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पटना, जेएनएन। दो सिपाहियों की दर्दनाक लव स्टोरी जान आपकी भी आंखों में आंसू आ जाएंगे। एक जाति का नहीं होने की वजह से दोनों सिपाहियों के घरवालों ने शादी करने से इन्कार करते हुए दोनों पर पहरा बैठा दिया। दोनों ने एक साथ नौकरी ज्वाइन की थी और एक साथ काम करते थे। काम के साथ-साथ दोनों एक-दूसरे से बेइन्हा प्यार करते थे और शादी करना चाहते थे। लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था।

राजधानी पटना में झारखंड पुलिस के दो जवानों ने गुरुवार को ट्रेन के आगे छलांग लगा दी। महिला सिपाही की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि पुरुष सिपाही को गंभीर हालत में पीएमसीएच में भर्ती कराया गया है। घटना गर्दनीबाग थाना क्षेत्र की है।

घटना के संबंध में बताया जा रहा है कि पटना जंक्शन और सचिवालय हॉल्ट के बीच दोनों जवानों ने सुबह करीब 11 बजे अप लाइन से गुजर रही ट्रेन के आगे छलांग लगा दी। घटनास्थल पर मौजूद युवक ने सचिवालय थाना पुलिस और पटना जीआरपी को मामले की जानकारी दी।

मौके पर पहुंची रेल पुलिस ने घायल जवान को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया और महिला सिपाही के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।

दोनों प्रेमी-प्रेमिका झारखंड पुलिस के साइबर सेल में थे और देवघर में तैनात थे। दोनों ने 12 मई, 2017 को एक साथ झारखंड पुलिस में ज्वाइन किया था। दोनों के पास से मिले आइकार्ड से उनकी पहचान की गयी है। महिला सिपाही का नाम नंदिनी है और पुरुष सिपाही का नाम सरोज कुमार झा है। 

पीएमसीएच के इमरजेंसी वार्ड में भर्ती सरोज झा का बयान लेने जब टीओपी पुलिस गयी तो उसने बताया कि दोनों एक-दूसरे से बहुत प्यार करते थे और शादी करना चाहता थे। लेकिन, दोनों के परिजन इसके लिए तैयार नहीं थे। परेशान होकर दोनों ने आत्महत्या करने का फैसला ले लिया। 

उन्होंने पुलिस को बताया कि सिपाही नंदनी की शादी उसके परिजनों ने दूसरी जगह तय कर दी थी। इसकी जानकारी होने के बाद दोनों काफी परेशान हो गये थे। परिवार के लोगों को सरोज ने नंदनी से प्रेम करने की बात बताकर उससे शादी करने की इच्छा जतायी।

उधर, नंदनी ने भी परिवार के लोगों के सामने सरोज से ही शादी करने की इच्छा व्यक्त की। पर परिजन सरोज के साथ उसकी शादी करने को तैयार तो नहीं हुए। साथ ही प्रेम संबंध की जानकारी होने पर उन पर नजर भी रखनी शुरू कर दी।

सरोज का दावा था कि वह अपने परिजनों को शादी के लिए तैयार करा लेता, लेकिन प्रेमिका के घरवाले तैयार नहीं हुए। यहां तक कि दो माह पहले रिश्तों को लेकर वह नंदनी के घर भी गया था। इस दौरान दोनों परिवारों बीच पंचायत भी हुई थी, लेकिन नंदिनी के परिजन शादी को तैयार नहीं हुए।

पुलिस को दिये अपने बयान में सरोज ने बताया कि शादी नहीं होने से वह तनाव में था. यहां तक कि घर वालों को भी उसने कई बार नंदनी से शादी नहीं होने पर जान देने की चेतावनी दी थी। इसमें प्रेमिका ने भी उसका साथ दिया था। 

पीएमसीएच टीओपी थाने के प्रभारी अमित कुमार ने बताया कि सचिवालय पुलिस की मदद से जख्मी सरोज को पीएमसीएच लाया गया। बातचीत के दौरान उसने बताया कि वे दोनों एक दूसरे से प्यार करते थे। घर वाले तैयार नहीं थे, इसलिए आत्महत्या का निर्णय लिया। व

सरोज झा ने गुरुवार की सुबह 10 बजकर 20 मिनट पर देवघर के साइबर थाने के पुलिस ग्रुप पर आखिरी मैसेज किया था। उसने लिखा कि ‘हमलोगों को माफ कर दीजियेगा सर’। इसके बाद कोई मैसेज नहीं आया। 

ग्रुप पर सरोज का मैसेज देखते ही उसके अफसरों ने कहा कि आप लोग आ जाइये। आपलोगों को कुछ नहीं होगा। इसके बाद भी कोई जवाब नहीं आया।

इस मैसेज के कुछ देर बाद देवघर पुलिस महकमे में सरोज और नंदिनी के ट्रेन से कूद जाने की खबर मिली। फिर वहां मातम पसर गया। नंदिनी की मौत की खबर सुनकर देवघर पुलिस के अधिकारियों के पैरों तले जमीन खिसक गयी। सरोज के बारे में वहां से लोग पीएमसीएच के पुलिसकर्मियों से हालचाल ले रहे थे। 

सिपाही ने कहा-जीने की इच्छा नहीं थी,

सिपाही सरोज झा ने देर शाम पुलिस को दिये गये बयान में कहा कि ‘हमें जीने की इच्छा नहीं थी। इस कारण हमलोगों ने आत्महत्या करने का फैसला किया। ट्रेन को आता देख हमलोग ट्रैक पर लेट गये। नंदिनी बीच ट्रैक पर थी’। किनारे रहने के कारण सरोज ट्रेन के झटके से दूर जा गिरा जबकि नंदिनी ने वहीं दम तोड़ दिया। सरोज का हाथ कट चुका है। उसे सिर में भी गहरी चोट है। 

पटना के होटल में ठहरे थे, शादी की थी तैयारी 

नंदिनी और उसका प्रेमी सरोज पटना के होटल वृंदावन में ठहरे थे। पुलिस ने वहां जाकर तहकीकात की तो पता चला कि दोनों ने होटल के रजिस्टर में खुद को पति-पत्नी बताया था। घरवालों की मर्जी के खिलाफ वे शादी करने की तैयारी में थे। हालांकि सरोज यह कह रहा था कि एक तरीके से उसने नंदिनी के साथ शादी कर ली थी। दोनों ने तीन दिनों की छुट्टी ली थी, जिसके बाद वे देवघर से निकलकर पटना पहुंचे थे। 

वापस देवघर लौट रहे थे दोनों सिपाही 

देवघर साइबर सेल के अफसरों ने बताया कि दोनों सिपाहियों को जब पुलिस के आला अफसरों ने वापस आने को कहा तो वे तैयार हो गये। गुरुवार को दोनों ने पटना लौटने की बात कही थी। 

कुछ बोलने की हालत में नहीं है सरोज 

 

Posted By: Kajal Kumari

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