पटना। पाटलिपुत्र विश्वविद्यालय को सत्र 2018-19 से नामांकन लेने की इजाजत चांसलर कार्यालय से मिली है। लेकिन, विश्वविद्यालय से जुड़े कॉलेजों में पार्ट वन के विद्यार्थियों का रजिस्ट्रेशन मगध विश्वविद्यालय में अभी तक नहीं हुआ है। इस कारण पाटलिपुत्र विश्वविद्यालय ने पार्ट वन के विद्यार्थियों के रजिस्ट्रेशन और परीक्षा आयोजित करने के लिए कुलाधिपति कार्यालय से इजाजत मांगी है। कुलाधिपति का आदेश प्राप्त होने पर स्नातक के विद्यार्थियों को भी नियमित सेशन का लाभ मिलेगा। उक्त बातें बुधवार को पाटलिपुत्र विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. गुलाब चंद राम जायसवाल ने टीपीएस कॉलेज में आयोजित 'सम्मान समारोह' में कहीं।

उन्होंने कहा कि बनारस ¨हदू विश्वविद्यालय में मिले अनुभव का लाभ नए विश्वविद्यालय को मिलेगा। उन्होंने कहा कि पूर्व परंपरा से प्राप्त शैक्षणिक उपलब्धियों को नई ऊंचाई पर ले जाना नए विश्वविद्यालय का लक्ष्य है और वे इसके लिए प्रतिबद्ध हैं। छात्रहित विश्वविद्यालय प्रबंधन के केंद्र में है। वीसी ने छात्र संघ प्रतिनिधियों को कहा कि उनकी उचित मागें पूरी की जाएंगी।

प्राचार्य प्रो. उपेंद्र प्रसाद सिंह ने अतिथियों का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि महाविद्यालय क्षेत्रफल की दृष्टि से छोटा है, लेकिन शैक्षणिक गुणवत्ता की दृष्टि से श्रेष्ठ है। शिक्षक संघ के सचिव डॉ. श्यामल किशोर, शिक्षकेतर कर्मचारी संघ के अध्यक्ष मनोज कुमार सिंह, सचिव राकेश कुमार यादव आदि ने कुलपति और प्रतिकुलपति का स्वागत किया। मंच का संचालन वनस्पति शास्त्र की प्राध्यापिका डॉ. तनुजा तथा धन्यवाद ज्ञापन डॉ. जावेद अख्तर खां ने किया। इस अवसर पर प्रो. रामदास प्रसाद, प्रो. छोटे लाल खत्री, डॉ. अबू बकर रिजवी, डॉ. कृष्णनंदन प्रसाद, डॉ. धर्मराज राम सहित दर्जनों छात्र-छात्राएं मौजूद थे।

: योग के अध्ययन के लिए खुलेगा केंद्र :

कुलपति ने कहा कि योग के अध्ययन के लिए महाविद्यालय में कोर्स को शीघ्र आरंभ किया जाएगा। इसके लिए प्राचार्य से आवश्यक जानकारी मांगी गई है। प्रति कुलपति प्रो. गिरीश कुमार चौधरी ने कहा कि वर्ष 2018 का एकेडमिक कैलेंडर जारी कर दिया गया है। शैक्षणिक गुणवत्ता से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जाएगा।

Posted By: Jagran