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पटना एयरपोर्ट को 150000 sq. m जमीन चाहिए, घटेंगी पायलटों की शिकायतें, आसपास की इमारतें बन रहीं रोड़ा

Published: Tue, 26 May 2026 09:04 PM (IST)Updated: Tue, 26 May 2026 10:53 PM (IST)

Patna Airport Runway Expansion: जय प्रकाश नारायण अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर सुरक्षित लैंडिंग के लिए रनवे विस्तार की तैयारी तेज ...और पढ़ें

पटना एयरपोर्ट के रनवे का होगा विस्तार (AI Generated Image)

पटना एयरपोर्ट के रनवे का होगा विस्तार (AI Generated Image)

HighLights

  1. पटना एयरपोर्ट रनवे विस्तार की तैयारी तेज।

  2. सुरक्षित लैंडिंग हेतु अतिरिक्त जमीन का आकलन।

  3. घंटाघर की ऊंचाई कम करने पर भी मंथन।

विद्या सागर, पटना। Jay Prakash Narayan International Airport के रनवे विस्तार और विमानों की सुरक्षित लैंडिंग को लेकर केंद्र सरकार की उच्च स्तरीय समिति ने पटना में स्थलीय निरीक्षण शुरू कर दिया है। समिति एयरपोर्ट के आसपास की भौगोलिक स्थिति, बाधाओं और अतिरिक्त जमीन की आवश्यकता का आकलन कर रही है।

सूत्रों के अनुसार विमानों की सुरक्षित लैंडिंग सुनिश्चित करने के लिए पटना जू की ओर करीब 500 मीटर लंबाई और 300 मीटर चौड़ाई में अतिरिक्त जमीन की जरूरत पड़ सकती है। तकनीकी टीम इसी क्षेत्र का सर्वे कर रही है।

हार्ड लैंडिंग की शिकायतों के बाद बढ़ी चिंता

पटना एयरपोर्ट पर सीमित रनवे स्पेस और आसपास मौजूद ऊंची संरचनाओं के कारण अक्सर हार्ड लैंडिंग की शिकायतें सामने आती रही हैं।

ऐसे में एयरपोर्ट की सुरक्षा व्यवस्था और लैंडिंग क्षमता को बेहतर बनाने पर जोर दिया जा रहा है।

विशेषज्ञों का मानना है कि रनवे के एप्रोच एरिया को सुरक्षित बनाने के लिए कई तकनीकी बदलाव जरूरी हैं।

इसी को ध्यान में रखते हुए केंद्र सरकार ने उच्च स्तरीय समिति का गठन किया है।

घंटाघर की ऊंचाई कम करने पर भी मंथन

सूत्रों के मुताबिक पुराना सचिवालय स्थित घंटाघर की ऊंचाई कम करने के प्रस्ताव पर भी गंभीरता से विचार किया जा रहा है।

माना जा रहा है कि एयरपोर्ट के आसपास की ऊंची इमारतें और संरचनाएं विमान संचालन में बाधा बन रही हैं।

तकनीकी विशेषज्ञ अंतरराष्ट्रीय विमानन सुरक्षा मानकों के अनुरूप एप्रोच एरिया को बाधा मुक्त बनाने के विकल्पों पर चर्चा कर रहे हैं।

केंद्र और राज्य सरकार के अधिकारियों के साथ बैठक

समिति एयरपोर्ट अथॉरिटी और राज्य सरकार के अधिकारियों के साथ लगातार बैठक कर रही है। इसमें जमीन अधिग्रहण, प्रभावित क्षेत्रों और वैकल्पिक व्यवस्थाओं पर भी मंथन चल रहा है।

बताया जा रहा है कि अगर रनवे विस्तार का प्रस्ताव आगे बढ़ता है तो आसपास के कुछ क्षेत्रों में जमीन अधिग्रहण की जरूरत पड़ सकती है।

अगस्त 2026 तक आ सकती है अंतिम रिपोर्ट

सूत्रों के अनुसार समिति अगस्त 2026 तक अपनी अंतिम रिपोर्ट केंद्र सरकार को सौंप सकती है। इसके बाद राज्य सरकार जमीन उपलब्ध कराने और परियोजना को आगे बढ़ाने पर फैसला लेगी।

माना जा रहा है कि यदि योजना को मंजूरी मिलती है तो आने वाले वर्षों में पटना एयरपोर्ट पर विमानों की लैंडिंग और टेकऑफ व्यवस्था पहले से कहीं अधिक सुरक्षित और सुगम हो जाएगी।