पटना सिटी, जागरण संवाददाता। नालंदा मेडिकल कॉलेज सह अस्पताल (एनएमसीएच) अब कोविड डेडिकेटेड अस्‍पताल नहीं रहा। कोरोना के मरीजों की संख्‍या बेहद कम होने के बाद इसे फिर से सामान्‍य मरीजों के लिए खोल दिया गया है। अस्‍पाल में गुरुवार से ही सामान्य मरीजों के लिए ओपीडी सेवा शुरू हो गई है। अधीक्षक डा. विनोद कुमार सिंह ने बताया कि अस्पताल के सभी विभागों में मरीजों की भर्ती भी शुरू हो रही है। डाक्टरों को अपनी पूर्व की ड्यूटी अनुसार उपस्थित रहने के लिए कहा गया है। मरीजों की संख्या धीरे-धीरे बढ़ेगी। चिकित्सा व्यवस्था सोमवार तक पूरी तरह से पटरी पर लौट आएगी।

अस्‍पताल में बढ़ी चहल-पहल

लगभग तीन महीनों बाद एनएमसीएच में सामान्य मरीजों के पहुंचने से चहल-पहल बनी रही। अस्पताल के हर विभाग व वार्ड को सैनिटाइज करने का काम जारी रहा। स्वास्थ्य कर्मी इमरजेंसी व्यवस्था दुरुस्त करते दिखे।

आइसीयू व इमरजेंसी से मरीज किए गए शिफ्ट

एनएमसीएच में चिकित्सा सेवा को सामान्य मरीजों के लिए व्यवस्थित करने के उद्देश्य से शिशु रोग विभाग की इमरजेंसी में भर्ती एक 12 वर्षीया बच्ची को ई-रिक्शा से अस्पताल प्रबंधक प्रणव कुमार ने एमसीएच में शिफ्ट करा दिया गया था। अधीक्षक ने बताया कि आइसीयू में भर्ती कोरोना संक्रमितों को भी एमसीएच में शिफ्ट कर दिया गया है। एनएमसीएच में अब कोरोना का एक भी मरीज नहीं है।

एसजीजीएस अस्पताल में ओपीडी व ऑपरेशन शुरू

श्री गुरु गोविंद सिंह सदर अस्पताल में सामान्य मरीजों के लिए सभी विभाग का ओपीडी शुरू हो गया है। यहां इमरजेंसी के साथ भर्ती मरीजों का आपरेशन भी होने लगा है। बेहोशी के एक डाक्टर प्रतिनियुक्ति पर यहां कार्यरत होने के कारण आपरेशन की संख्या बढ़ाने में समस्या आ रही है। अधीक्षक ने बताया कि सर्जरी, हड्डी रोग विभाग, डेंटल, मेडिसिन, स्त्री एवं प्रसूति विभाग का ओपीडी शुरू हो गया है।

कंगन व मीतन घाट स्थित क्वारंटाइन केंद्र समाप्त, बुलाए गए डाक्टर

अधीक्षक ने बताया कि कंगन और मीतन घाट के क्वारंटाइन केंद्र को समाप्त कर वहां के कर्मियों को अस्पताल में लगाया गया है। मंगल तालाब स्थित रामदेव महतो सामुदायिक भवन एवं गायघाट स्थित राजकीय महिला महाविद्यालय स्थित टीकाकरण केंद्र में अस्पताल के एक-एक डाक्टर की प्रतिनियुक्ति की गई है।