 29 अगस्त को दोहरे हत्याकांड की शिकायतकर्ता ने विभिन्न माध्यमों से बिहटा थानाध्यक्ष से लेकर पुलिस महानिदेशक तक को सूचना दी थी कि श्रीराय घर पर आया हुआ है, लेकिन पुलिस ने उस समय कुछ नहीं किया। दो दिन तक महिला की सूचना हल्के में ली गई। पुलिस ने कंचनपुर गांव में हुई एक घटना का हवाला देकर श्रीराय के घर पर छापेमारी नहीं की।

नप सकते हैं बिहटा थाने के थानेदार से चौकीदार तक 

अधिकारिक सूत्रों की मानें तो लगातार दूसरे दिन फायरिंग की घटना के बाद बिहटा थाने के थानाध्यक्ष से लेकर चौकीदार तक नप सकते हैं। बिहटा थाने का सीसीटीवी फुटेज भी खंगाला जाएगा। फिलहाल, एक निजी चालक और चौकीदार की श्रीराय से साठ-गांठ की बात सामने आ रही है। उसका चचेरा भाई गोपाल राय सारण जिले के डोरीगंज का है। वह करीब दो महीने पहले जेल से छूटा था। उसे निजी चालक के साथ कई बार थाने में देखा गया था।

Edited By: Rahul Kumar

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