पटना दानापुर। सेना दिवस पर बिहार रेजिमेंटल सेंटर में झारखंड बिहार सबएरिया के जीओसी मेजर जनरल राजपाल पुनिया व दामिनी पुनिया द्वारा रचित 'आपरेशन खुकरी' पुस्तक का हिदी रूपांतर का विमोचन किया गया। अखौड़ा सभागार आयोजित कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री तारकिशोर प्रसाद, पद्मभूषण शारदा सिन्हा ने पुस्तक का विमोचन किया। 21 साल पूर्व संयुक्त राष्ट्र के शांति सेना के रूप में गए भारतीय सेना की एक अदम्य साहस की विजय गाथा आपरेशन खुकरी में समाहित है। पुस्तक का विमोचन करते हुए उपमुख्यमंत्री ने कहा कि सेना दिवस में उपस्थित होना ही मेरे लिए गर्व की बात है। सैनिकों के बहादुरी के खिस्से बहुत सुने हैं। मेजर जनरल राजपाल पुनिया ने उसे पिरोया है।

उपमुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय सेना के शौर्य गाथा तथा उनके साहस से भरी ऐतिहासिक पृष्ठभूमि हमारे समूची राष्ट्र को सुरक्षा कवच प्रदान करती है। आपरेशन खुकरी भारतीय सेना के लिए बहुत ही सफल आपरेशन था। निवर्तमान मेजर राजपाल पुनिया ने अपनी बहादुरी और आत्मविश्वास से सैनिकों का हौसला बढ़ाते हुए और विद्रोहियों से बातचीत करते रहे। अनजान जंगलों में 75 दिन गुजारना और सभी साथियों को सुरक्षित वापस लेकर आना बेमिसाल है। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि इस पुस्तक को बिहार के विद्यालयों और पुस्तकालय में पहुंचाने के लिए प्रयास किया जाएगा ताकि लोग इसे जान सकें।

शारदा सिन्हा की गीत पर झूमे जवान

अपने मुधर गीत मइया भारती पुकारेली जवान बबुआ, तोहरा हथवां में देशवा के शान बबुआ से शारदा सिन्हा ने जवानो में जोश भर दिया। उन्होंने कहा कि आपरेशन खुकरी पुस्तक लोगों को देशभक्ति के लिए प्रेरित करेगी। उन्होंने कहा कि 1962 के युद्ध में सैनिकों का हौसला बढ़ाने व उनसे मिलने रेलवे स्टेशन पर गयी थी और जवानो को प्रणाम किया था। आज जब हम चैन से रहते हैं तो हमारे सैनिकों की देन है।

मेजर जनरल राजपाल पुनिया ने कहा कि जल्द ही आपरेशन खुकरी बड़े पर्दे पर लोग देखेंगे। यह पुस्तक भारतीय सैनिकों के बहादुरी के वह दास्तान है। इसमें आपरेशन खुकरी की सारी कहानी है। शांति सेना में 17 देश के सेना शामिल थे। विद्रोहियों के आगे 16 देशों ने हथियार डाल दिया था। भारतीय सैनिक ने अपने अदम्य साहस का परिचय देकर जीत हासिल की थी।

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