पटना सिटी । रविवार की छुट्टी और सोमवार को भारत बंद के बाद मंगलवार को एनएमसीएच के ओपीडी में मरीजों की बाढ़ उमड़ आई। यहां से सेंट्रल रजिस्ट्रेशन काउंटर पर रिकार्ड तोड़ 26 सौ मरीजों का रजिस्ट्रेशन हुआ। सुबह से दोपहर तक मरीजों की कतार उमस भरी गर्मी के बीच लगी रही। यहां से दौड़ते-भागते मरीज व परिजन ओपीडी पहुंचे। यहां भी उन्हें कतार में लगना पड़ा। ओपीडी से निकल रहे मरीजों की कतार दवा वितरण काउंटर पर लगती रही। काउंटर के बाहर गोलंबर तक मरीजों की कतार लग गई। इनमें महिलाओं की संख्या अधिक थी।

दवा वितरण काउंटर पर लगे बोर्ड अपडेट नहीं थे। महीना भर पहले बोर्ड के लिखे 33 दवाइयों के नाम अब पूरी तरह मिट चुके हैं। केवल इस बोर्ड पर हर दिन तारीख बदली जा रही है। एक से दो घंटे तक लाइन में लगे रहने के बाद काउंटर से मरीजों को एक-दो दवा ही बमुश्किल मिल पा रही है। मरीजों का कहना था कि काउंटर कर्मियों का उनके प्रति व्यवहार भी ठीक नहीं रहता है। वो ऐसे चिल्लाते व झिड़कते हैं मानो कोई उनसे दवा की भीख मांग रहा हो। दूर-दराज से आए मरीज दवा के लिए परेशान होते रहे। कर्मियों का कहना था कि जो दवा सरकार देगी वही हम देंगे। दवा मिल ही नहीं रही है। दूसरी ओर रजिस्ट्रेशन काउंटर के समीप बैरीके¨डग नहीं होने के कारण मरीजों के बीच अफरा-तफरी की स्थिति बनी रही। सुरक्षा गार्ड भीड़ को नियंत्रित करने में लगे रहे। बुधवार को तीज होने के कारण भीड़ कम रहने की उम्मीद है।

Posted By: Jagran