पटना में घर से दुकान-ऑफिस चला रहे हैं तो समझ लें ये नियम, 50 हजार से ज्यादा संपत्तियां नगर निगम की रडार पर
पटना नगर निगम आवासीय क्षेत्रों में व्यावसायिक गतिविधियों पर कार्रवाई का दायरा बढ़ा रहा है, जिसमें 50 हजार से अधिक नए मामले सामने आए हैं।

पटना नगर निगम ने चिह्नित किए 50 हजार से अधिक मामले। सांकेतिक तस्वीर
HighLights
पटना में आवासीय क्षेत्रों में व्यावसायिक गतिविधियों पर कार्रवाई।
सर्वे में 50 हजार से अधिक नए मामले चिह्नित किए गए।
मुख्यमंत्री ने समाधान के लिए पांच सदस्यीय समिति बनाई।
जागरण संवाददाता, पटना। राजधानी के आवासीय इलाकों में मकान और परिसर बनाकर व्यावसायिक गतिविधियां चलाने वालों पर कार्रवाई का दायरा और बढ़ने जा रहा है।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद नगर निगम ने ऐसे मामलों की पहचान के लिए कराए जा रहे सर्वे में 50 हजार से अधिक नए मामले चिह्नित किए हैं।
इन संपत्तियों में आवासीय उपयोग के बजाय दुकान, कार्यालय, संस्थान या अन्य व्यावसायिक गतिविधियां संचालित होने की जानकारी सामने आई है।
27 हजार से अधिक संपत्तिधारकों को नोटिस
अब इन मामलों को भी कार्रवाई के दायरे में लाने की तैयारी है। इससे पहले नगर निगम की ओर से 27,395 संपत्तिधारकों को नोटिस जारी किया जा चुका है।
नोटिस मिलने के बाद निर्धारित तिथियों पर करीब 4,100 लोगों ने ही उपस्थिति दर्ज कराई है। संपत्तिधारक नोटिस के आलोक में संबंधित अंचल कार्यालय पहुंचकर अपना पक्ष भी रख रहे हैं।
जनप्रतिनिधियों की मांग पर समाधान के लिए 25 अगस्त को मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पांच सदस्यीय समिति का गठन कर चुके हैं।
समिति मामले का अध्ययन कर व्यावहारिक और जनहितकारी समाधान सुझाएगी। लोगों की निगाहें अब समिति की रिपोर्ट पर टिकी हैं।
सभी अंचलों से मांगी गई कार्रवाई की पूरी रिपोर्ट
अपर नगर आयुक्त राजन सिन्हा ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट से मिले आदेश के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। नगर आयुक्त ने नगर निगम के सभी छह अंचलों के ईओ से अब तक की गई कार्रवाई की विस्तृत जानकारी मांगी है।
इसमें कितने संपत्तिधारकों को नोटिस दिया गया, कितने लोग अपना पक्ष रखने के लिए उपस्थित हुए और किन-किन संपत्तियों पर आगे कार्रवाई की जानी है, इसकी जानकारी शामिल है।
नगर निगम प्रशासन अब पुराने नोटिस वाले मामलों के साथ सर्वे में सामने आए नए मामलों की भी पड़ताल कर रहा है। इसके आधार पर चरणबद्ध तरीके से आगे की कार्रवाई की रणनीति तैयार की जा रही है।
बिहार भवन उपविधि और मास्टर प्लान के आधार पर कार्रवाई
सभी अंचलों के कार्यपालक पदाधिकारी बिहार भवन उपविधि-2014 और पटना मास्टर प्लान-2031 का अध्ययन कर रहे हैं।
टाउन प्लानरों के साथ भी लगातार बैठकें की जा रही हैं, ताकि यह स्पष्ट किया जा सके कि किन संपत्तियों में किस प्रकार की व्यावसायिक गतिविधि नियमों के अनुरूप है और किन मामलों में कार्रवाई की जरूरत है।
24 आवासीय कालोनियां भी रडार पर
बता दें कि पटना मास्टर प्लान-2031 के अनुसार, 49.56 वर्ग किलोमीटर जमीन आवासीय है, जो शहर के कुल क्षेत्रफल का 47.55 प्रतिशत है।
वहीं, मास्टर प्लान में 24 आवासीय कालोनियों के नाम भी दर्ज हैं। इनमें बिहार सरकार की 11, केंद्र सरकार की तीन और निजी 10 कालोनियां शामिल हैं। कार्रवाई के लिए ये कालोनियां नगर निगम के रडार पर हैं।
मास्टर प्लान में सिर्फ 18 प्रकार की गतिविधियां प्रतिबंधित
मास्टर प्लान के अनुसार, नगर निगम क्षेत्र के आवासीय इलाकों में हर तरह की व्यावसायिक गतिविधि की अनुमति नहीं है। निर्धारित नियमों के तहत आवासीय क्षेत्र में 41 प्रकार की गतिविधियां की जा सकती हैं।
वहीं, 19 अन्य गतिविधियों के लिए संबंधित प्राधिकार से अनुमति लेना अनिवार्य है। इसके बिना इन गतिविधियों का संचालन नहीं किया जा सकता। आवासीय क्षेत्र में सिर्फ 18 प्रकार की गतिविधियों को प्रतिबंधित किया गया है।
