जागरण संवाददाता, पटना सिटी: नालंदा मेडिकल कॉलेज अस्पताल के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थित माइक्रोबायोलॉजी विभाग में चार जिलों से जांच के लिए पहुंचने वाले कोरोना के सैंपल की संख्या काफी बढ़ गई है। पॉजिटिव रिपोर्ट अधिक मिलने तथा टेक्नीशियन की कमी के कारण जांच रिपोर्ट 24 से 36 घंटे में मरीजों को मिल रही है। इस बीच भर्ती मरीजों का ठीक से इलाज सुनिश्चित नहीं हो पा रहा है। इस समस्या को देखते हुए प्राचार्य डॉ हीरालाल महतो ने शनिवार को कहा कि अब लैब में 24 घंटे सैंपल की जांच होगी। 

जांच होने और रिपोर्ट मिलने में देरी

एनएमसीएच में भर्ती कई मरीजों ने बताया कि कोरोना जांच के लिए सैंपल लैब तक ले जाने को कर्मी नहीं आ रहे हैं। बड़ी मुश्किल से सैंपल लैब तक पहुंचाने के बाद वहां जांच होने और रिपोर्ट मिलने में देरी हो रही है। इस मामले में एनएमसीएच के प्राचार्य सह माइक्रोबायोलॉजी विभाग के अध्यक्ष डॉ. हीरालाल महतो ने बताया कि पटना, शेखपुरा, वैशाली, जमुई जिलों के चार हजार से अधिक सैंपल कोरोना जांच लिए हर दिन पहुंच रहे हैं।

इस कारण से हो रही देर

डॉ. हीरालाल महतो ने बताया कि जांच के दौरान पॉजिटिव रिपोर्ट आने पर फुल ब्रेक करने में समय लगता है। आरएनए और आरटीपीसीआर जांच की प्रक्रिया पूरी कर रिपोर्ट रजिस्टर में लिखने तथा मरीज को देने के लिए रिपोर्ट तैयार करने तक में समय लगने से देरी हो रही है। लैब में टेक्नीशियन की कमी है। तीन टेक्नीशियन की व्यवस्था की गई है। उन्होंने बताया कि हर दिन लगभग 26 सौ नमूनों की जांच कर रिपोर्ट तैयार की जा रही है। शेष रिपोर्ट की जांच अगले दिन की जाती है। उन्होंने बताया कि हर हाल में 24 घंटे के अंदर जांच रिपोर्ट देने का प्रयास किया जा रहा है। चार जिलों के अलावा जांच के लिए एनएमसीएच में भर्ती मरीज, डॉक्टर, स्वास्थ्य कर्मी का सैंपल भी पहुंच रहा है।

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