पटना, जागरण संवाददाता। पटना जिले के धनरुआ प्रखंड के रहने वाले एक व्यक्ति द्वारा फर्जी प्रमाणपत्र के आधार पर आधारकार्ड बना वृद्धावस्था पेंशन लिए जाने का मामला प्रकाश में आया है। जिला लोक सूचना कार्यालय के साथ ही समाज कल्याण विभाग के प्रधान सचिव से लोक सूचना अधिकार के तहत जानकारी मांगी गई थी। जब सूचना मिली तो अधिकारी भी हतप्रभ रह गए। अब लोक सूचना अधिकारी ने इस मामले में निर्णय देते हुए संबंधित व्यक्ति द्वारा ली गई पेंशन की राशि की वसूली करने का निर्देश धनरुआ प्रखंड विकास अधिकारी को दिया है।

प्राप्त जानकारी के मुताबिक, धनरुआ थाना के नदवां गांव निवासी रुबी देवी ने समाज कल्याण विभाग के प्रधान सचिव से लोक सूचना अधिकार के तहत इसी गांव के निवासी एसएन शर्मा द्वारा अपने वास्तविक उम्र को छिपाकर गलत उम्र से आधार कार्ड बनवाकर वृद्धावस्था पेंशन लिए जाने के संबंध में जानकारी मांगी थी। रुबी देवी की शिकायत को  अनुमंडल लोक शिकायत अधिकारी के पास भेज दिया गया।

3 फरवरी को 2021 को पहली बार अनुमंडल लोक शिकायत अधिकारी द्वारा धनरुआ के बीडीओ से पूरी जानकारी मांगी गई। समय पर निष्पादन न होने पर परिवादी ने जिला लोक सूचना अधिकारी के पास  अपील की। यहां से अनुमंडल लोक सूचना अधिकारी को समय सीमा के अंदर इस मामले की सुनवाई करने का निर्देश दिया गया। जब धनरुआ के बीडीओ ने मामले की पूरी जांच की तो फर्जीवाड़ा का पता चला।

नदवां राजकीय कृत उच्च विद्यालय में एसएन शर्मा की उम्र  05-05-1968 लिखी गयी है। जब वृद्धावस्था पेंशन के आवेदन की जांच की गई तब पता चला कि आधार कार्ड में उसने अपना जन्मतिथि 01-01-1953 लिखवाया है। इसी आधार पर वह 2013 से ही वृद्धावस्था पेंशन के रूप में प्रति माह 400 रुपये ले रहा है। अनुमंडलाधिकारी मसौढ़ी की ओर से प्रखंड विकास अधिकारी को इस मामले में एसएन शर्मा द्वारा 8 वर्षों के दौरान वृद्धावस्था पेंशन के रूप में ली गई राशि की वसूली करने के साथ ही आरोपी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने का निर्देश जारी किया गया है। इसकी सूचना जिला लोक शिकायत पदाधिकारी को भी दे दी गई है।