पटना नगर निगम ने जारी किया 200 करोड़ का म्युनिसिपल बांड, बिहार का पहला नगर निकाय बना
पटना नगर निगम ने 200 करोड़ रुपये का म्युनिसिपल बांड जारी किया है, जिससे शहर में 18 विकास कार्य होंगे। ...और पढ़ें

NSE की ओर से आयोजित बांड लिस्टिंग कार्यक्रम में ऑनलाइन महापौर सीता साहू, नगर आयुक्त यशपाल मीणा समेत अन्य जुड़े हुए हैं। सौजन्य : नगर निगम
HighLights
पटना नगर निगम ने 200 करोड़ का म्युनिसिपल बांड जारी किया।
12 वेंडिंग जोन और 2 मैरिज हॉल सहित 18 परियोजनाएं होंगी।
शहर के विकास और निगम की आय में वृद्धि होगी।
जागरण संवाददाता, पटना। पटना नगर निगम ने 200 करोड़ रुपये का म्युनिसिपल बांड जारी कर दिया है। इसके साथ ही पटना नगर निगम म्युनिसिपल बांड जारी करने वाला बिहार का पहला नगर निकाय बन गया है। नगर निगम को बांड के लिए पहले ही 'एए' रेटिंग मिल चुकी है।
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) की ओर से आयोजित बांड लिस्टिंग कार्यक्रम में महापौर सीता साहू, नगर आयुक्त यशपाल मीणा समेत निगम के अन्य अधिकारी ऑनलाइन शामिल हुए।
200 करोड़ से 15 स्थानों पर होंगे 18 विकास कार्य
म्युनिसिपल बांड से प्राप्त 200 करोड़ रुपये की राशि से राजधानी में 15 स्थानों पर कुल 18 विकास कार्य कराए जाएंगे। इन योजनाओं में 12 वेंडिंग जोन और दो मैरिज हॉल का निर्माण प्रमुख रूप से शामिल है।
इसके अलावा एक पार्किंग स्थल, एक वाणिज्यिक परिसर, एक होटल और एक सामुदायिक भवन भी बनाया जाएगा। इन परियोजनाओं के पूरा होने से शहर में नागरिक सुविधाओं का विस्तार होगा।
10 जगह नगर निगम की जमीन पर बनेंगी योजनाएं
विकास कार्यों के लिए नगर निगम ने 15 स्थानों पर जमीन चिह्नित कर ली है। इनमें 10 स्थानों पर नगर निगम की अपनी जमीन है।
वहीं, चार स्थानों पर पथ निर्माण विभाग की जमीन और एक स्थान पर बिहार राज्य आवास बोर्ड की जमीन का चयन किया गया है। चिह्नित जमीन पर प्रस्तावित योजनाओं को लेकर निगम ने कार्ययोजना भी तैयार कर ली है।
वेंडिंग जोन से लेकर मैरिज हॉल तक पर होगा निवेश
म्युनिसिपल बांड जारी होने से नगर निगम को विकास योजनाओं के लिए बड़ी राशि उपलब्ध हुई है। इस राशि से शहर में व्यवस्थित वेंडिंग जोन विकसित किए जाएंगे। इससे फुटपाथी दुकानदारों को व्यवस्थित स्थान मिल सकेगा।
साथ ही मैरिज हॉल, पार्किंग, वाणिज्यिक परिसर और सामुदायिक भवन जैसी सुविधाओं का भी विकास किया जाएगा। निगम को उम्मीद है कि इन परियोजनाओं से राजधानी की शहरी सुविधाओं को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी।
