पटना, जेएनएन। सुपौल जिले के राघोपुर में एक अजीबोगरीब मामला सामने आया है। जहां नाबालिग बच्ची से दुष्कर्म करने की सजा के तौर पर पुलिस ने आरोपी पर पांच लाख का आर्थिक दंड औऱ पीड़िता द्वारा आरोपी को 11 चप्पल मारने की सजा सुना कर मामले को रफा-दफा करने का अनोखा फरमान सुनाया है।

गांव के गणेश स्वर्णकार ने 11 साल की नाबालिग से दुष्कर्म किया। दुष्कर्म के बाद पीड़िता जब थाने पहुंची तो पुलिस ने इसे गंभीरता से लेने के बजाय गांव के कुछ लोगों को बुलाकर मामले को पंचायत में निपटा लेने का फरमान सुना दिया। इसके बाद गांव के स्कूल परिसर में पंचायती हुई।

तीन घंटे तक पंचों ने आरोपी का इंतजार किया पर वह नहीं पहुंचा। इसके बाद पंचों ने दरिंदगी की इस घटना के लिए आरोपी पर पांच लाख रुपए आर्थिक दंड लगाया। साथ ही पीड़िता द्वारा आरोपी को 11 चप्पल मारने की सजा सुना कर मामले को रफा-दफा कर दिया। लेकिन आरोपी ने दबंगई दिखाते हुए दामाद को पंचायत में भेज कर पंचों का फैसला मामले से इनकार कर दिया।

इसके बाद मामला तूल पकड़ता देख शनिवार को पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज की। आरोपी की अबतक गिरफ्तारी नहीं हुई है। राघोपुर थानाध्यक्ष नागेंद्र कुमार ने बताया कि पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है।

पीड़िता ने बताया कि शुक्रवार को दिन के करीब 11 बजे वह गांव में ही एक रिश्तेदार के घर सब्जी पहुंचाने गई थी। लौटने के दौरान गांव के ही 55 वर्षीय गणेश स्वर्णकार ने उसे रोक लिया और कहा कि मेरे बारी में जलावन है, लेते जाओ। आरोपी उसे घर के पीछे ले गया और एक अर्धनिर्मित मकान में ले जाकर मुंह को कपड़ा से दबा कर दुष्कर्म किया।

आरोपी रसूखदार है। उसके तीन बेटे हैं। दो अधिकारी हैं जबकि एक गांव में व्यवसाय करता है। लोगों का कहना है कि गणेश पहले भी गरीब तबके की लड़कियों को बहला फुसलाकर ऐसी घटना को अंजाम देता रहा है।

पीड़िता ने बताया कि दुष्कर्म के दौरान मुंह पर पकड़ ढीली होने के बाद वह जोर से चिल्लाई। इसके बाद आसपास के लोग पहुंचे तो आरोपी भाग निकला। इसके बाद लड़की घर पहुंची और मां को घटना की जानकारी दी। आक्रोशित ग्रामीण आरोपी के घर पहुंचे। आरोपी ने ग्रामीणों के सामने स्वीकार किया कि गलती हुई है। जो सजा मिलेगी, मंजूर है।

इसके बाद पीड़िता की मां बेटी को लेकर राघोपुर थाना पहुंची। लिखित आवेदन देकर न्याय की गुहार लगाई। लेकिन, पुलिस ने केस दर्ज नहीं किया। इसके बाद पंचायत हुई और आरोपी ने पंचायत के फैसले को मानने से इनकार कर दिया।

 

Posted By: Kajal Kumari

अब खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस, डाउनलोड करें जागरण एप